28 जुलाई 2026
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महाराष्ट्र कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मिलकर SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयसीमा विस्तार की माँग रखी

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महाराष्ट्र कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मिलकर SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयसीमा विस्तार की माँग रखी

सारांश

महाराष्ट्र कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया की एक महीने की समयसीमा को अपर्याप्त बताते हुए चुनाव आयोग से विस्तार माँगा। BLO नियुक्तियाँ अभी भी आधी अधूरी हैं और बीडीडी चॉल जैसी पुनर्विकास परियोजनाओं में विस्थापित नागरिकों के मताधिकार पर सवाल उठाए गए। आयोग ने 30 जून तक सुधार का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने 11 जून 2026 को महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग से SIR मुद्दों पर मुलाकात की।
कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने SIR की एक महीने की समयसीमा को अपर्याप्त बताते हुए विस्तार की माँग रखी।
राज्य में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की केवल 50–55 प्रतिशत नियुक्तियाँ ही पूरी हुई हैं।
चुनाव आयोग ने 30 जून तक सभी BLO नियुक्तियाँ पूरी करने और चिंताओं को दूर करने का आश्वासन दिया।
बीडीडी चॉल पुनर्विकास जैसी परियोजनाओं में विस्थापित नागरिकों के मतदाता अधिकारों की सुरक्षा पर विशेष प्रावधान माँगे गए।

महाराष्ट्र कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने 11 जून 2026 को महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग के प्रमुख से मुलाकात कर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी गंभीर चिंताएँ सामने रखीं। कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने बैठक के बाद कहा कि SIR अभी प्रारंभिक चरण में है और फिलहाल केवल मैपिंग का कार्य हो रहा है, जिसमें भी पर्याप्त पारदर्शिता का अभाव दिख रहा है। आयोग ने पार्टी को आश्वस्त किया कि उठाई गई सभी चिंताओं पर विचार किया जाएगा।

समयसीमा विस्तार की माँग

सपरा ने कहा कि SIR प्रक्रिया के लिए दी गई एक महीने की समयसीमा अपर्याप्त है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके। उनके अनुसार, जल्दबाज़ी में की गई मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के नाम कटने का खतरा बना रहता है।

विकास परियोजनाओं के बीच मतदाता अधिकारों की रक्षा

मुंबई सहित राज्य के कई हिस्सों में बीडीडी चॉल पुनर्विकास और अन्य शहरी विकास योजनाओं के चलते बड़ी संख्या में नागरिकों का पुनर्वास हो रहा है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से पूछा कि ऐसे विस्थापित नागरिकों के लिए क्या विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न हटाया जाए। यह मुद्दा विशेष रूप से संवेदनशील है, क्योंकि पुनर्वासित परिवार अक्सर नए पते पर पंजीकरण कराने में देरी करते हैं।

बूथ लेवल ऑफिसर नियुक्तियों पर सवाल

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी उजागर किया कि अब तक राज्य में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की केवल लगभग 50 से 55 प्रतिशत नियुक्तियाँ ही पूरी हो पाई हैं। सपरा ने इसे एक गंभीर प्रशासनिक कमज़ोरी बताया और कहा कि इससे मतदाता सूची संशोधन की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। आयोग ने आश्वासन दिया कि 30 जून से पहले सभी BLO नियुक्तियाँ पूरी कर ली जाएंगी और प्रक्रिया को पूरी तरह दुरुस्त कर दिया जाएगा।

राजनीतिक टिप्पणी: नेहरू विरासत बनाम वर्तमान नेतृत्व

बैठक के बाद सपरा ने केंद्र सरकार पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत की नींव पंडित जवाहरलाल नेहरू और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे नेताओं ने रखी थी — देश की संस्थागत संरचना, विज्ञान, शिक्षा और प्रशासनिक ढाँचे का निर्माण उसी दौर में हुआ। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार उसी नींव पर निर्माण कर रही है, लेकिन इतिहास को तोड़-मरोड़कर देखना उचित नहीं है। सपरा के अनुसार, तुलना सरकारों के कार्यकाल की नहीं, बल्कि योगदान और त्याग की होनी चाहिए।

आगे क्या होगा

चुनाव आयोग ने कांग्रेस की माँगों पर विचार का वादा किया है और 30 जून तक BLO नियुक्तियाँ पूरी करने की समयसीमा तय की है। SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता और समयसीमा विस्तार पर आयोग का औपचारिक निर्णय आने वाले दिनों में अपेक्षित है। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बिना स्वतंत्र निगरानी तंत्र के यह महज़ एक तारीख बनकर रह सकता है। मुख्यधारा की कवरेज राजनीतिक बयानबाज़ी पर केंद्रित रहती है, जबकि असली मुद्दा यह है कि क्या हर पात्र नागरिक का नाम सूची में सुरक्षित रहेगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

SIR (विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण) क्या है और महाराष्ट्र में यह क्यों हो रहा है?
SIR यानी विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें नए नाम जोड़े जाते हैं और अपात्र या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। महाराष्ट्र में यह प्रक्रिया फिलहाल मैपिंग चरण में है और आगामी चुनावों से पहले सूची को सटीक बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
कांग्रेस ने SIR की समयसीमा बढ़ाने की माँग क्यों की?
कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा के अनुसार, SIR के लिए दी गई एक महीने की समयसीमा पर्याप्त नहीं है, क्योंकि इतने कम समय में पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से नहीं हो सकती। साथ ही BLO नियुक्तियाँ भी अभी आधी-अधूरी हैं, जिससे ज़मीनी स्तर पर काम प्रभावित हो रहा है।
बीडीडी चॉल पुनर्विकास और मतदाता सूची के बीच क्या संबंध है?
बीडीडी चॉल जैसी शहरी पुनर्विकास परियोजनाओं में बड़ी संख्या में परिवारों को अस्थायी या स्थायी रूप से विस्थापित किया जाता है। ऐसे में उनके पुराने पते पर नाम कटने और नए पते पर पंजीकरण न होने का खतरा रहता है, जिससे वे मताधिकार से वंचित हो सकते हैं।
बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) नियुक्तियों की स्थिति क्या है?
कांग्रेस के अनुसार, महाराष्ट्र में अभी तक केवल 50 से 55 प्रतिशत BLO नियुक्तियाँ ही पूरी हुई हैं। चुनाव आयोग ने आश्वासन दिया है कि 30 जून से पहले सभी नियुक्तियाँ पूरी कर ली जाएंगी।
महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने कांग्रेस की माँगों पर क्या रुख अपनाया?
चुनाव आयोग ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उठाई गई सभी चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा और 30 जून से पहले BLO नियुक्तियाँ पूरी कर प्रक्रिया को दुरुस्त किया जाएगा। समयसीमा विस्तार पर आयोग का औपचारिक निर्णय अभी आना बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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