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सुनेत्रा पवार का NCP कार्यकर्ताओं को निर्देश: SIR को गंभीरता से लें, कोई पात्र मतदाता न छूटे

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सुनेत्रा पवार का NCP कार्यकर्ताओं को निर्देश: SIR को गंभीरता से लें, कोई पात्र मतदाता न छूटे

सारांश

महाराष्ट्र में एसआईआर को लेकर सत्तारूढ़ महायुति के सभी घटक दल एक साथ सक्रिय हो गए हैं। NCP अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने 700 से अधिक पार्टी सदस्यों को युद्धस्तर पर काम करने का निर्देश दिया — यह मतदाता सूची की लड़ाई अगले चुनाव की असली तैयारी है।

मुख्य बातें

सुनेत्रा पवार ने 26 मई 2026 को NCP (अजित पवार गुट) के 700 से अधिक सदस्यों को एसआईआर में पूरी गंभीरता से भाग लेने का निर्देश दिया।
सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों में बीएलए को बीएलओ के साथ सहयोग करने को कहा गया।
घर-घर सर्वेक्षण 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच होगा।
पार्टी मंत्री छगन भुजबल , हसन मुश्रीफ और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटिल ने अपने क्षेत्रों में उठाए कदमों की जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल में 64 लाख अपात्र मतदाताओं को हटाए जाने के बाद महाराष्ट्र में भी भाजपा और शिवसेना (शिंदे) ने एसआईआर पर जोर दिया।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने मंगलवार, 26 मई 2026 को पार्टी के मंत्रियों, विधायकों और पदाधिकारियों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को पूरी गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि महाराष्ट्र का कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची से वंचित न रहे।

बैठक में क्या हुआ

राज्य पार्टी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सांसदों, विधायकों और पदाधिकारियों सहित 700 से अधिक पार्टी सदस्यों को एसआईआर की प्रक्रिया, आवश्यक नियमों और बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। बैठक में उपस्थित एक पार्टी पदाधिकारी के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने सभी से 30 जून से 29 जुलाई के बीच — विशेष रूप से घर-घर जाकर की जाने वाली गणना के दौरान — युद्धस्तर पर काम करने को कहा।

बैठक के दौरान पार्टी मंत्री छगन भुजबल और हसन मुश्रीफ तथा पूर्व राज्य विधानसभा अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटिल ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर को लागू करने के लिए पहले से उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की।

मुख्य निर्देश और रणनीति

सुनेत्रा पवार ने निर्देश दिया कि महाराष्ट्र के सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों में ब्लॉक स्तरीय एजेंट (बीएलए) संबंधित ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि इस अवसर का उपयोग जिला, तहसील, ब्लॉक और बूथ स्तर पर पार्टी संगठन को और मजबूत करने के लिए किया जाए।

व्यापक राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि एनसीपी की यह बैठक भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा हाल ही में अपने कार्यकर्ताओं से पश्चिम बंगाल का उदाहरण लेने का आग्रह करने के कुछ दिनों बाद हुई, जहाँ 64 लाख अपात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने भी कार्यकर्ताओं से अधिक भागीदारी का आह्वान किया ताकि कोई पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई अपात्र मतदाता सूची में न जुड़े।

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के सभी घटक दल एसआईआर को चुनावी तैयारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने भी कार्यकर्ताओं को अपने वर्तमान कार्य छोड़कर पूरी तरह एसआईआर पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया है।

आम मतदाताओं पर असर

एसआईआर प्रक्रिया के तहत 30 जून से 29 जुलाई के बीच राज्यभर में घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा। इस दौरान पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ा जाएगा और अपात्र नामों की जाँच की जाएगी। राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी से यह प्रक्रिया आगामी चुनावों की मतदाता सूची की नींव तय करेगी।

आगे क्या

सभी प्रमुख दलों की एक साथ सक्रियता यह संकेत देती है कि महाराष्ट्र में अगले चुनावों से पहले मतदाता सूची की शुद्धता एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। 29 जुलाई तक चलने वाली इस प्रक्रिया के परिणाम राज्य की चुनावी तस्वीर को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्पष्ट चुनावी रणनीति है — मतदाता सूची की शुद्धता के नाम पर संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करना। पश्चिम बंगाल में 64 लाख नाम हटाने का संदर्भ देना यह भी संकेत देता है कि सत्तारूढ़ दल इस प्रक्रिया को विपक्षी आधार को कमज़ोर करने के अवसर के रूप में भी देख सकते हैं। विपक्षी दलों की इस पर चुप्पी या प्रतिक्रिया आने वाले हफ्तों में महत्वपूर्ण होगी। असली सवाल यह है कि क्या यह अभियान वास्तव में पात्र मतदाताओं को जोड़ेगा, या चुनिंदा तरीके से सूची को आकार देने का औज़ार बनेगा।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है — पात्र नए मतदाताओं को जोड़ा जाता है और अपात्र नामों की जाँच की जाती है। महाराष्ट्र में यह प्रक्रिया 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच घर-घर सर्वेक्षण के रूप में होनी है।
सुनेत्रा पवार ने NCP कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिए?
सुनेत्रा पवार ने 700 से अधिक पार्टी सदस्यों को निर्देश दिया कि सभी 288 विधानसभा क्षेत्रों में बीएलए, बीएलओ के साथ मिलकर काम करें और एसआईआर के दौरान युद्धस्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने इसे पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के अवसर के रूप में भी देखा।
इस बैठक में कौन-कौन से वरिष्ठ नेता उपस्थित थे?
बैठक की अध्यक्षता राज्य पार्टी अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने की। इसमें पार्टी मंत्री छगन भुजबल और हसन मुश्रीफ तथा पूर्व राज्य विधानसभा अध्यक्ष दिलीप वलसे पाटिल भी उपस्थित थे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में उठाए गए कदमों की जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल का संदर्भ इस बैठक में क्यों दिया गया?
हाल ही में पश्चिम बंगाल में 64 लाख अपात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे। भाजपा ने इसे उदाहरण के रूप में पेश करते हुए महाराष्ट्र में भी एसआईआर को गंभीरता से लेने का आग्रह किया, जिसके बाद NCP और शिवसेना (शिंदे) ने भी इसी दिशा में अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया।
महाराष्ट्र में एसआईआर का आम मतदाताओं पर क्या असर पड़ेगा?
30 जून से 29 जुलाई के बीच होने वाले घर-घर सर्वेक्षण में पात्र मतदाताओं का नाम सूची में जोड़ा जाएगा और अपात्र नामों की समीक्षा होगी। इस प्रक्रिया का सीधा असर आगामी चुनावों की मतदाता सूची पर पड़ेगा, इसलिए नागरिकों को अपने दस्तावेज़ तैयार रखने की सलाह दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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