12 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

महाराष्ट्र में एसआईआर एक महीने टालें: कांग्रेस का मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र, वारकरी मतदाताओं के नाम कटने का खतरा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
महाराष्ट्र में एसआईआर एक महीने टालें: कांग्रेस का मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र, वारकरी मतदाताओं के नाम कटने का खतरा

सारांश

आषाढ़ी वारी के दौरान लाखों वारकरी घर से दूर होते हैं — ठीक उसी समय एसआईआर का दूसरा चरण निर्धारित है। कांग्रेस का कहना है कि यह टकराव लाखों मतदाताओं का मताधिकार छीन सकता है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी का जवाब तय करेगा कि आगे क्या होता है।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने 27 मई 2026 को मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस.
चोकलिंगम को पत्र लिखा।
एसआईआर का दूसरा चरण 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच निर्धारित है; कांग्रेस ने इसे एक महीने टालने की माँग की।
पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के 20 से अधिक जिलों के लाखों वारकरी इस दौरान पंढरपुर पदयात्रा पर होते हैं।
महाराष्ट्र में एसआईआर मानचित्रण कार्य अब तक 72 प्रतिशत पूरा; शेष 19 जून 2026 तक जारी रहेगा।
मौसम विभाग के अनुसार मुंबई, कोंकण, पुणे, सतारा में जुलाई में भारी बारिश की संभावना भी स्थगन की एक वजह।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने बुधवार, 27 मई 2026 को महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम को पत्र लिखकर आग्रह किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दूसरे चरण को — जो 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच निर्धारित है — कम से कम एक महीने के लिए स्थगित किया जाए। पार्टी का तर्क है कि इसी अवधि में आषाढ़ी वारी पर्व पड़ता है, जिसके दौरान लाखों वारकरी श्रद्धालु अपने घरों से दूर पंढरपुर की पदयात्रा पर होते हैं, और उनके नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से हटने का गंभीर खतरा है।

मुख्य घटनाक्रम

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को लिखे पत्र में बताया कि चुनाव आयोग ने 14 मई 2026 को एसआईआर कार्यक्रम की घोषणा की थी। आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र में मानचित्रण कार्य अब तक लगभग 72 प्रतिशत पूरा हो चुका है और यह 19 जून 2026 तक जारी रहेगा। इसके बाद दूसरे चरण में 30 जून से 29 जुलाई 2026 के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित करेंगे और एकत्र करेंगे।

वारकरी समुदाय पर असर

सपकाल ने रेखांकित किया कि महाराष्ट्र में वारकरी समुदाय की बड़ी आबादी है। पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के 20 से अधिक जिलों से लाखों वारकरी विभिन्न दिंडियों (जुलूसों) में पैदल पंढरपुर की यात्रा करते हैं। उनके अनुसार, यदि बीएलओ इस अवधि में घर-घर भ्रमण करें और श्रद्धालु घर पर न मिलें, तो उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का खतरा है — जो उनके मताधिकार के लिए सीधा खतरा होगा।

मौसम की चुनौती

सपकाल ने एक अतिरिक्त कारण भी सामने रखा: मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मुंबई महानगर क्षेत्र, कोंकण, पुणे और सतारा क्षेत्रों में जुलाई में भारी बारिश की संभावना है। इससे बीएलओ का घर-घर सर्वेक्षण व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाएगा और जनजीवन अस्त-व्यस्त रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में मानसून की तीव्रता पहले से ही चर्चा का विषय बनी हुई है।

कांग्रेस की माँग

इन सभी कारकों को आधार बनाते हुए, हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से आग्रह किया है कि एसआईआर के दूसरे चरण को एक महीने के लिए स्थगित किया जाए ताकि वारकरी श्रद्धालुओं और भारी बारिश प्रभावित क्षेत्रों के मतदाताओं का नाम सूची में सुरक्षित रह सके। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यह माँग किसी राजनीतिक एजेंडे से नहीं, बल्कि मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए की जा रही है।

आगे क्या होगा

अब सभी की निगाहें मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम के जवाब पर टिकी हैं। यदि आयोग कांग्रेस की माँग पर विचार नहीं करता, तो पार्टी इस मुद्दे को चुनाव आयोग के उच्च स्तर तक ले जाने की संभावना से इनकार नहीं कर रही। गौरतलब है कि मतदाता सूची की शुद्धता और समावेशिता को लेकर महाराष्ट्र में पहले भी विवाद उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

न महज राजनीतिक शिकायत। असली सवाल यह है कि चुनाव आयोग ने कार्यक्रम बनाते समय इन स्थानीय सामाजिक-धार्मिक वास्तविकताओं को क्यों नहीं आँका। महाराष्ट्र में मतदाता सूची की विश्वसनीयता पहले भी विवादों में रही है; यदि वारकरी जैसे बड़े समुदाय के नाम बड़े पैमाने पर हटे, तो यह भविष्य के चुनावों में गंभीर प्रश्न खड़े करेगा।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में एसआईआर प्रक्रिया क्या है और इसे क्यों स्थगित करने की माँग हो रही है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसमें बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूची को अद्यतन करते हैं। कांग्रेस की माँग है कि इसका दूसरा चरण (30 जून–29 जुलाई) स्थगित हो क्योंकि इसी दौरान लाखों वारकरी पंढरपुर पदयात्रा पर होते हैं और घर पर नहीं मिलते, जिससे उनके नाम सूची से हट सकते हैं।
आषाढ़ी वारी पर्व एसआईआर को कैसे प्रभावित करता है?
आषाढ़ी वारी के दौरान पश्चिमी महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के 20 से अधिक जिलों के लाखों वारकरी श्रद्धालु पैदल पंढरपुर की यात्रा पर निकल जाते हैं। यदि बीएलओ इस अवधि में घर-घर भ्रमण करें और श्रद्धालु घर पर न मिलें, तो प्रक्रिया के तहत उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का खतरा है।
हर्षवर्धन सपकाल ने पत्र में और क्या कहा?
सपकाल ने मौसम विभाग के हवाले से बताया कि जुलाई में मुंबई महानगर क्षेत्र, कोंकण, पुणे और सतारा में भारी बारिश की संभावना है, जिससे बीएलओ का सर्वेक्षण कार्य व्यावहारिक रूप से बाधित होगा। उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम से एसआईआर को कम से कम एक महीने टालने का आग्रह किया।
महाराष्ट्र में एसआईआर का पहला चरण कब तक चलेगा?
चुनाव आयोग के अनुसार, महाराष्ट्र में मानचित्रण का काम 19 जून 2026 तक जारी रहेगा और अब तक लगभग 72 प्रतिशत पूरा हो चुका है। दूसरा चरण 30 जून से 29 जुलाई 2026 के बीच निर्धारित है।
क्या चुनाव आयोग ने कांग्रेस की माँग पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक मुख्य निर्वाचन अधिकारी एस. चोकलिंगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि माँग पर विचार नहीं हुआ तो वह इस मुद्दे को उच्च स्तर पर उठा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले