हेमा मालिनी के 60 साल: अनूप जलोटा बोले — शास्त्रीय नृत्य और धर्मेंद्र ने जीवन को बनाया अनमोल
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी के हिंदी सिनेमा में 60 वर्षों के सफर का जश्न 10 जुलाई को मुंबई में मनाया गया, जिसमें मशहूर भजन गायक अनूप जलोटा ने उनकी बहुआयामी प्रतिभा को अद्वितीय बताया। जलोटा ने कहा कि हेमा मालिनी का जीवन और करियर इतना विस्तृत और विविधताओं से भरा है कि इसे महज तीन-चार घंटे के कार्यक्रम में पूरी तरह समेट पाना संभव नहीं।
शास्त्रीय नृत्य में अंतरराष्ट्रीय पहचान
कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में अनूप जलोटा ने कहा, 'उनके जीवन में बहुत सारे गीत और फिल्में हैं। उनका काम बिल्कुल अलग रहा है। इसके साथ ही उनका शास्त्रीय नृत्य भी अद्भुत है। बहुत कम अभिनेत्रियाँ ऐसी हैं, जिन्होंने शास्त्रीय नृत्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया है। नृत्य के क्षेत्र में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है।' जलोटा के अनुसार, भरतनाट्यम में हेमा मालिनी की निपुणता उन्हें बॉलीवुड की अधिकांश समकालीन अभिनेत्रियों से अलग करती है।
धर्मेंद्र की भूमिका और जीवन की दिलचस्प कहानी
जलोटा ने दिवंगत अभिनेता धर्मेंद्र के हेमा मालिनी के जीवन में महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'इसके साथ ही धरमजी भी उनके जीवन का हिस्सा बने। इन सबको मिलाकर हेमा की जिंदगी बेहद दिलचस्प बन जाती है।' गौरतलब है कि दोनों की मुलाकात 1960 के दशक के अंत में फिल्मों की शूटिंग के दौरान हुई थी और आगे चलकर उनकी प्रेम कहानी बॉलीवुड की सबसे चर्चित दास्तानों में शामिल हो गई। दोनों ने 'शोले', 'ड्रीम गर्ल', 'चरस', 'राजा जानी', 'जुगनू', 'आजाद' और 'द बर्निंग ट्रेन' जैसी कई फिल्मों में साथ काम किया।
60 साल का स्वर्णिम सिनेमाई सफर
हेमा मालिनी ने वर्ष 1968 में फिल्म 'सपनों का सौदागर' से हिंदी सिनेमा में प्रवेश किया था। इसके बाद 'सीता और गीता', 'शोले', 'ड्रीम गर्ल', 'सत्ते पे सत्ता', 'द बर्निंग ट्रेन', 'क्रांति', 'त्रिशूल' और 'बागबान' जैसी दर्जनों यादगार फिल्मों में अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवाया। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी सिनेमा में छह दशकों तक सक्रिय रहने वाली अभिनेत्रियाँ विरले ही होती हैं।
नृत्य नाटिकाओं से भारतीय संस्कृति की सेवा
अभिनय से परे, हेमा मालिनी ने भरतनाट्यम नृत्यांगना के रूप में देश-विदेश में ख्याति अर्जित की है। उन्होंने भारतीय पौराणिक और आध्यात्मिक विषयों पर आधारित कई नृत्य नाटिकाओं का निर्देशन और मंचन किया, जिनमें 'मीरा' और 'गंगा' विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
जश्न में बोले अनूप जलोटा — गीतों से सजाएँगे यात्रा
अनूप जलोटा ने बताया कि वह इस समारोह में हेमा मालिनी के जीवन और करियर के अलग-अलग पड़ावों को दर्शाने वाले कुछ विशेष गीतों की प्रस्तुति देंगे। उन्होंने कहा कि इन गीतों के माध्यम से दर्शकों को उनकी लंबी और प्रेरणादायक यात्रा की झलक दिखाने की कोशिश की जाएगी। 10 जुलाई को मुंबई में आयोजित इस जश्न में मनोरंजन जगत की अनेक हस्तियाँ शामिल हुईं और उन्होंने हेमा मालिनी के सिनेमा, नृत्य और भारतीय संस्कृति में योगदान को याद किया।