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हेमा मालिनी ने किया धर्मेंद्र को याद: '60 साल के सफर में उन्होंने कभी रुकने नहीं दिया'

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हेमा मालिनी ने किया धर्मेंद्र को याद: '60 साल के सफर में उन्होंने कभी रुकने नहीं दिया'

सारांश

60 साल के फिल्मी सफर के जश्न पर हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र को भावुकता से याद किया। उन्होंने बताया कि धर्म जी की एक बात — 'रुकना मत' — ने उन्हें हर मुश्किल दौर में आगे बढ़ने की ताकत दी। 'बसंती' से मथुरा की सांसद तक का यह सफर प्रेम और प्रेरणा की अनूठी दास्तान है।

मुख्य बातें

हेमा मालिनी ने 10 जुलाई को मुंबई में दिए विशेष इंटरव्यू में दिवंगत पति धर्मेंद्र को भावुकता से याद किया।
यह इंटरव्यू उनके 60 साल के फिल्मी सफर के जश्न में आयोजित 'हेमा मालिनी: लाइव इन कॉन्सर्ट' से पहले हुआ।
धर्मेंद्र हमेशा कहते थे — 'रुकना मत, बस इसी तरह आगे बढ़ती रहो' — यही प्रेरणा उनकी सफलता की नींव रही।
हेमा मालिनी का 'बसंती' किरदार दशकों बाद भी मथुरा में उनके चाहने वालों के दिलों में जिंदा है।
सांसद बनने के बाद मथुरा की जनसेवा को उन्होंने अपने जीवन का अहम हिस्सा बताया।

हेमा मालिनी ने अपने 60 साल के फिल्मी करियर के जश्न के मौके पर दिवंगत पति और अभिनेता धर्मेंद्र को भावुकता से याद किया और बताया कि उनके अटूट प्रोत्साहन ने ही उन्हें हर दौर में सक्रिय बनाए रखा। 10 जुलाई को मुंबई में आयोजित खास कार्यक्रम 'हेमा मालिनी: लाइव इन कॉन्सर्ट' से पहले दिए गए एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने अपने जीवन के कई अनछुए पहलुओं को साझा किया।

छह दशकों का अनूठा सफर

हेमा मालिनी ने अपने करियर को याद करते हुए कहा, '70 और 80 का दशक मेरे लिए काफी व्यस्त दौर था। मैंने लगातार कई फिल्मों में काम किया। इसके बाद कुछ समय का ब्रेक आया, फिर मैंने 'बागबान' और कुछ अन्य फिल्मों में काम किया। हालांकि, मैं कभी खाली नहीं रही — डांस शो, बैले और कई दूसरी चीजों में लगातार व्यस्त रही।' उन्होंने यह भी बताया कि मथुरा से सांसद बनने के बाद उनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया, जहाँ जनसेवा उनकी प्राथमिकता बन गई।

धर्मेंद्र का अटूट साथ और प्रेरणा

धर्मेंद्र के निधन के बाद भी हेमा मालिनी उनसे जुड़ी यादों को संजोए हुए हैं। उन्होंने इंटरव्यू में कहा, 'धर्म जी हमेशा मुझसे कहते थे कि कभी यह मत सोचना कि फिल्में कम कर रही हो, इसलिए सब खत्म हो गया है। तुम अपने डांस शो कर रही हो, दूसरी कई चीजों में हिस्सा ले रही हो — रुकना मत, बस इसी तरह आगे बढ़ती रहो।' हेमा मालिनी ने बताया कि धर्मेंद्र को यह देखकर हमेशा खुशी होती थी कि वे किसी न किसी काम में व्यस्त रहती हैं और वे उनकी हर कोशिश की सराहना करते थे।

'बसंती' आज भी जिंदा है दर्शकों के दिलों में

हेमा मालिनी ने खुलासा किया कि दशकों बाद भी लोग उन्हें उनके चर्चित किरदार 'बसंती' के रूप में ही पहचानते हैं। उन्होंने कहा, 'मथुरा में मेरे क्षेत्र के लोग अक्सर मुझसे कहते हैं कि बसंती का कोई डायलॉग बोलिए। इतने साल बीत जाने के बाद भी लोगों के दिलों में वह किरदार आज भी जिंदा है — यह मेरे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है।'

सांसद से कलाकार तक: बहुआयामी पहचान

हेमा मालिनी ने स्पष्ट किया कि उनकी पहचान केवल एक अभिनेत्री तक सीमित नहीं है। पहले फिल्मों, डांस और मंचीय प्रस्तुतियों के ज़रिए लोगों का मनोरंजन करने वाली हेमा मालिनी आज मथुरा की जनता की सेवा में खुद को समर्पित मानती हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद को सौभाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें जनता की सेवा करने का अवसर मिला।

आगे का सफर

'हेमा मालिनी: लाइव इन कॉन्सर्ट' उनके 60 साल के शानदार सिनेमाई सफर का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। धर्मेंद्र का भरोसा और प्रोत्साहन ही वह नींव थी जिसने हेमा मालिनी को हर दौर में सक्रिय और ऊर्जावान बनाए रखा — और यही उनकी दीर्घायु सफलता का असली राज़ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि भारतीय मतदाता अपने नेताओं में सांस्कृतिक प्रतीक भी देखता है। 60 साल की यह यात्रा केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि भारतीय मनोरंजन और राजनीति के अंतरसंबंध का एक दिलचस्प दस्तावेज़ भी है।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के बारे में क्या कहा?
हेमा मालिनी ने बताया कि धर्मेंद्र हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करते थे और कहते थे — 'रुकना मत, बस इसी तरह आगे बढ़ती रहो।' उनका यह भरोसा और सराहना ही हेमा मालिनी को हर दौर में सक्रिय बनाए रखने की असली प्रेरणा थी।
हेमा मालिनी का 'लाइव इन कॉन्सर्ट' कार्यक्रम किस उपलक्ष्य में है?
'हेमा मालिनी: लाइव इन कॉन्सर्ट' उनके 60 साल के शानदार सिनेमाई सफर का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम उनके फिल्मी, मंचीय और सांस्कृतिक योगदान को एक साथ सम्मानित करता है।
हेमा मालिनी का 'बसंती' किरदार आज भी क्यों लोकप्रिय है?
हेमा मालिनी के अनुसार, मथुरा में उनके क्षेत्र के लोग आज भी उनसे 'बसंती' के डायलॉग सुनाने की फरमाइश करते हैं। इतने दशकों बाद भी यह किरदार दर्शकों के दिलों में जिंदा है, जिसे वे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि मानती हैं।
हेमा मालिनी राजनीति में कैसे आईं और उनका मथुरा से क्या संबंध है?
हेमा मालिनी मथुरा से सांसद हैं और उन्होंने बताया कि सांसद बनने के बाद उनकी जिंदगी ने एक नया मोड़ लिया। वे अब जनता की सेवा को अपने जीवन का अहम हिस्सा मानती हैं और खुद को सौभाग्यशाली कहती हैं कि उन्हें यह अवसर मिला।
हेमा मालिनी के 60 साल के करियर में कौन-कौन से पड़ाव रहे?
हेमा मालिनी ने 70-80 के दशक में लगातार सुपरहिट फिल्में दीं, फिर 'बागबान' जैसी फिल्मों में वापसी की। इसके साथ-साथ डांस शो, बैले और मंचीय प्रस्तुतियाँ उनके करियर का अभिन्न हिस्सा रहीं, और बाद में राजनीति में प्रवेश ने उनकी पहचान को एक नया आयाम दिया।
राष्ट्र प्रेस
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