हेमा मालिनी की खूबसूरती देख हैरान रह गई थीं पूनम ढिल्लों, धर्मेंद्र के 'पाजी' वाले किस्से पर खुलकर बोलीं
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने एक खास बातचीत में हिंदी सिनेमा की दो दिग्गज हस्तियों — हेमा मालिनी और धर्मेंद्र — से जुड़ी अपनी निजी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में पहला कदम रखा, तो उन्हें सितारों की इस चकाचौंध भरी दुनिया की कोई खास समझ नहीं थी — लेकिन काम के दौरान इन महान कलाकारों को करीब से जानने का मौका मिला।
हेमा मालिनी की खूबसूरती ने किया था मंत्रमुग्ध
पूनम ढिल्लों ने बताया कि उनकी पहली फिल्म 'त्रिशूल' का पहला शॉट अमिताभ बच्चन के साथ था। लेकिन जब पहली बार हेमा मालिनी के साथ काम करने का अवसर मिला, तो वे उनकी खूबसूरती देखकर अवाक रह गईं। पूनम ने कहा, 'मैं उनके चेहरे से अपनी नजर नहीं हटा पा रही थी। उनकी आंखें, उनके होंठ और उनकी पूरी पर्सनैलिटी काफी आकर्षक थी। आज भी हेमा मालिनी उतनी ही खूबसूरत लगती हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि आज भी जो लड़कियाँ अभिनेत्री बनने का सपना देखती हैं, वे कहीं न कहीं हेमा मालिनी जैसी बनने की इच्छा ज़रूर रखती हैं। पूनम ने हेमा मालिनी के साथ 'दर्द' — जिसमें राजेश खन्ना डबल रोल में थे — और 'एक चादर मैली सी' जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने बताया कि फिल्मों के बाहर भी हेमा मालिनी हमेशा बेहद प्यार और अपनेपन से मिलती थीं।
धर्मेंद्र और 'पाजी' वाला मजेदार किस्सा
पूनम ढिल्लों ने धर्मेंद्र से जुड़ा एक दिलचस्प वाकया भी सुनाया। उन्होंने बताया कि उन्होंने धर्मेंद्र के साथ छह-सात फिल्मों में काम किया, हालांकि कभी रोमांटिक लीड के तौर पर नहीं। एक बार ऊटी में किसी फिल्म की शूटिंग के दौरान अभिनेत्री स्मिता पाटिल भी सेट पर मौजूद थीं। सेट पर सभी धर्मेंद्र को प्यार से 'धर्म पाजी' कहकर बुलाते थे, जिसे देखकर पूनम और स्मिता भी उन्हें 'पाजी' कहने लगीं।
पूनम ने बताया, 'एक दिन धर्मेंद्र ने मजाक में कहा — इन कुड़ियों को बोलो मुझे पाजी न कहा करें।' उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र के साथ हमेशा एक खास अपनापन भरा रिश्ता महसूस होता था और जब भी वे मिलते थे, खुशी से मिलते थे। पूनम ने यह भी जोड़ा कि उन्होंने सनी देओल के साथ भी कई फिल्मों में काम किया है।
बदलती इंडस्ट्री और बढ़ती प्रतिस्पर्धा
पूनम ढिल्लों ने फिल्म इंडस्ट्री के बदलते परिदृश्य पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज काम कम नहीं हुआ, बल्कि फिल्मों, टेलीविजन और OTT प्लेटफॉर्म्स के कारण पहले से कहीं ज़्यादा बढ़ गया है। साथ ही, अभिनेताओं की संख्या भी तेज़ी से बढ़ी है।
उन्होंने कहा, 'पहले ज़्यादातर मुंबई बेस्ड लोग ही इंडस्ट्री में आते थे, लेकिन अब इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए उत्तर प्रदेश, बिहार या पंजाब में बैठा कोई भी टैलेंटेड इंसान सीधे फिल्ममेकर्स तक पहुँच सकता है।' उनके अनुसार, पुराने कलाकारों को कभी-कभी काम कम लगने का एहसास होता है, लेकिन असल में काम बढ़ा है — बस विकल्प ज़्यादा हो गए हैं।
विवादों से दूर, बातचीत से हल
पूनम ढिल्लों ने इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर्स और टेक्नीशियंस के बीच होने वाले टकरावों पर चिंता जताई। उनका मानना है कि किसी भी विवाद का खामियाजा उन छोटे लोगों को नहीं भुगतना चाहिए जो रोज़ काम करके अपना घर चलाते हैं। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री की हर समस्या का समाधान बातचीत और समझदारी से निकलना चाहिए।