हेमा मालिनी सच में 'ड्रीम गर्ल' हैं: पद्मिनी कोल्हापुरे ने साझा किए 1977 की फिल्म के अनमोल किस्से
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे ने हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी के साथ अपनी पुरानी यादों को ताज़ा करते हुए कहा कि वह सच में 'ड्रीम गर्ल' हैं — सिर्फ पर्दे पर नहीं, बल्कि असल ज़िंदगी में भी। 29 मई को दिए एक इंटरव्यू में पद्मिनी ने 1977 की फिल्म 'ड्रीम गर्ल' के सेट की यादें साझा कीं और हेमा मालिनी की खूबसूरती, अभिनय-प्रतिभा और दशकों लंबे करियर की खुलकर तारीफ की।
मुलाकात जो यादगार बन गई
पद्मिनी कोल्हापुरे ने बताया, 'मेरी हेमा मालिनी के साथ कई खूबसूरत यादें जुड़ी हुई हैं। मैंने फिल्म 'ड्रीम गर्ल' में हेमा मालिनी के साथ काम किया था। उस समय मैं काफी छोटी थी और शायद 16 या 17 साल की रही होंगी। इसी फिल्म के बाद हेमा मालिनी को 'ड्रीम गर्ल' का टैग मिला और फिर पूरी फिल्म इंडस्ट्री में वह इसी नाम से मशहूर हो गईं।' यह वह दौर था जब पद्मिनी बाल कलाकार के रूप में बॉलीवुड में अपनी पहचान बना रही थीं।
हेमा मालिनी की स्क्रीन प्रेजेंस पर राय
पद्मिनी ने हेमा मालिनी की अदाकारी को शब्दों में बाँधते हुए कहा, 'हेमा मालिनी की खूबसूरती और स्क्रीन प्रेजेंस इतनी खास थी कि लोग उन्हें देखते ही रह जाते थे। बहुत कम कलाकार ऐसे होते हैं, जिनमें अभिनय, व्यक्तित्व और सुंदरता का ऐसा मेल देखने को मिलता है।' उन्होंने यह भी कहा कि फिल्मों के बाद हेमा मालिनी अब राजनीति में सक्रिय हैं और लोगों की आवाज़ उठाने का काम कर रही हैं।
फिल्म 'ड्रीम गर्ल' (1977) की पृष्ठभूमि
फिल्म 'ड्रीम गर्ल' 1977 में रिलीज़ हुई थी और इसका निर्देशन प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था। इस फिल्म में हेमा मालिनी ने एक नहीं, बल्कि कई अलग-अलग किरदार निभाए — सपना, पद्मा, चंपाबाई और राजकुमारी। फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द बुनी गई थी जो अनाथ बच्चों की मदद के लिए अलग-अलग रूप धारण करती है। इसी फिल्म ने हेमा मालिनी को 'ड्रीम गर्ल' की स्थायी पहचान दी।
पद्मिनी कोल्हापुरे का अपना सफर
फिल्म 'ड्रीम गर्ल' में पद्मिनी कोल्हापुरे ने बाल कलाकार के रूप में छोटी-सी भूमिका निभाई थी, लेकिन उनकी मासूमियत और स्वाभाविक अभिनय ने दर्शकों का ध्यान खींचा। आगे चलकर उन्होंने 'प्रेम रोग', 'प्यार झुकता नहीं', 'वो सात दिन', 'आहिस्ता आहिस्ता' और 'सौतन' जैसी फिल्मों से 80 के दशक की सबसे सफल और प्रतिभाशाली अभिनेत्रियों में अपनी गिनती करवाई। गौरतलब है कि उनका यह सफर एक बाल कलाकार से लेकर शीर्ष अभिनेत्री तक का रहा, जो हिंदी सिनेमा में बेहद कम देखने को मिलता है।
दशकों बाद भी अटूट रिश्ता
पद्मिनी कोल्हापुरे ने कहा कि इतने लंबे समय तक लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखना आसान नहीं होता, और हेमा मालिनी ने यह मुकाम अपनी मेहनत और प्रतिभा से हासिल किया है। यह बातचीत दो पीढ़ियों के बीच के उस अनकहे रिश्ते को उजागर करती है, जो बॉलीवुड के स्वर्णिम दौर में एक साझा फिल्म की बदौलत बना था।