सायरा बानो ने हेमा मालिनी की खूबसूरती से मंत्रमुग्ध होने की बातें कीं, 1966 की मुलाकात को याद किया
सारांश
Key Takeaways
मुंबई, 3 मई (राष्ट्र प्रेस)। दिग्गज अभिनेत्री सायरा बानो ने हाल ही में अपने घर पर हेमा मालिनी की मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया पर गहरी यादें साझा कीं। इस पुनर्मिलन के अवसर पर उन्होंने 1966 में राज कपूर की फिल्म 'दीवाना' की शूटिंग के दौरान पहली मुलाकात को याद किया और स्वीकार किया कि 'ड्रीम गर्ल' की खूबसूरती ने उन्हें पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर दिया था।
पुरानी यादों का पुनर्जागरण
सायरा बानो ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि जब हेमा मालिनी अपनी चचेरी बहन प्रभा के साथ पहली बार उनके घर आईं, तो उनका दिल खुशी से झूम उठा। दोबारा मुलाकात में भी हेमा उतनी ही सुंदर दिखीं, जिससे उन्हें सिनेमाटिक सेट पर पहली मुलाकात की यादें ताज़ा हो गईं। गौरतलब है कि यह मुलाकात 60 साल से अधिक समय बाद हुई थी।
कृष्णा राज सागर बांध पर बिताए दिन
सायरा बानो ने बताया कि फिल्म शूटिंग के बाद वह और हेमा कुछ बार फिर से मिलीं। उन्होंने कृष्णा राज सागर बांध पर बिताए समय को विशेष रूप से याद किया, जहाँ उनके कमरे अगल-बगल थे। वहाँ वह घंटों बरामदे में बैठकर सौंदर्य, त्वचा की देखभाल और दैनिक जीवन की छोटी-छोटी बातों पर चर्चा करती थीं। इन बातचीत में उनकी माताएँ भी शामिल होती थीं, जो अपने ज्ञान और स्थिरता से इन पलों को और भी सार्थक बना देती थीं।
धर्मेंद्र और दिलीप कुमार के प्रति स्नेह
सायरा बानो ने अपनी पोस्ट में धर्मेंद्र की गर्मजोशी और दिलीप कुमार के प्रति उनके सच्चे स्नेह का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि दिलीप साहब के प्रति धर्मेंद्र का प्रेम और सम्मान कभी प्रकट करने की ज़रूरत नहीं पड़ी; यह उनके बोलने के तरीके और भीतरी गहरे सम्मान से ही स्पष्ट हो जाता था। यह टिप्पणी उस पीढ़ी के सिनेमा जगत में पारस्परिक सम्मान और स्नेह की परंपरा को दर्शाती है।
सिनेमा का स्वर्णयुग
सायरा बानो की ये यादें हिंदी सिनेमा के उस दौर को प्रतिबिंबित करती हैं जब फिल्मों के सेट पर सहकलाकारों के बीच गहरे रिश्ते बनते थे। उनकी इंस्टाग्राम पोस्ट न केवल व्यक्तिगत स्मृतियों का दस्तावेज़ है, बल्कि 1960 के दशक की बॉलीवुड की सांस्कृतिक विरासत को भी संरक्षित करता है। इस तरह की साझेदारी आज के डिजिटल युग में सिनेमा के प्रति दर्शकों के जुड़ाव को भी बढ़ाती है।