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गर्मी में ठंडई के फायदे: बादाम-केसर का यह देसी पेय कोल्ड ड्रिंक से बेहतर क्यों है

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गर्मी में ठंडई के फायदे: बादाम-केसर का यह देसी पेय कोल्ड ड्रिंक से बेहतर क्यों है

सारांश

जब गर्मी चरम पर हो और बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स सेहत पर भारी पड़ें, तो सदियों पुरानी ठंडई एक बेहतर विकल्प बनकर उभरती है। बादाम, केसर, सौंफ और गुलाब की पंखुड़ियों से बना यह देसी पेय न सिर्फ प्यास बुझाता है बल्कि पाचन, इम्युनिटी और मानसिक शांति में भी मददगार है।

मुख्य बातें

स्वास्थ्य विशेषज्ञ गर्मी में बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स की जगह घर की ठंडई पीने की सलाह देते हैं।
ठंडई बादाम, केसर, सौंफ, खसखस, गुलाब की पंखुड़ियों और विभिन्न मगजों से बनती है — इसमें कोई केमिकल या कृत्रिम रंग नहीं होता।
यह पेय पाचन तंत्र को मजबूत करता है, इम्युनिटी बढ़ाता है, थकान दूर करता है और त्वचा को चमकदार बनाता है।
बाजार की पैकेट ठंडई और कोल्ड ड्रिंक्स में अत्यधिक चीनी होती है, जिससे वजन बढ़ने और पेट की गड़बड़ी का खतरा रहता है।
ठंडई बनाने के लिए सामग्री को 2-3 घंटे पानी में भिगोकर पीसें और ठंडे दूध में मिलाकर सर्व करें।

देश के कई हिस्सों में इन दिनों गर्मी का प्रकोप चरम पर है और तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ बाजार के डिब्बाबंद कोल्ड ड्रिंक्स की जगह घर में बनी पारंपरिक ठंडई पीने की सलाह दे रहे हैं, जो स्वाद के साथ-साथ प्राकृतिक ठंडक और एनर्जी भी प्रदान करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पेय बादाम, केसर, सौंफ, खसखस और गुलाब की पंखुड़ियों जैसी पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से बनता है, जो गर्मी में तन-मन दोनों को तरोताजा रखता है।

ठंडई क्यों है कोल्ड ड्रिंक से बेहतर

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बाजार में मिलने वाले कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट वाली ठंडई में चीनी की मात्रा अत्यधिक होती है, जिससे वजन बढ़ने, पेट की गड़बड़ी और थकान जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। इसके विपरीत, घर पर बनी ठंडई में कोई केमिकल या कृत्रिम रंग नहीं होता। यह पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से तैयार होती है, जो शरीर को नुकसान पहुँचाने की बजाय पोषण देती है।

गौरतलब है कि भारत में ठंडई सदियों पुरानी पारंपरिक पेय परंपरा का हिस्सा है, जो विशेष रूप से होली और गर्मियों के त्योहारों में प्रचलित रही है। यह ऐसे समय में और भी प्रासंगिक हो जाती है जब शहरी उपभोक्ता तेजी से प्रोसेस्ड पेय पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

ठंडई के प्रमुख स्वास्थ्य लाभ

विशेषज्ञों के मुताबिक, घर की ठंडई के सेवन से कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। यह पेय शरीर को तुरंत प्राकृतिक ठंडक पहुँचाता है और ऊर्जा का स्तर बनाए रखता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद सामग्री पाचन तंत्र को मजबूत करती है और इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक होती है।

ठंडई में उपस्थित केसर और बादाम दिमाग को शांत रखते हैं, जबकि गुलाब की पंखुड़ियाँ त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करती हैं। थकान दूर करने और मूड बेहतर रखने में भी यह पेय प्रभावी माना जाता है।

ठंडई बनाने की आसान विधि

घर पर ठंडई बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्री की आवश्यकता होती है — सौंफ, खसखस, काली मिर्च, इलायची, तरबूज-खरबूज-कद्दू के मगज, बादाम, काजू, पिस्ता, केसर और गुलाब की पंखुड़ियाँ। सबसे पहले इन सभी सामग्रियों को साफ करके 2-3 घंटे या रात भर पानी में भिगो दें।

भिगोई हुई सामग्री को मिक्सी में बारीक पीसकर पेस्ट तैयार करें। एक जग में ठंडा दूध लें और उसमें यह पेस्ट अच्छी तरह मिला दें। स्वादानुसार चीनी या गुड़ डालें। अंत में केसर, गुलाब की पंखुड़ियाँ, बर्फ के टुकड़े और ऊपर से कटे बादाम-पिस्ता छिड़ककर सर्व करें।

किन लोगों को विशेष लाभ

जो लोग गर्मी में अत्यधिक थकान, निर्जलीकरण या पाचन संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं, उनके लिए ठंडई विशेष रूप से फायदेमंद बताई जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह एक सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प है, बशर्ते इसे सीमित मात्रा में और बिना अत्यधिक चीनी के तैयार किया जाए। आने वाले गर्मी के महीनों में इस देसी पेय को अपनी दिनचर्या में शामिल करना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे महज एक रेसिपी तक सीमित कर देती है। असली सवाल यह है कि जब भारत का खाद्य एवं पेय बाजार तेजी से प्रोसेस्ड ड्रिंक्स की ओर बढ़ रहा है, तो क्या घरेलू परंपराएँ टिक पाएँगी? स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और बढ़ती जागरूकता के बावजूद, शहरी युवा वर्ग अभी भी ब्रांडेड पेय को प्राथमिकता देता है। ठंडई को पुनर्जीवित करने के लिए जरूरी है कि इसे सिर्फ त्योहारी पेय न मानकर रोजमर्रा की सेहत से जोड़ा जाए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ठंडई पीने के क्या-क्या फायदे हैं?
घर की ठंडई शरीर को प्राकृतिक ठंडक और एनर्जी देती है, पाचन सुधारती है, इम्युनिटी बढ़ाती है और थकान दूर करती है। इसमें मौजूद केसर और बादाम दिमाग को शांत रखते हैं तथा गुलाब की पंखुड़ियाँ त्वचा के लिए लाभकारी मानी जाती हैं।
घर की ठंडई और बाजार के कोल्ड ड्रिंक में क्या फर्क है?
घर की ठंडई पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री से बनती है और इसमें कोई केमिकल या कृत्रिम रंग नहीं होता। बाजार के कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेट ठंडई में अत्यधिक चीनी होती है, जिससे वजन बढ़ने और पेट की गड़बड़ी का खतरा रहता है।
ठंडई बनाने की आसान विधि क्या है?
सौंफ, खसखस, बादाम, काजू, पिस्ता, केसर, काली मिर्च, इलायची और गुलाब की पंखुड़ियों को 2-3 घंटे पानी में भिगोकर बारीक पीस लें। इस पेस्ट को ठंडे दूध में मिलाएँ, स्वादानुसार चीनी या गुड़ डालें और बर्फ के साथ सर्व करें।
क्या ठंडई बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित है?
हाँ, घर की ठंडई बच्चों और बुजुर्गों के लिए एक सुरक्षित और पौष्टिक विकल्प मानी जाती है। हालाँकि, इसे सीमित मात्रा में और अत्यधिक चीनी के बिना तैयार करने की सलाह दी जाती है।
गर्मी में ठंडई कब और कितनी मात्रा में पीनी चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडई को दिन में एक बार, विशेष रूप से दोपहर की गर्मी में पीना फायदेमंद होता है। अत्यधिक सेवन से बचें, खासकर यदि आप मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त हों।
राष्ट्र प्रेस
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