महाराष्ट्र में मतदाता सूची एसआईआर का संशोधित शेड्यूल जारी, 8 अगस्त तक होगा घर-घर सत्यापन
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को महाराष्ट्र में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के लिए संशोधित समय-सारणी जारी की। कोंकण, मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में हाल की मूसलाधार बारिश के कारण गणना कार्य बाधित होने के बाद राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के औपचारिक अनुरोध पर यह निर्णय लिया गया। इस अभियान का लक्ष्य महाराष्ट्र के लगभग 9.86 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड को सत्यापित और अद्यतन करना है।
संशोधित शेड्यूल की मुख्य समय-सीमाएँ
बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन और मतदान केंद्रों के युक्तिसंगतीकरण का कार्य अब 8 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाएगा। 17 अगस्त (सोमवार) को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित होगा।
नागरिक 17 अगस्त से 16 सितंबर के बीच दावे और आपत्तियाँ दर्ज करा सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों की सुनवाई और निपटारा 17 अगस्त से 15 अक्टूबर के बीच होगा। अंतिम मतदाता सूची 19 अक्टूबर (सोमवार) को प्रकाशित की जाएगी।
बारिश से क्यों पड़ी संशोधन की जरूरत
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, कोंकण और मुंबई क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण मैदानी स्तर पर जनगणना और डेटा संग्रह का कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। गौरतलब है कि एसआईआर जैसे अभियानों में बीएलओ का घर-घर जाना अनिवार्य होता है, और मानसून की तीव्रता ने यह प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से असंभव बना दी थी।
पुराने और नए शेड्यूल की तुलना
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बीएलओ का घर-घर दौरा 30 जून से 30 जुलाई के बीच होना था और प्रारूप मतदाता सूची 5 अगस्त को जारी होनी थी। दावे-आपत्तियों की अंतिम तिथि 4 सितंबर और अंतिम सूची का प्रकाशन 7 अक्टूबर को प्रस्तावित था। संशोधित शेड्यूल में अंतिम प्रकाशन की तिथि 12 दिन आगे खिसककर 19 अक्टूबर हो गई है।
प्रशासनिक तैयारी और राजनीतिक दलों को सूचना
महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी एस. चोकलिंगम के नेतृत्व में राज्य प्रशासन ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे संशोधित समय-सारणी की लिखित प्रतियाँ स्थानीय राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराएँ और मीडिया माध्यमों पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। यह कदम पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रक्रिया में सभी पक्षों की भागीदारी बनाए रखने की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा
अब सभी की निगाहें 8 अगस्त की समय-सीमा पर होंगी, जब तक बीएलओ का सत्यापन कार्य पूरा होना है। यदि मानसून की स्थिति बनी रही, तो अधिकारियों पर कार्यक्रम को और बाधा-मुक्त रखने का दबाव रहेगा। 19 अक्टूबर को अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद महाराष्ट्र का मतदाता डेटाबेस अद्यतन हो जाएगा, जो भविष्य के किसी भी चुनाव की नींव बनेगा।