चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर का तीसरा चरण शुरू, 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन होगा
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 14 मई 2026 को 16 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण की आधिकारिक घोषणा की। इस अभियान के तहत 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। आयोग ने इसे मतदाता सूचियों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक राष्ट्रव्यापी कदम बताया है।
तीसरे चरण में क्या होगा
तीसरे चरण के लागू होने के साथ ही एसआईआर प्रक्रिया व्यावहारिक रूप से पूरे देश को कवर करने लगेगी। इस चरण में 3.94 लाख से अधिक BLO मैदान में उतरेंगे, जिन्हें विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नामित 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) सहयोग देंगे। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त दलों से अपील की है कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर BLA नियुक्त करें ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और समावेशिता बनी रहे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची से डुप्लीकेट, स्थानांतरित, मृत या अयोग्य नामों को हटाना और सभी पात्र मतदाताओं को सूची में दर्ज कराना है।
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्यों बाहर
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को इस चरण में शामिल नहीं किया गया है। आयोग के अनुसार, यह निर्णय दो प्रमुख कारणों से लिया गया है — जनगणना के दूसरे चरण का अभी पूरा न होना, और ऊँचाई वाले तथा बर्फ से ढके क्षेत्रों में मौसम संबंधी चुनौतियाँ। इन तीन क्षेत्रों के लिए एसआईआर का कार्यक्रम बाद में अलग से घोषित किया जाएगा।
गौरतलब है कि तीसरे चरण का समय भी जनगणना के तहत चल रही मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया में लगी साझा फील्ड मशीनरी की उपलब्धता को ध्यान में रखकर तय किया गया है।
पहले दो चरणों की स्थिति
आयोग के अनुसार, 13 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में पहले दो चरणों के तहत संबंधित एसआईआर आदेश जारी होने की तिथि तक लगभग 59 करोड़ मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल हो चुके थे। उन चरणों में 6.3 लाख से अधिक BLO और 9.2 लाख BLA को विभिन्न स्तरों पर तैनात किया गया था।
मुख्य चुनाव आयुक्त का संदेश
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने तीसरे चरण की शुरुआत के अवसर पर कहा, 'मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे एसआईआर के तीसरे चरण में पूरे उत्साह के साथ भाग लें और अपने गणना फॉर्म भरें। एसआईआर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाता ही शामिल हों और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम न रहे।'
आयोग ने एसआईआर को एक 'सहभागी और पारदर्शी प्रक्रिया' करार दिया है, जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी — तीनों स्तरों पर सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
आगे की राह
तीसरे चरण के पूर्ण होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए अलग कार्यक्रम की घोषणा अपेक्षित है। यह प्रक्रिया आने वाले चुनावों से पहले मतदाता सूचियों को अद्यतन और निर्दोष बनाने की दिशा में आयोग का सबसे व्यापक प्रयास है।