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जम्मू-कश्मीर में एसआईआर का आरंभ, मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव वर्मा ने दी जानकारी

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जम्मू-कश्मीर में एसआईआर का आरंभ, मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव वर्मा ने दी जानकारी

सारांश

जम्मू-कश्मीर में एसआईआर का पहला चरण शुरू हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव वर्मा ने बताया कि यह प्रक्रिया देश के अन्य हिस्सों में भी चल रही है। जानिए इस प्रक्रिया के बारे में सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर में एसआईआर का पहला चरण शुरू हुआ।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रक्रिया की जानकारी दी।
मतदाता की वैधता की जाँच की जाएगी।
बीएलओ डोर टू डोर सर्वे करेंगे।
20 वर्षों बाद पूरी देश में एसआईआर की जाएगी।

जम्मू, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारत के विभिन्न राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। अब जम्मू-कश्मीर में भी एसआईआर का पहला चरण आरंभ हो चुका है। जम्मू-कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव वर्मा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान बताया कि जैसे अन्य राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया का कार्य चल रहा है और कुछ स्थानों पर यह पूरी हो चुकी है, ठीक उसी प्रकार जम्मू-कश्मीर में भी इस प्रक्रिया का पहला चरण शुरू हो गया है।

संजीव वर्मा ने कहा कि हमने समर्पण के साथ तैयारी शुरू कर दी है। ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ इस प्रक्रिया को जमीन पर सफलतापूर्वक लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यवाही बेहद सहजता से हुई है। जो मतदाता वैध हैं, उन्हें पुनः रजिस्टर किया जाएगा। वेरिफिकेशन के बाद जिन संभावित मतदाताओं का वोट पहले नहीं बना या जो 18 वर्ष के हो जाएंगे, उनकी भी मैपिंग की गई है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि यह एक सरल अभ्यास होगा। इसमें किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत बीएलओ द्वारा डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। फॉर्म भरने में बीएलओ मतदाताओं की सहायता करेंगे। यदि कोई व्यक्ति उस समय घर पर मौजूद नहीं है, तो घर के सदस्य उनका फॉर्म भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 20 वर्षों बाद पूरे देश में और जम्मू-कश्मीर में एसआईआर की प्रक्रिया को अंजाम दिया जाएगा।

19 फरवरी को एक अधिकारी ने सूचित किया था कि दिल्ली समेत 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल से मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए एसआईआर की जाएगी। यह बताया गया था कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का अगला राउंड होगा, उनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, एनसीटी दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो मतदाता सूची को अपडेट करने में सहायक होगा। यह प्रक्रिया न केवल जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर का मतलब क्या है?
एसआईआर का मतलब है 'सर्वे ऑफ इलेक्टर्स रजिस्ट्रेशन', जो मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया है।
इस प्रक्रिया में क्या किया जाएगा?
इस प्रक्रिया में मतदाता की वैधता की जाँच की जाएगी और नए मतदाताओं को रजिस्टर किया जाएगा।
बीएलओ का क्या रोल है?
बीएलओ का कार्य मतदाताओं को फॉर्म भरने में मदद करना है और डोर टू डोर सर्वे करना है।
इस प्रक्रिया का महत्व क्या है?
यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करने और सभी मतदाताओं को सही जानकारी प्रदान करने में मदद करती है।
कब से यह प्रक्रिया शुरू हुई?
जम्मू-कश्मीर में एसआईआर का पहला चरण हाल ही में शुरू हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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