मेघालय में एसआईआर के लिए निर्वाचन विभाग पूरी तरह तैयार, भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम का इंतजार

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मेघालय में एसआईआर के लिए निर्वाचन विभाग पूरी तरह तैयार, भारत निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम का इंतजार

सारांश

मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीडीआर तिवारी ने 12 मई को घोषणा की कि एसआईआर के लिए राज्य पूरी तरह तैयार है। तीसरे चरण में 22 राज्यों के करीब 4 करोड़ मतदाता शामिल होंगे। बांग्लादेश सीमा से जुड़े अवैध अप्रवासन और फर्जी मतदाताओं की चिंता के बीच यह संशोधन मेघालय के लिए विशेष रूप से अहम है।

मुख्य बातें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीडीआर तिवारी ने 12 मई को कहा कि मेघालय एसआईआर के लिए पूरी तरह तैयार है।
एसआईआर के तीसरे चरण में मेघालय सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 4 करोड़ मतदाता शामिल होंगे।
विधानसभा चुनावों के कारण कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया स्थगित की गई थी।
मेघालय में बांग्लादेश से अवैध अप्रवासन और फर्जी मतदाता प्रविष्टियों की चिंताओं के कारण संशोधन का विशेष महत्व है।
सांसद रिकी एजे सिंगकॉन के निधन के बाद शिलांग संसदीय उपचुनाव के लिए भी विभाग तैयार; संविधान के तहत 6 महीने में चुनाव अनिवार्य।

मेघालय के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीडीआर तिवारी ने मंगलवार, 12 मई को शिलांग में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य निर्वाचन विभाग मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के लिए पूरी तरह तैयार है और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। तिवारी ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम की घोषणा होते ही संशोधन प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी।

एसआईआर का तीसरा चरण और मेघालय की भूमिका

अधिकारियों के अनुसार, भारत निर्वाचन आयोग आगामी दिनों में विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन के तीसरे चरण का शुभारंभ करने वाला है। इस चरण में मेघालय सहित देश के शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा। अनुमान है कि इस चरण में देश भर के लगभग 4 करोड़ मतदाताओं को जोड़ा जाएगा, जो पिछले चरणों में किसी कारणवश शामिल नहीं हो पाए थे।

प्रक्रिया में देरी क्यों हुई

रिपोर्टों के अनुसार, असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के कारण मेघालय सहित कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत स्थगित कर दी गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में मतदाता सूचियों की शुद्धता को लेकर सवाल लंबे समय से उठाए जाते रहे हैं।

मेघालय में एसआईआर का विशेष महत्व

मेघालय बांग्लादेश के साथ एक लंबी और खुली अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अवैध अप्रवासन, मतदाता सूचियों में फर्जी प्रविष्टियों और गैर-वास्तविक मतदाताओं के नाम शामिल होने को लेकर वर्षों से चिंताएँ उठाई जाती रही हैं। कई आदिवासी संगठनों और राजनीतिक दलों ने मतदाता सूचियों की कड़ी जाँच की बार-बार माँग की है। तिवारी ने आश्वासन दिया कि संशोधन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से और निर्वाचन आयोग के सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए संपन्न की जाएगी।

शिलांग संसदीय उपचुनाव की तैयारी

इसके साथ ही, बीडीआर तिवारी ने यह भी बताया कि राज्य निर्वाचन विभाग शिलांग संसदीय क्षेत्र में उपचुनाव कराने के लिए भी पूरी तरह तैयार है। यह उपचुनाव शिलांग के सांसद रिकी एजे सिंगकॉन के लगभग दो महीने पहले हुए निधन के बाद आवश्यक हो गया है। संविधान के अनुसार, रिक्ति की तारीख से 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य है। तिवारी ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग से निर्देश मिलते ही सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि एसआईआर और शिलांग उपचुनाव — दोनों प्रक्रियाएँ अब भारत निर्वाचन आयोग की अधिसूचना पर निर्भर हैं। राज्य निर्वाचन विभाग की तैयारी पूर्ण होने की यह घोषणा संकेत देती है कि आयोग की हरी झंडी मिलते ही मेघालय में चुनावी गतिविधियाँ तेज़ हो जाएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक गहरी राजनीतिक संवेदनशीलता है। बांग्लादेश से लगी खुली सीमा और दशकों से चली आ रही अवैध अप्रवासन की चिंताओं के बीच मतदाता सूची की शुद्धता महज तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि राज्य की जनसांख्यिकीय और राजनीतिक पहचान का सवाल है। आदिवासी संगठनों की बार-बार की माँगों के बावजूद पिछले संशोधनों में कितनी फर्जी प्रविष्टियाँ हटाई गईं, इसका कोई सार्वजनिक डेटा उपलब्ध नहीं है। जब तक संशोधन के परिणामों की पारदर्शी रिपोर्टिंग नहीं होती, तब तक 'तैयारी पूरी है' जैसे बयान आश्वस्त करने के बजाय सवाल और बढ़ाते हैं।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय में एसआईआर (विशेष गहन संशोधन) क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन संशोधन एक प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूचियों की गहन जाँच कर फर्जी, डुप्लीकेट या अपात्र नामों को हटाया जाता है और पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाते हैं। मेघालय में यह प्रक्रिया विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य में अवैध अप्रवासन और फर्जी मतदाता प्रविष्टियों की चिंताएँ लंबे समय से उठाई जाती रही हैं।
एसआईआर के तीसरे चरण में कितने मतदाता शामिल होंगे?
तीसरे चरण में मेघालय सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 4 करोड़ मतदाताओं को शामिल किए जाने की उम्मीद है, जो पिछले चरणों में शामिल नहीं हो पाए थे।
मेघालय में एसआईआर प्रक्रिया पहले क्यों शुरू नहीं हुई?
रिपोर्टों के अनुसार, असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के कारण मेघालय सहित कई राज्यों में एसआईआर की शुरुआत स्थगित कर दी गई थी।
शिलांग संसदीय उपचुनाव क्यों होना है?
शिलांग के सांसद रिकी एजे सिंगकॉन के लगभग दो महीने पहले निधन के बाद यह सीट रिक्त हो गई है। संविधान के अनुसार, रिक्ति की तारीख से 6 महीने के भीतर उपचुनाव कराना अनिवार्य है।
एसआईआर की प्रक्रिया कब शुरू होगी?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीडीआर तिवारी के अनुसार, राज्य निर्वाचन विभाग पूरी तरह तैयार है और भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा होते ही प्रक्रिया तत्काल शुरू कर दी जाएगी।
राष्ट्र प्रेस