भारती सिंह का खुलासा: अमृतसर में बॉडी शेमिंग थी आम बात, ऐसे बदला नज़रिया

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भारती सिंह का खुलासा: अमृतसर में बॉडी शेमिंग थी आम बात, ऐसे बदला नज़रिया

सारांश

भारती सिंह ने माना कि अमृतसर में पले-बढ़े होने के कारण बॉडी शेमिंग उनके लिए बचपन से सामान्य थी — यहाँ तक कि माँ भी मज़ाक में चुभती बातें कह देती थीं। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ने उनकी सोच बदली और उन्होंने दूसरों की बजाय खुद पर हँसना चुना।

मुख्य बातें

भारती सिंह ने नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में बॉडी शेमिंग पर खुलकर बात की।
उन्होंने बताया कि अमृतसर में शारीरिक बनावट के आधार पर लोगों को संबोधित करना एक सामान्य सामाजिक व्यवहार था।
उनकी माँ भी मज़ाक में खाने और वज़न को लेकर टिप्पणियाँ करती थीं, जिसका असर उन्हें बाद में समझ आया।
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आने के बाद भारती ने तय किया कि वे दूसरों की शारीरिक बनावट पर मज़ाक नहीं करेंगी।
उन्होंने सेल्फ-डेप्रीकेटिंग कॉमेडी को अपनाया — खुद पर हँसना, दूसरों को नहीं चोट पहुँचाना।

मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह ने हाल ही में अभिनेत्री नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में बॉडी शेमिंग को लेकर अपने निजी अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पंजाब के अमृतसर में पली-बढ़ी भारती के लिए बचपन में बॉडी शेमिंग एक सामान्य सामाजिक व्यवहार था, जिसका गहरा असर उनकी सोच पर पड़ा।

बचपन का माहौल और बॉडी शेमिंग की जड़ें

भारती सिंह ने बताया कि उनके गृहनगर अमृतसर में लोग किसी भी व्यक्ति को उसकी शारीरिक बनावट के आधार पर संबोधित करते थे। उन्होंने कहा, 'अगर किसी व्यक्ति का वजन ज्यादा है, तो उसे लोग मोटा कहकर पुकारते थे और अगर कोई सांवले रंग का होता था, तो उसे काला कहकर पुकारते थे। बिना इस बात की परवाह किए कि ऐसे शब्दों का दूसरे व्यक्ति की भावनाओं पर क्या असर पड़ेगा।'

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-सम्मान को लेकर बहस तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि बॉडी शेमिंग का मुद्दा अब सिर्फ सेलिब्रिटी तक सीमित नहीं रहा — यह आम जीवन की एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है।

माँ के मज़ाकिया लहजे में भी थी चोट

भारती सिंह ने यह भी साझा किया कि उनकी माँ भी कभी-कभी मज़ाक में कह देती थीं, 'बस कर, कितना खाएगी, मोटी हो जाएगी।' उन्होंने स्वीकार किया कि उस वक्त उन्हें यह एहसास नहीं था कि इस तरह की बातें किसी के आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को कितनी गहराई से नुकसान पहुँचा सकती हैं।

एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री ने बदली सोच

भारती सिंह ने बताया कि जब उन्होंने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कदम रखा और अपनी कॉमिक टाइमिंग के लिए पहचान बनाई, तब उन्होंने देखा कि हँसी-मज़ाक के लिए अक्सर लोगों के शरीर या बनावट को निशाना बनाया जाता था। उन्होंने कहा, 'समय और समझदारी के साथ मैंने फैसला लिया कि दूसरों का मज़ाक उड़ाने के लिए ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करूंगी।'

खुद पर हँसना बना नया मंत्र

इस एहसास ने भारती के कॉमेडी के तरीके को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने दूसरों के शारीरिक बनावट का मज़ाक उड़ाने के सिवाय, खुद पर ही मज़ाक करना शुरू कर दिया और इस बात का खास ध्यान रखा कि मेरी कॉमेडी किसी भी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस न पहुँचाए।' यह बदलाव उन्हें न केवल एक बेहतर कॉमेडियन, बल्कि एक ज़िम्मेदार सार्वजनिक हस्ती के रूप में भी स्थापित करता है।

आगे की राह

भारती सिंह का यह अनुभव उस व्यापक सामाजिक बदलाव की ज़रूरत को रेखांकित करता है, जहाँ शारीरिक बनावट के आधार पर टिप्पणियाँ करना सामान्य नहीं, बल्कि संवेदनशीलता का अभाव माना जाए। मनोरंजन जगत में उनका यह रुख आने वाले कॉमेडियन और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए एक उदाहरण बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ एक प्रमुख कॉमेडियन का सार्वजनिक रूप से इससे किनारा करना महत्वपूर्ण है। हालाँकि, यह भी देखने वाली बात है कि क्या यह बदलाव सिर्फ व्यक्तिगत स्तर पर रहता है या इंडस्ट्री में एक व्यापक संवाद की शुरुआत करता है — जो अभी भी बाकी है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारती सिंह ने बॉडी शेमिंग को लेकर क्या खुलासा किया?
भारती सिंह ने बताया कि अमृतसर में उनके बचपन के माहौल में लोगों को उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर — जैसे 'मोटा' या 'काला' — बुलाना आम था। उन्होंने माना कि लंबे समय तक उन्हें इन शब्दों के भावनात्मक असर का एहसास नहीं था।
भारती सिंह ने यह बातें किस शो में साझा कीं?
उन्होंने यह अनुभव नेहा धूपिया और अंगद बेदी के शो 'डबल डेट' में साझा किए। यह शो सेलिब्रिटी के निजी अनुभवों पर केंद्रित है।
भारती सिंह की कॉमेडी स्टाइल कैसे बदली?
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में आने के बाद भारती ने महसूस किया कि दूसरों की शारीरिक बनावट पर मज़ाक करना संवेदनशीलता की कमी है। उन्होंने खुद पर हँसने वाली 'सेल्फ-डेप्रीकेटिंग कॉमेडी' को अपनाया, ताकि उनका हास्य किसी को ठेस न पहुँचाए।
क्या भारती सिंह की माँ ने भी बॉडी शेमिंग की?
भारती ने बताया कि उनकी माँ मज़ाक में कभी-कभी कह देती थीं, 'बस कर, कितना खाएगी, मोटी हो जाएगी।' हालाँकि यह प्यार में कही गई बात थी, लेकिन भारती ने बाद में समझा कि इस तरह की टिप्पणियाँ आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकती हैं।
बॉडी शेमिंग का व्यक्ति पर क्या असर होता है?
बॉडी शेमिंग किसी व्यक्ति के आत्मविश्वास और आत्म-सम्मान को गहरी चोट पहुँचा सकती है। भारती सिंह ने खुद स्वीकार किया कि वर्षों बाद उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि बचपन में सुनी गई ऐसी बातें कितनी प्रभावशाली होती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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