दिव्या भारती का अधूरा सपना: जितेंद्र के साथ स्क्रीन पर रोमांस की ख्वाहिश
सारांश
Key Takeaways
- दिव्या भारती का जन्म 1974 में हुआ था।
- उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1990 में की थी।
- उनकी कई सफल फ़िल्में थीं, जिनमें 'दिवाना' प्रमुख है।
- उनकी आकस्मिक मृत्यु ने फिल्म इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया।
- दिव्या का सपना था जितेंद्र के साथ रोमांस करना।
मुंबई, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। 90 के दशक में कई अभिनेत्रियाँ सिनेमा पर राज कर रही थीं, लेकिन एक ऐसी अदाकारा थीं जिन्होंने पहले दक्षिण भारतीय सिनेमा में नाम कमाया और फिर हिंदी सिनेमा में भी। उनकी अचानक मृत्यु ने फिल्म उद्योग को झकझोर दिया। हम बात कर रहे हैं दिव्या भारती की, जिनका निधन 5 अप्रैल 1993 को हुआ था।
दिव्या भारती 90 के दशक में हिंदी सिनेमा की एक चमकदार तारा बन चुकी थीं। उनके चुलबुले व्यक्तित्व के सभी दीवाने थे, लेकिन वह अमिताभ बच्चन और जितेंद्र की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। इतना तक कि जब दिव्या ने पहली बार अमिताभ बच्चन से मुलाकात की थी, तो उन्होंने अपने हाथ को 10 दिन तक धोने से मना कर दिया था। दरअसल, वह अपने पिता के साथ एक रैली में थीं, जिसमें अमिताभ भी शामिल थे। दिव्या पहली बार किसी सुपरस्टार से मिली थीं और हाथ मिलाने के बाद इतनी खुश हो गईं कि 10 दिन तक हाथ न धोने की इच्छा जाहिर की, लेकिन यह संभव नहीं हो सका।
दिव्या को अपने स्कूल के दिनों से ही जितेंद्र से खास लगाव था। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह हमेशा जितेंद्र के साथ स्क्रीन पर रोमांस करना चाहती थीं, लेकिन जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा, तब जितेंद्र पिता के किरदार निभा रहे थे। इस कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया।
दिव्या का सपना हमेशा से सिनेमा में काम करने का था क्योंकि उन्हें स्क्रीन से बेहद प्यार था। पढ़ाई में वह ज्यादा अच्छी नहीं थीं और पढ़ाई से बचने के लिए उन्होंने अभिनय का क्षेत्र चुनने का निर्णय लिया। उनके अनुसार, शूटिंग करना पढ़ाई से कहीं ज्यादा आसान था।
उन्होंने 1990 में तमिल फिल्म 'निल्ली पन्ने' से टॉलीवुड में प्रवेश किया, उसके बाद 'विश्वात्मा' से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन दिवाना फिल्म से उन्हें असली पहचान मिली। 1993 में उनकी मौत से पहले उनकी कई फिल्में, जैसे 'लाडला', 'मोहरा', 'विजयपथ', 'कन्यादान', और 'आंदोलन', पहले से ही तय थीं। उनकी मृत्यु के बाद इन फिल्मों में अन्य अभिनेत्रियाँ नजर आईं और लगभग सभी फिल्में सुपरहिट साबित हुईं।