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क्या एसआईआर के दूसरे चरण में 47.5 करोड़ से अधिक फॉर्म डिजिटलाइज्ड हुए?

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क्या एसआईआर के दूसरे चरण में 47.5 करोड़ से अधिक फॉर्म डिजिटलाइज्ड हुए?

सारांश

भारत निर्वाचन आयोग ने एसआईआर के दूसरे चरण में 47.5 करोड़ से अधिक फॉर्म का डिजिटलाइजेशन किया है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो आगामी चुनावों की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने में मदद करेगी।

मुख्य बातें

47.5 करोड़ से अधिक फॉर्म का डिजिटलाइजेशन किया गया है।
11 दिसंबर तक फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि।
लक्षद्वीप, गोवा, अंडमान-निकोबार में 100 प्रतिशत फॉर्म वितरण।
राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में 99 प्रतिशत से अधिक फॉर्म वितरित।
मतदाता विवरण की पुष्टि का मौका।

नई दिल्ली, 3 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। आयोग के अनुसार, देशभर में 47.5 करोड़ से अधिक यानी 93 प्रतिशत से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म (ईएफ) का डिजिटलाइजेशन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।

इस अभियान के अंतर्गत 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रहे व्यापक मतदाता सत्यापन कार्य में 99.83 प्रतिशत यानी 50.88 करोड़ से भी अधिक मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं।

आयोग ने बताया कि एन्यूमरेशन फॉर्म भरने और जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर है। इससे पहले मतदाता अपने विवरण की पुष्टि, सुधार या बदलाव कर सकते हैं।

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दैनिक बुलेटिन के अनुसार, लक्षद्वीप, गोवा, अंडमान-निकोबार जैसे छोटे राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 100 प्रतिशत फॉर्म वितरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में भी 99 प्रतिशत से अधिक फॉर्म वितरित हो चुके हैं। डिजिटलाइजेशन में सर्वाधिक प्रगति लक्षद्वीप, गोवा और अंडमान-निकोबार में हुई है, जहां 97 से 100 प्रतिशत तक फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं।

सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में 13.27 करोड़ फॉर्म (85 प्रतिशत) डिजिटलाइज्ड हो चुके हैं, जबकि फॉर्म वितरण 99.87 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।

देशभर में 5,32,828 बीएलओ और 12 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट्स इस अभियान में सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। ईसीआई का स्पष्ट उद्देश्य यह है कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में हो, अनुचित/दोहराई गई प्रविष्टियां हटें और चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी और मजबूत बने।

आयोग ने राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया है कि वे अधिक बीएलओ नियुक्त करें ताकि फॉर्म की समीक्षा और सत्यापन में सहयोग किया जा सके। मतदाता अपने बीएलओ या ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं।

आयोग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते अपने विवरण सत्यापित कर दें ताकि आने वाले चुनावों के लिए सूची पूरी तरह तैयार हो सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि निर्वाचन आयोग का यह कदम न केवल मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करेगा बल्कि एक पारदर्शी चुनावी प्रणाली की नींव भी रखेगा। हर नागरिक का मतदाता सूची में होना अत्यंत आवश्यक है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की अंतिम तारीख क्या है?
एन्यूमरेशन फॉर्म भरने और जमा करने की अंतिम तिथि 11 दिसंबर है।
डिजिटलाइजेशन में सबसे अधिक प्रगति किस राज्य में हुई है?
डिजिटलाइजेशन में सर्वाधिक प्रगति लक्षद्वीप , गोवा और अंडमान-निकोबार में हुई है, जहां फॉर्म 97 से 100 प्रतिशत तक डिजिटाइज हो चुके हैं।
मतदाता अपने विवरण को कैसे सत्यापित कर सकते हैं?
मतदाता अपने बीएलओ या ऑनलाइन माध्यम से फॉर्म भरकर जमा कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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