भाजपा का एसआईआर पर विस्तृत खंडन, कांग्रेस पर 'डर फैलाने' का आरोप; 13 करोड़ नाम हटाने के दावे खारिज
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे विवाद पर विस्तृत स्पष्टीकरण जारी किया और प्रमुख विपक्षी दल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर 'तथ्यों को छिपाकर भय फैलाने' का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने का दावा तथ्यात्मक रूप से भ्रामक है।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा महासचिव विनोद तावड़े ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक स्पष्टीकरण वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ लगे आरोपों का बिंदुवार खंडन किया। तावड़े को हाल ही में भाजपा का उत्तर प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस वीडियो में 13 करोड़ मतदाता नाम हटाने, फॉर्म-6 में कथित बदलाव और ईसीआईएनईटी प्रारूप में परिवर्तन समेत कई मुद्दों पर सफाई दी गई।
भाजपा का तर्क: हटाना नहीं, सत्यापन था
तावड़े ने अपने वीडियो में कहा, '13 करोड़ नाम हटाए नहीं गए थे — उन्हें मृतक, अनुपस्थित, स्थानांतरित या डुप्लिकेट जैसी श्रेणियों में सत्यापन के लिए चिह्नित किया गया था। दावों, आपत्तियों और अपीलों पर कार्रवाई के बाद ही अंतिम कार्रवाई की जाती है।' पार्टी के अनुसार इन 13 करोड़ में से लगभग 2.6 करोड़ मतदाताओं को मृत दर्ज किया गया था, 3 करोड़ दिए गए पते पर अनुपस्थित थे, 6.3 करोड़ स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित हो चुके थे और 1 करोड़ डुप्लिकेट पंजीकरण थे।
वीडियो में यह भी दावा किया गया कि यह विस्तृत जानकारी सभी दलों के लगभग 20 लाख बूथ स्तरीय एजेंटों के साथ पहले से साझा की जा चुकी थी। गौरतलब है कि विपक्ष लंबे समय से इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाता रहा है।
फॉर्म-6 और केंद्रीकरण के दावों पर सफाई
भाजपा ने कहा कि फॉर्म-6 में कोई एकतरफा बदलाव नहीं किया गया। वीडियो में दावा किया गया, 'तीनों चुनाव आयुक्त फॉर्म-6 में जोड़ी गई अतिरिक्त जानकारियों पर सहमत थे और इसे सर्वोच्च न्यायालय की मंजूरी प्राप्त थी।' केंद्रीकरण के आरोपों को भी खारिज करते हुए पार्टी ने कहा कि ढाँचे में कोई संरचनात्मक बदलाव नहीं हुआ और स्थानीय मतदाता पंजीकरण अधिकारी (ERO) पूरी तरह कार्यरत हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार और पश्चिम बंगाल में एसआईआर अभियान को पहले ही सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विधिवत बरकरार रखा जा चुका है, जिसे भाजपा अपनी स्थिति के समर्थन में प्रमुखता से उद्धृत कर रही है।
नए मतदाताओं का दावा और कांग्रेस पर पलटवार
तावड़े ने 'वोट चोरी' के आरोपों को 'मतदाताओं को मूर्ख बनाने और गुमराह करने का तरीका' बताया। भाजपा के अनुसार एसआईआर अभियान शुरू होने के बाद से अब तक 2.3 करोड़ नए जेन-जी (Gen-Z) मतदाता सूचियों में जोड़े गए हैं और आज जेन-जी मतदाताओं की कुल संख्या 17.3 करोड़ हो गई है। पार्टी ने लोगों से 'विपक्ष के झूठ और मनगढ़ंत बातों' से प्रभावित होने की बजाय तथ्यों पर भरोसा करने का आग्रह किया।
आगे क्या
एसआईआर को लेकर राजनीतिक तनातनी अभी थमती नहीं दिख रही। कांग्रेस ने भाजपा के इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त बताते हुए स्वतंत्र जाँच की माँग बरकरार रखी है। आलोचकों का कहना है कि जब तक मतदाता सूची के अंतिम आँकड़े सार्वजनिक नहीं होते, विवाद का पटाक्षेप मुश्किल है। मतदाता सूची पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक संवेदनशील हो गई है।