25 सितंबर 2026
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प्रियंका गांधी का BJP पर हमला: 'चुनावों में धांधली से ओवरकॉन्फिडेंट हुई भाजपा, 13 करोड़ वोटर नाम हटाए'

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प्रियंका गांधी का BJP पर हमला: 'चुनावों में धांधली से ओवरकॉन्फिडेंट हुई भाजपा, 13 करोड़ वोटर नाम हटाए'

सारांश

प्रियंका गांधी वाड्रा ने वायनाड में BJP पर सीधा हमला बोला — '13 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए और चुनावी धांधली से भाजपा ओवरकॉन्फिडेंट हो गई है।' यह बयान राहुल गांधी के एक दिन पहले के तीखे हमले के बाद आया, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की माँग की थी।

मुख्य बातें

प्रियंका गांधी वाड्रा ने 25 सितंबर 2026 को वायनाड में BJP पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि 13 करोड़ वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
प्रियंका ने कहा कि अगर BJP चुनाव आयोग से गड़बड़ी करा रही है, तो यह 'देशद्रोह' है।
एक दिन पहले राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे और सरकारी गवाह बनने की माँग की थी।
विवाद की जड़ में चुनाव आयोग (ECI) के भीतर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मतभेद की मीडिया रिपोर्टें हैं।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने 25 सितंबर 2026 को अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में पत्रकारों से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर चुनावों में धांधली का गंभीर आरोप लगाया और कहा कि इसी कारण पार्टी हर समय 'ओवरकॉन्फिडेंट' रहती है। यह बयान चुनाव आयोग (ECI) में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर मतभेद की मीडिया रिपोर्टों के बाद सियासी माहौल के और गर्म होने के बीच आया है।

प्रियंका के मुख्य आरोप

वायनाड में पत्रकारों को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, "यह बहुत ही पुरानी और कमजोर कहानी है। तथ्य हैं और सबूत हैं। यह पूरे देश के सामने है। मेरे भाई राहुल गांधी ने कई प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे दिखाया है। उन्होंने सबूत सामने रखे हैं। अब यह बिल्कुल साफ है कि 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाए गए हैं।"

BJP के उस बयान पर कि कांग्रेस चुनाव न जीत पाने पर उसकी वैधता पर सवाल उठाती है, प्रियंका ने पलटवार करते हुए कहा कि BJP को 'घटिया बहाने' बनाना बंद करना चाहिए। उन्होंने जोड़ा, "यह एक लचर बहाना है।"

देशद्रोह तक पहुँचा आरोप

प्रियंका गांधी ने अपने आरोपों को और तीखा करते हुए कहा, "अगर वे चुनावों में गड़बड़ी कर रहे हैं और अगर उनका नेतृत्व चुनाव आयोग से यह काम करा रहा है, तो यह देशद्रोह का काम है और उन्हें इसके बारे में पता होना चाहिए और इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा, "अगर वे (BJP) ऐसा कर रहे हैं तो वे इसे कह क्यों नहीं सकते? वे किस बात से डरते हैं?"

गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक के आरोप हैं — किसी न्यायिक निकाय या स्वतंत्र जाँच एजेंसी ने इनकी पुष्टि नहीं की है। BJP ने इन दावों को आधारहीन बताया है।

राहुल गांधी का एक दिन पहले का हमला

प्रियंका के बयान से एक दिन पहले, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और BJP नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और 'वोट चोरी' के मामले में सरकारी गवाह बनने की माँग की थी।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, "आपने जो किया है वह देशद्रोह के बराबर है। यह संविधान और देश के कानूनी ढाँचे पर हमला है। हम भारत में लोकतंत्र को नष्ट नहीं होने देंगे और चुप नहीं बैठेंगे। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कभी न कभी सजा जरूर मिलेगी।"

SIR विवाद की पृष्ठभूमि

मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की खबरों ने विपक्ष को BJP और सरकार पर निशाना साधने का अवसर दिया है। कांग्रेस का दावा है कि इस प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वोटरों के नाम काटे गए, जबकि BJP ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं।

आगे क्या होगा

कांग्रेस के इस आक्रामक रुख के बाद अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और BJP के जवाब पर टिकी हैं। विपक्षी दलों के गठबंधन की ओर से इस मुद्दे को संसद और सड़क — दोनों जगह उठाए जाने के संकेत मिल रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है — और यही इस पूरे विमर्श की असली कमज़ोरी है। विपक्ष एक बड़े सवाल को उठा रहा है जो लोकतंत्र की नींव को छूता है, लेकिन 'देशद्रोह' जैसी भाषा इस बहस को संस्थागत जवाबदेही से हटाकर राजनीतिक मैदान में ले जाती है। चुनाव आयोग की चुप्पी और BJP का 'कांग्रेस हारने पर रोती है' वाला जवाब — दोनों ही इस गंभीर मुद्दे को वह गहराई नहीं देते जो जनता को चाहिए। असली ज़रूरत है एक पारदर्शी, सार्वजनिक और सत्यापन योग्य जवाब — जो अभी तक किसी पक्ष से नहीं आया है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रियंका गांधी ने BJP पर क्या आरोप लगाए हैं?
प्रियंका गांधी वाड्रा ने 25 सितंबर 2026 को वायनाड में आरोप लगाया कि BJP चुनावों में धांधली कर रही है और इसीलिए हर समय 'ओवरकॉन्फिडेंट' रहती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 13 करोड़ वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) विवाद क्या है?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चुनाव आयोग के भीतर इस प्रक्रिया को लेकर मतभेद सामने आए हैं, जिसे विपक्ष ने आधार बनाते हुए BJP और सरकार पर निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त से क्या माँग की?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा देने और 'वोट चोरी' के मामले में सरकारी गवाह बनने की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि जो हुआ वह 'देशद्रोह के बराबर' है।
BJP ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
BJP ने कांग्रेस के आरोपों को यह कहते हुए खारिज किया है कि पार्टी जब भी चुनाव नहीं जीतती, चुनावों की वैधता पर सवाल उठाने लगती है। प्रियंका गांधी ने BJP के इस बयान को 'लचर बहाना' करार दिया।
इस विवाद का असर आगामी चुनावों पर क्या पड़ेगा?
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब कई राज्यों में चुनावी तैयारियाँ चल रही हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे को संसद और जनसभाओं दोनों में उठाने के संकेत दिए हैं, जिससे चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर बहस और गहरी हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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