SIR विवाद पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार: '13 करोड़ में मृत और डुप्लीकेट वोटर कैसे पाते हैं अधिकार?'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने 6 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने के विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया और कांग्रेस से सीधे सवाल पूछे।
SIR पर विपक्ष के दावों का खंडन
त्रिवेदी ने कहा कि जिन 13 करोड़ मतदाताओं का नाम हटाने की बात विपक्ष कर रहा है, उनमें से 2.8 करोड़ मृत, 6.3 करोड़ स्थानांतरित, 1 करोड़ डुप्लीकेट और 3 करोड़ अनुपस्थित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिनके पास आधार कार्ड है, वे दस्तावेज़ दिखाकर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं।
त्रिवेदी ने तंज कसा, 'जब आप 13 करोड़ कहते हैं, तो मृत और डुप्लीकेट वोटर्स को मताधिकार के साथ कैसे जोड़ रहे हैं?' — यह सवाल उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधे निशाना साधते हुए पूछा।
कांग्रेस के अपने पुराने बयानों पर घेराबंदी
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं — अभिषेक मनु सिंघवी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट और के.सी. वेणुगोपाल — के हवाले से याद दिलाया कि इन्हीं नेताओं ने 2016, 2018, 2020 और 2021 में खुद वोटर डुप्लीकेशन की समस्या को स्वीकार किया था। त्रिवेदी ने पूछा, 'क्या आप तब सही थे या आज सही हैं?' — और कहा कि कांग्रेस को इस अंतर्विरोध का स्पष्टीकरण देना होगा।
गौरतलब है कि यह बहस ऐसे समय में तेज हुई है जब चुनाव आयोग (ECI) की SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सड़क और संसद दोनों में विरोध दर्ज करा रहे हैं।
राशन कार्ड और मनरेगा से जोड़ा तर्क
त्रिवेदी ने व्यापक संदर्भ देते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद जब राशन कार्डों की जाँच हुई, तो 5.8 करोड़ राशन कार्ड ऐसे लोगों के नाम पाए गए जो अस्तित्व में ही नहीं थे। इसी प्रकार, 2019 के बाद मनरेगा कार्डों की समीक्षा में 4.45 करोड़ कार्ड काल्पनिक लाभार्थियों के नाम पर मिले। उन्होंने इसे मतदाता सूची की सफाई की ज़रूरत से सीधे जोड़ा।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार पर आरोप लगाया जा रहा है कि SIR की आड़ में असली मतदाताओं को सूची से हटाया जा रहा है। त्रिवेदी ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया।
संस्थाओं पर आरोपों को लेकर कांग्रेस पर निशाना
त्रिवेदी ने कांग्रेस पर भारतीय सेना, वायु सेना, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारतीय स्टेट बैंक (SBI), सेबी (SEBI) और टीकों तक पर आरोप लगाने का हवाला देते हुए कहा कि एक 'क्विज' होनी चाहिए जिसमें गिना जाए कि राहुल गांधी ने अब तक कितनी भारतीय संस्थाओं को कठघरे में खड़ा किया है।
राहुल गांधी की प्रचार प्रतिबद्धता पर सवाल
अपने संबोधन के अंत में त्रिवेदी ने राहुल गांधी से पूछा कि वे 2004 के बाद से किसी भी विधानसभा चुनाव में एक राज्य में लगातार डेढ़ या दो सप्ताह रुके हों — ऐसा एक भी उदाहरण बताएं। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह का उदाहरण दिया, जो पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान 25 दिन राज्य में रहे थे।
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि आखिरी SIR 2003 में हुआ था — उस समय 228 लोकसभा सीटों वाले राज्यों में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो चुकी थी — और इस प्रक्रिया से कांग्रेस की वर्तमान चुनावी कमज़ोरी का कोई संबंध नहीं है। आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा होने की संभावना है, क्योंकि विपक्ष ने संसद के शीतकालीन सत्र में यह मुद्दा उठाने की तैयारी की है।