'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो: वाराणसी में राफेल सुखोई के करतबों ने लाखों दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित तीन दिवसीय एयर शो 'विंग्स ओवर गंगा' का समापन दिन 25 अक्टूबर 2026 को अभूतपूर्व उत्साह और जनसमूह के साथ संपन्न हुआ। काशी की धरती पर पहली बार आयोजित इस एरियल डिस्प्ले में राफेल, सुखोई और तेजस लड़ाकू विमानों ने गंगा के ऊपर आसमान में करतब दिखाए, जिसे देख लाखों दर्शकों ने 'भारत माता की जय' के नारों के साथ वायुसेना के शौर्य को सलाम किया। वाराणसी और चंदौली समेत पूर्वांचल के दूर दराज़ जिलों से उमड़े दर्शकों ने इस ऐतिहासिक नज़ारे को काशी के इतिहास का एक अविस्मरणीय पल बताया।
मुख्य आकर्षण: अलकनंदा फॉर्मेशन और '94' की आकृति
एयर शो का सबसे चर्चित क्षण 'अलकनंदा फॉर्मेशन' रहा, जिसने भारत के तीनों रक्षा बलों — थलसेना, नौसेना और वायुसेना — के आपसी तालमेल को आसमान में जीवंत कर दिखाया। इस विशेष प्रदर्शन के दौरान एक चिनूक हेलीकॉप्टर ने आसमान में '94' की आकृति बनाकर वायुसेना की वर्षगांठ को अनूठे अंदाज़ में सेलीब्रेट किया।
यह प्रदर्शन राष्ट्रीय रक्षा, सैन्य अभियानों, जीतों, बलिदानों और मानवीय सहायता में वायुसेना के ऐतिहासिक योगदान को स्मरण करने का एक प्रतीकात्मक माध्यम था। गौरतलब है कि वायुसेना ने अपनी स्थापना के नौ दशकों से अधिक के सफर में कारगिल से लेकर केदारनाथ आपदा राहत तक अनेक अभियानों में अपनी सक्षमता साबित की है।
गंगा के ऊपर आसमान: रोमांच और देशभक्ति का अनूठा संगम
सुखोई, राफेल और तेजस जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों ने जब गड़गड़ाहट के साथ गंगा नदी के ऊपर से उड़ान भरी, तो समूचा आसमान रोमांच से भर उठा। हेलीकॉप्टरों के हैरतअंगेज़ करतबों ने भी दर्शकों की साँसें थामे रखीं।
नमो घाट और गंगा के दोनों किनारों पर सुबह से ही भारी भीड़ जमा होने लगी थी। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक हर दर्शक इस दृश्य को अपने मोबाइल में क़ैद करने में लगा रहा। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायुसेना अपने आधुनिकीकरण अभियान के तहत स्वदेशी तेजस और आयातित राफेल दोनों को अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया
वाराणसी के स्थानीय निवासी अभिनेष सिंह ने कहा, "अद्भुत, अकल्पनीय। मैं 56 साल का हूँ और इन 56 वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। वायु सेना के इंतजाम बहुत अच्छे थे, सब कुछ व्यवस्थित था। यह काशीवासियों के लिए गर्व का क्षण है।"
राजलक्ष्मी यादव ने कहा, "मैंने काशी में ऐसा आज तक नहीं देखा।" वहीं पूनम यादव ने कहा, "काशी को बहुत ही सुंदर और शांत जगह माना जाता है, लेकिन हमारे आधुनिक योद्धाओं को देखकर जो जोश मिला, वह युवाओं के लिए बहुत प्रेरणादायक है। मुझे लगता है इस एयर शो के बाद 80 से 90 प्रतिशत युवा पायलट और योद्धा बनना चाहेंगे।"
चंदौली से आए एक दर्शक ने बताया, "हम परसों भी आए थे और आज फिर आए हैं। ऐसा लगता है इसे पूरा दिन देखते ही रहें, यह शो खत्म ही न हो।"
काशी के लिए ऐतिहासिक क्षण
काशी में पहली बार आयोजित इस तरह के एयर शो ने पूर्वांचल के युवाओं में वायुसेना के प्रति नई जिज्ञासा और देशभक्ति का जज़्बा भर दिया है। तीन दिनों तक चले 'विंग्स ओवर गंगा' ने न केवल वाराणसी, बल्कि पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक नई पहचान स्थापित की है।
भारतीय वायुसेना के आधिकारिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में यह एयर शो इसलिए भी विशेष रहा क्योंकि इसे ऐतिहासिक धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर वाले शहर में आयोजित किया गया — जहाँ आधुनिक सैन्य शक्ति और सनातन परंपरा का संगम एक अनूठी छवि प्रस्तुत करता है। आने वाले वर्षों में इस आयोजन के और बड़े होने की उम्मीद विशेषज्ञ जता रहे हैं।