25 अक्टूबर 2026
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वाराणसी में 'विंग्स ओवर गंगा': राफेल की गर्जना, सूर्यकिरण का तिरंगा; PM मोदी ने देखा IAF का 94वाँ स्थापना दिवस शो

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वाराणसी में 'विंग्स ओवर गंगा': राफेल की गर्जना, सूर्यकिरण का तिरंगा; PM मोदी ने देखा IAF का 94वाँ स्थापना दिवस शो

सारांश

गंगा के ऊपर राफेल की गर्जना और सूर्यकिरण टीम का तिरंगा — काशी में वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो ने इतिहास रचा। PM मोदी की मौजूदगी में 100 से अधिक विमानों ने नमो घाट के ऊपर आकाश को रोमांच से भर दिया।

मुख्य बातें

भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के नमो घाट पर 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो आयोजित हुआ।
PM नरेंद्र मोदी , रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और CM योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
आयोजन की रूपरेखा के अनुसार 100 से अधिक विमानों और हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी, जिनमें 52 लड़ाकू विमान शामिल थे।
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के नौ हॉक विमानों ने रंगीन धुएँ से गंगा के ऊपर तिरंगे की आकृति बनाई।
मोदी ने एयर शो से पहले खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई टेक्सटाइल इकाई का उद्घाटन भी किया।
राजघाट पुल पर आवाजाही बंद रहने से आम नागरिकों को यातायात में असुविधा का सामना करना पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो में शिरकत की, जहाँ राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस सहित 100 से अधिक विमानों और हेलीकॉप्टरों ने गंगा के ऊपर अपना पराक्रम दिखाया। वायुसेना के 94 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहे।

मुख्य आकर्षण: सूर्यकिरण का तिरंगा और राफेल की त्रिकोणीय उड़ान

एयर शो के सबसे यादगार क्षणों में सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम का प्रदर्शन रहा। नौ हॉक विमानों ने एक साथ आकाश में विभिन्न जटिल आकृतियाँ बनाईं और उनसे निकले रंगीन धुएँ ने गंगा के ऊपर तिरंगे की भव्य छटा बिखेरी। घाटों पर उमड़े हज़ारों दर्शकों ने इस दृश्य को तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सराहा।

आयोजकों द्वारा जारी कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, 52 लड़ाकू विमानों सहित कुल 100 से अधिक विमानों और हेलीकॉप्टरों ने उड़ान भरी। तीन राफेल विमानों की सामूहिक उड़ान और स्वदेशी तेजस के एरोबैटिक प्रदर्शन को विशेष आकर्षण के तौर पर रखा गया था। सी-17 ग्लोबमास्टर के नेतृत्व में सूर्यकिरण विमानों का फ्लाईपास्ट भी कार्यक्रम का हिस्सा बना।

PM मोदी का वाराणसी दौरा: टेक्सटाइल इकाई से नमो घाट तक

प्रधानमंत्री मोदी एयर शो में पहुँचने से पहले मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई टेक्सटाइल इकाई का उद्घाटन करने गए थे। इसके बाद पुलिस लाइन से नमो घाट तक करीब सात किलोमीटर के सड़क मार्ग पर उनके काफिले का जगह-जगह जोरदार स्वागत हुआ।

ढोल-नगाड़ों, देशभक्ति गीतों और 'हर-हर महादेव' के उद्घोष के बीच प्रधानमंत्री के काफिले पर फूलों की पंखुड़ियाँ बरसाई गईं। कई स्थानों पर उमड़ी भीड़ का अभिवादन करने के लिए मोदी वाहन से बाहर निकलकर हाथ हिलाते भी दिखे। अरविंद टेक्सटाइल इकाई में कार्यरत पूजा देवी ने भी इस अवसर पर प्रधानमंत्री से आमने-सामने मुलाकात की।

आम जनता की भागीदारी: तीसरे दिन भी उमड़ी भीड़

यह एयर शो का तीसरा दिन था। रविवार सुबह करीब नौ बजे से ही नमो घाट और आसपास के घाटों पर दर्शकों का आना शुरू हो गया था। बच्चों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में परिवार इस नज़ारे को देखने पहुँचे। डोमरी, बहादुरपुर और कटेसर सहित गंगा के दूसरे किनारे के इलाकों में भी भारी भीड़ जुटी।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय वायुसेना अपनी आधुनिकीकरण यात्रा में एक महत्त्वपूर्ण मोड़ पर है — राफेल बेड़े का विस्तार, तेजस मार्क-2 का विकास और बहु-डोमेन युद्ध क्षमता पर जोर। गौरतलब है कि गंगा के तट पर इस स्तर का एयर शो वायुसेना के शताब्दी वर्ष की ओर बढ़ते क्रम में एक अभूतपूर्व आयोजन है।

सुरक्षा व्यवस्था और यातायात व्यवधान

कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए। प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन लागू किए गए। राजघाट पुल पर आवाजाही बंद रखी गई, जिससे गंगा के पार आने-जाने वाले लोगों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा।

क्या होगा आगे

भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के इस शानदार आयोजन ने काशी को एक दिन के लिए देशभक्ति और वायु-शक्ति के प्रतीक में बदल दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सार्वजनिक एयर शो वायुसेना के प्रति युवाओं में करियर की रुचि बढ़ाने और आम नागरिकों में रक्षा क्षमताओं के प्रति जागरूकता पैदा करने में अहम भूमिका निभाते हैं। अगले ऐसे बड़े आयोजन की दिशा में वायुसेना की योजनाओं पर सभी की नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

ऐसे शो की असली कसौटी दर्शकों की तालियाँ नहीं, बल्कि LAC और पाकिस्तान सीमा पर वास्तविक परिचालन तैयारी है — जिसे किसी फ्लाईपास्ट से नहीं मापा जाता। यह आयोजन वायुसेना की जन-संपर्क रणनीति का हिस्सा है, और इसे उसी नज़रिए से देखा जाना चाहिए।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो क्या है?
'विंग्स ओवर गंगा' भारतीय वायुसेना द्वारा वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित एयर शो है, जो वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में हुआ। इसमें राफेल, सुखोई, तेजस और सी-17 ग्लोबमास्टर सहित 100 से अधिक विमानों और हेलीकॉप्टरों ने गंगा के ऊपर हवाई करतब दिखाए।
एयर शो में कौन-कौन से विमान शामिल थे?
आयोजकों की रूपरेखा के अनुसार, शो में राफेल, सुखोई और स्वदेशी तेजस सहित 52 लड़ाकू विमान तथा कुल 100 से अधिक विमान और हेलीकॉप्टर शामिल थे। सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम के नौ हॉक विमानों और सी-17 ग्लोबमास्टर ने विशेष फ्लाईपास्ट किया।
PM मोदी वाराणसी में और क्या काम आए?
PM मोदी ने एयर शो में शामिल होने से पहले मिर्जामुराद क्षेत्र के खोचवां में अरविंद लिमिटेड की नई टेक्सटाइल इकाई का उद्घाटन किया। इसके बाद पुलिस लाइन से नमो घाट तक करीब सात किलोमीटर के मार्ग पर उनका जोरदार स्वागत हुआ।
सूर्यकिरण एरोबेटिक टीम ने क्या प्रदर्शन किया?
सूर्यकिरण टीम के नौ हॉक विमानों ने एक साथ आसमान में विभिन्न जटिल आकृतियाँ बनाईं और रंगीन धुएँ से गंगा के ऊपर तिरंगे की आकृति उकेरी। यह दृश्य एयर शो का सबसे भावनात्मक और लोकप्रिय पल रहा।
एयर शो के दौरान आम जनता को किन दिक्कतों का सामना करना पड़ा?
सुरक्षा कारणों से राजघाट पुल पर आवाजाही बंद रखी गई, जिससे गंगा पार आने-जाने वाले लोगों को असुविधा हुई। प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और रूट डायवर्जन भी लागू किए गए थे।
राष्ट्र प्रेस
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