'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो: वाराणसी के नमो घाट पर IAF का 94वाँ वायुसेना दिवस प्रदर्शन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय वायु सेना (IAF) ने 24 अक्टूबर 2026 को वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो के दूसरे दिन अपनी परिचालन क्षमता, तकनीकी दक्षता और बेहतरीन उड़ान कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। 94वें वायुसेना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह दो-दिवसीय शो 25 अक्टूबर तक जारी रहेगा।
सारंग टीम की अनोखी उड़ान
सारंग हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम के सदस्य स्क्वाड्रन लीडर गौतम त्यागी ने कहा, 'हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि आज हम अपना 94वाँ वायुसेना दिवस काशी के ऊपर प्रदर्शित कर पा रहे हैं।' उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शो देखने और प्रेरणा लेने का आग्रह किया। त्यागी ने कहा कि पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी प्रदर्शन में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
स्वदेशी ध्रुव हेलिकॉप्टर की विशेषता
स्क्वाड्रन लीडर अंकिता सिंह ने बताया कि सारंग एशिया की एकमात्र फाइव-हेलिकॉप्टर डिस्प्ले टीम है, जो हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव उड़ाती है। उन्होंने कहा, 'यह टीम न केवल भारत में, बल्कि पूरी दुनिया के सामने भारतीय वायुसेना की पेशेवर क्षमता, टीमवर्क और एक स्वदेशी मंच की सफलता को प्रदर्शित करती है।' सिंह ने उम्मीद जताई कि इस प्रदर्शन से युवा वायुसेना में शामिल होने के लिए प्रेरित होंगे।
सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक इंतज़ाम
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के अनुसार, एयर शो के लिए लगभग 11,900 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा में प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), बम निरोधक दस्ते और आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) के जवान भी शामिल हैं। यह व्यापक सुरक्षा घेरा इस आयोजन की राष्ट्रीय महत्ता को रेखांकित करता है।
मुख्यमंत्री ने की थी तैयारियों की समीक्षा
गौरतलब है कि 14 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट का दौरा कर एयर शो और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों का जायजा लिया था। इस दौरान पुलिस कमिश्नर, जिलाधिकारी और सेना के अधिकारियों ने प्रोजेक्ट मैप के ज़रिये उन्हें तैयारियों की पूरी जानकारी दी।
आम जनता पर असर और संदेश
यह एयर शो वाराणसी के लिए सामरिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो गंगा के किनारे हज़ारों दर्शकों को IAF की ताकत और स्वदेशी रक्षा उत्पादन से परिचित करा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा दे रहा है। 25 अक्टूबर को समापन दिवस पर भी इसी स्तर के हवाई प्रदर्शन की उम्मीद है।