नागपुर में ₹1.40 करोड़ की ड्रग्स जब्त, 5 गिरफ्तार; 3 आरोपी अभी भी फरार
सारांश
मुख्य बातें
नागपुर की क्राइम ब्रांच यूनिट नंबर 5 ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को बेल्टारोडी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक आवासीय फ्लैट पर छापा मारकर ₹1,40,50,000 बाज़ार मूल्य का मेफेड्रोन पाउडर जैसा पदार्थ जब्त किया और पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों के अनुसार, कुल जब्त सामान का मूल्य ₹1,54,50,700 आँका गया है, जबकि तीन आरोपी अभी भी फरार हैं।
छापे का विवरण और जब्त सामान
यह कार्रवाई नरेंद्र नगर क्षेत्र में रिंग रोड स्थित भारत पेट्रोल पंप के पास विजया अपार्टमेंट की तीसरी मंजिल पर एक आवासीय फ्लैट में की गई। सूचना के आधार पर मारे गए इस छापे में पुलिस ने 1 किलो 405 ग्राम एमडी जैसा पाउडर बरामद किया।
इसके अलावा छह मोबाइल फोन, एक हुंडई वरना कार, चार दोपहिया वाहन, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू, एक बैग और ₹3,44,700 नकद भी ज़ब्त किए गए। यह बरामदगी नागपुर में ड्रग तस्करी नेटवर्क की व्यापक पहुँच का संकेत देती है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने जिन पाँच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, उनकी पहचान अनिकेत बिहारे, शुभम नरवरिया, कृष्णा वर्मा, तूफान सिंह सिसोदिया और राहुल गोंड के रूप में हुई है। इन सभी के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस (NDPS) एक्ट के तहत बेल्टारोडी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस विशाल उर्फ फल्ली गुप्ता समेत तीन फरार आरोपियों की सक्रिय तलाश कर रही है। अधिकारियों के अनुसार आगे की जाँच जारी है।
पिछले महीने भी हुई थी बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि पिछले महीने राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की मुंबई ज़ोन की नागपुर क्षेत्रीय इकाई ने एक अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया था। 27 सितंबर को नागपुर रेलवे स्टेशन पर हज़रत निज़ामुद्दीन-केएसआर बेंगलुरु राजधानी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22692) में यात्रा कर रही एक महिला यात्री को संदिग्ध तस्करी के आरोप में रोका गया था।
तलाशी में उसके सूटकेस में एक गुप्त डिब्बे से नीले कार्बन पेपर में लिपटे दो पैकेट मिले थे, जिनमें 1.312 किलो एम्फेटेमिन था — जिसका अवैध बाज़ार मूल्य लगभग ₹1.05 करोड़ था। फील्ड ड्रग टेस्टिंग किट से एम्फेटेमिन की पुष्टि हुई थी।
नागपुर में बढ़ती ड्रग तस्करी की चिंता
यह ऐसे समय में आया है जब नागपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में ड्रग तस्करी की घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। महज़ एक महीने के भीतर दो बड़ी बरामदगियाँ यह संकेत देती हैं कि शहर एक सक्रिय ड्रग वितरण केंद्र बनता जा रहा है।
आलोचकों का कहना है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आपूर्ति शृंखला की जड़ तक पहुँचने के लिए और अधिक समन्वित प्रयास करने की ज़रूरत है। फिलहाल पुलिस और DRI दोनों अपनी-अपनी जाँच आगे बढ़ा रही हैं।