अहमदाबाद: 'पोर्टर' ऐप से मेफेड्रोन तस्करी, नरोडा पुलिस ने 27 वर्षीय व्यवसायी को किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद के नाना चिलोडा सर्कल के पास 21 अक्टूबर 2026 को नरोडा पुलिस ने 'पोर्टर' डिलीवरी ऐप के ज़रिए भेजे जा रहे एक पार्सल से 0.77 ग्राम संदिग्ध मेफेड्रोन बरामद किया। इस सिंथेटिक ड्रग की कीमत ₹1,540 आँकी गई है। पुलिस ने इस मामले में 27 वर्षीय व्यवसायी प्रियंग संघवी को गिरफ्तार किया है।
मामला कैसे सामने आया
पुलिस को कंट्रोल रूम से एक संदिग्ध पार्सल की सूचना मिली, जो 'पोर्टर' एप्लिकेशन के जरिए डिलीवरी के लिए आया था। सूचना के आधार पर नरोडा पुलिस मौके पर पहुँची और पार्सल को जाँच के लिए रोका।
फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) के एक अधिकारी ने गवाहों की मौजूदगी में पदार्थ की शुरुआती जाँच की, जिसमें यह पुष्टि हुई कि यह मेफेड्रोन नामक सिंथेटिक ड्रग है। पुलिस ने तत्काल इसे जब्त कर लिया।
मुख्य आरोपी कौन है
गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रियंग संघवी (उम्र 27 वर्ष) के रूप में हुई है। वह अहमदाबाद के साबरमती इलाके में 'आराम पार्क फ्लैट्स' में रहता है और मूलतः राजस्थान के सिरोही जिले के शिरोडी गाँव का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में एक गवाह के मोबाइल नंबर का उपयोग करके 'पोर्टर' ऐप में लॉग इन किया गया था। ड्रग्स को अलग-अलग ज़िप वाले बैग में पैक करके भेजा गया था, और कथित तौर पर एक बिचौलिए के जरिए इन्हें आगे बाँटने की योजना थी।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने जब्त पदार्थ के आधार पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट की धाराओं 8(C), 22(A) और 29 के तहत तीन अज्ञात मोबाइल फोन धारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया। जाँच के दौरान पुलिस ने उस व्यक्ति का पता लगाया जिस पर खेप मँगवाने का संदेह था और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया, 'यह कार्रवाई नरोडा पुलिस के जवानों ने वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक बी. एम. कटारिया की देखरेख में की।' यह गिरफ्तारी वरिष्ठ अधिकारियों के उन निर्देशों के तहत की गई जो नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी रोकने के लिए जारी किए गए थे।
डिलीवरी ऐप के दुरुपयोग की चिंता
यह मामला इस लिहाज से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब किसी ऑनलाइन लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म का कथित तौर पर मादक पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया गया हो। गौरतलब है कि 'पोर्टर' जैसे ऐप्स आम तौर पर व्यावसायिक सामान ढोने के लिए उपयोग किए जाते हैं, और इनके ज़रिए पार्सल की सामग्री की जाँच कर पाना आसान नहीं होता।
पुलिस की जाँच अब इस बात पर केंद्रित है कि किस तरह इस डिलीवरी नेटवर्क का उपयोग कर ड्रग्स वितरित की जा रही थीं और क्या इस आपूर्ति श्रृंखला में अन्य लोग भी शामिल हैं।
आगे की जाँच
फिलहाल तीन अज्ञात मोबाइल नंबर धारक अभी भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। मामले की जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार जल्द ही और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।