अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का कूरियर ड्रग रैकेट पर शिकंजा: रिमांड में 329 ग्राम मेफेड्रोन बरामद, कुल जब्ती ₹70 लाख पार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 27 जून 2026 को कूरियर-आधारित ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार आरोपी की पुलिस रिमांड के दौरान 329.55 ग्राम मेफेड्रोन और ₹35,000 नकद बरामद किए, जिससे इस जांच में अब तक जब्त सिंथेटिक मादक पदार्थ की कुल मात्रा 701.10 ग्राम हो गई है। जब्त नशीले पदार्थ की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹70.11 लाख आँकी गई है, जबकि नकदी सहित कुल बरामदगी का मूल्य ₹70.46 लाख तक पहुँच गया है।
आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि
गिरफ्तार आरोपी की पहचान असुरम उर्फ अशोककुमार भादू (बिश्नोई), उम्र 32 वर्ष, निवासी राजस्थान के बालोतरा जिले के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी को इससे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रारंभिक गिरफ्तारी में उसके पास 371.55 ग्राम मेफेड्रोन मिला था, जिसकी कीमत ₹37.15 लाख बताई गई थी।
किराए के कमरे में छिपाया था माल
पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह अहमदाबाद के ओधव क्षेत्र में एसपी रिंग रोड के निकट आदिनाथ नगर, यमुना पार्क सोसाइटी में एक किराए के कमरे में रह रहा था। इस सूचना के आधार पर जांचकर्ताओं ने दो आधिकारिक पंच गवाहों की उपस्थिति में परिसर की तलाशी ली।
तलाशी में 329.55 ग्राम मेफेड्रोन (अनुमानित कीमत ₹32.95 लाख), ₹35,000 नकद, दो डिजिटल वजन मापने की मशीनें, 239 जिप-लॉक बैग, एल्युमिनियम फॉयल, लिफाफे, पैकेजिंग सामग्री, एक नोटबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और पहचान दस्तावेजों की प्रतियाँ बरामद हुईं — जो कथित तौर पर इस तस्करी ऑपरेशन से जुड़ी थीं।
राजस्थान से माल, बेंगलुरु तक डिलीवरी
उपायुक्त (क्राइम) अजीत राजियान ने बताया कि नशीले पदार्थ राजस्थान से मंगाए जा रहे थे और बापुनगर क्षेत्र के कूरियर आउटलेट्स के ज़रिए गुजरात के बाहर भी भेजे जाते थे। उन्होंने कहा, "बापुनगर इलाके की कुछ कूरियर दुकानों के माध्यम से वह न केवल गुजरात के भीतर, बल्कि बेंगलुरु जैसे अन्य शहरों में भी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ड्रग्स कूरियर से भेज रहे थे। वे हर पार्सल की जांच में आने वाली कठिनाई का फायदा उठा रहे थे।"
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी टेलीफोन और मैसेजिंग एप्लिकेशन के ज़रिए डिलीवरी और ग्राहकों का समन्वय करते थे। उनकी रणनीति यह थी कि कूरियर-आधारित आवागमन से अवरोधन का खतरा कम रहता है — एक ऐसा तरीका जो बड़े पैमाने पर सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क में तेज़ी से प्रचलित हो रहा है।
आगे की जांच जारी
क्राइम ब्रांच ने बताया कि नशीले पदार्थों के मूल स्रोत का पता लगाने, कथित तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और वितरण श्रृंखला को उजागर करने के लिए जांच जारी है। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब गुजरात में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी को लेकर पुलिस पहले से सतर्क है।