27 जून 2026
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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का कूरियर ड्रग रैकेट पर शिकंजा: रिमांड में 329 ग्राम मेफेड्रोन बरामद, कुल जब्ती ₹70 लाख पार

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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच का कूरियर ड्रग रैकेट पर शिकंजा: रिमांड में 329 ग्राम मेफेड्रोन बरामद, कुल जब्ती ₹70 लाख पार

सारांश

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने कूरियर नेटवर्क से ड्रग्स बेचने वाले राजस्थान के आरोपी की रिमांड में 329 ग्राम से अधिक मेफेड्रोन पकड़ा। कुल जब्ती ₹70 लाख पार कर गई है। बेंगलुरु तक फैले इस नेटवर्क की जांच अभी जारी है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 27 जून 2026 को आरोपी की रिमांड के दौरान 329.55 ग्राम मेफेड्रोन और ₹35,000 नकद बरामद किए।
आरोपी असुरम उर्फ अशोककुमार भादू (बिश्नोई) , 32 वर्ष , राजस्थान के बालोतरा जिले का निवासी है।
इस जांच में अब तक कुल 701.10 ग्राम मेफेड्रोन जब्त, अनुमानित बाज़ार कीमत ₹70.11 लाख ; नकदी सहित कुल बरामदगी ₹70.46 लाख ।
ड्रग्स राजस्थान से मंगाई जाती थीं और बापुनगर के कूरियर आउटलेट्स से बेंगलुरु सहित अन्य शहरों में भेजी जाती थीं।
तलाशी में 239 जिप-लॉक बैग , दो डिजिटल वजन मशीनें और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद हुई।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने 27 जून 2026 को कूरियर-आधारित ड्रग तस्करी मामले में गिरफ्तार आरोपी की पुलिस रिमांड के दौरान 329.55 ग्राम मेफेड्रोन और ₹35,000 नकद बरामद किए, जिससे इस जांच में अब तक जब्त सिंथेटिक मादक पदार्थ की कुल मात्रा 701.10 ग्राम हो गई है। जब्त नशीले पदार्थ की अनुमानित बाज़ार कीमत ₹70.11 लाख आँकी गई है, जबकि नकदी सहित कुल बरामदगी का मूल्य ₹70.46 लाख तक पहुँच गया है।

आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी की पहचान असुरम उर्फ अशोककुमार भादू (बिश्नोई), उम्र 32 वर्ष, निवासी राजस्थान के बालोतरा जिले के रूप में हुई है। क्राइम ब्रांच के अनुसार आरोपी को इससे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है। प्रारंभिक गिरफ्तारी में उसके पास 371.55 ग्राम मेफेड्रोन मिला था, जिसकी कीमत ₹37.15 लाख बताई गई थी।

किराए के कमरे में छिपाया था माल

पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह अहमदाबाद के ओधव क्षेत्र में एसपी रिंग रोड के निकट आदिनाथ नगर, यमुना पार्क सोसाइटी में एक किराए के कमरे में रह रहा था। इस सूचना के आधार पर जांचकर्ताओं ने दो आधिकारिक पंच गवाहों की उपस्थिति में परिसर की तलाशी ली।

तलाशी में 329.55 ग्राम मेफेड्रोन (अनुमानित कीमत ₹32.95 लाख), ₹35,000 नकद, दो डिजिटल वजन मापने की मशीनें, 239 जिप-लॉक बैग, एल्युमिनियम फॉयल, लिफाफे, पैकेजिंग सामग्री, एक नोटबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और पहचान दस्तावेजों की प्रतियाँ बरामद हुईं — जो कथित तौर पर इस तस्करी ऑपरेशन से जुड़ी थीं।

राजस्थान से माल, बेंगलुरु तक डिलीवरी

उपायुक्त (क्राइम) अजीत राजियान ने बताया कि नशीले पदार्थ राजस्थान से मंगाए जा रहे थे और बापुनगर क्षेत्र के कूरियर आउटलेट्स के ज़रिए गुजरात के बाहर भी भेजे जाते थे। उन्होंने कहा, "बापुनगर इलाके की कुछ कूरियर दुकानों के माध्यम से वह न केवल गुजरात के भीतर, बल्कि बेंगलुरु जैसे अन्य शहरों में भी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ड्रग्स कूरियर से भेज रहे थे। वे हर पार्सल की जांच में आने वाली कठिनाई का फायदा उठा रहे थे।"

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी टेलीफोन और मैसेजिंग एप्लिकेशन के ज़रिए डिलीवरी और ग्राहकों का समन्वय करते थे। उनकी रणनीति यह थी कि कूरियर-आधारित आवागमन से अवरोधन का खतरा कम रहता है — एक ऐसा तरीका जो बड़े पैमाने पर सिंथेटिक ड्रग नेटवर्क में तेज़ी से प्रचलित हो रहा है।

आगे की जांच जारी

क्राइम ब्रांच ने बताया कि नशीले पदार्थों के मूल स्रोत का पता लगाने, कथित तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने और वितरण श्रृंखला को उजागर करने के लिए जांच जारी है। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब गुजरात में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी को लेकर पुलिस पहले से सतर्क है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे पकड़े जाने का जोखिम कम हो। बेंगलुरु तक फैली यह वितरण श्रृंखला बताती है कि यह महज स्थानीय मामला नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय नेटवर्क है। असली सवाल यह है कि कूरियर कंपनियों की जवाबदेही कहाँ है — क्या उन्होंने संदिग्ध पार्सल की सूचना दी? बिना कूरियर उद्योग की निगरानी कड़ी किए, अकेली गिरफ्तारियाँ नेटवर्क की जड़ नहीं काट सकतीं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद कूरियर ड्रग रैकेट मामले में क्या हुआ?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक गिरफ्तार आरोपी की पुलिस रिमांड के दौरान उसके किराए के कमरे से 329.55 ग्राम मेफेड्रोन बरामद किया। इससे इस जांच में कुल जब्त मेफेड्रोन की मात्रा 701.10 ग्राम हो गई, जिसकी बाज़ार कीमत ₹70.11 लाख आँकी गई है।
गिरफ्तार आरोपी कौन है और उसका नेटवर्क कितना बड़ा था?
आरोपी असुरम उर्फ अशोककुमार भादू (बिश्नोई), 32 वर्ष, राजस्थान के बालोतरा जिले का निवासी है। वह राजस्थान से मेफेड्रोन मंगाकर अहमदाबाद के बापुनगर क्षेत्र के कूरियर आउटलेट्स से गुजरात के भीतर और बेंगलुरु जैसे अन्य शहरों में ड्रग्स भेजता था।
ड्रग्स कूरियर के ज़रिए क्यों भेजी जा रही थीं?
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी का मानना था कि हर पार्सल की जांच व्यावहारिक रूप से कठिन होती है, जिससे कूरियर नेटवर्क में अवरोधन का खतरा कम रहता है। वह टेलीफोन और मैसेजिंग एप्लिकेशन के ज़रिए डिलीवरी और ग्राहकों का समन्वय करता था।
तलाशी में क्या-क्या बरामद हुआ?
ओधव क्षेत्र के किराए के कमरे से 329.55 ग्राम मेफेड्रोन (₹32.95 लाख), ₹35,000 नकद, दो डिजिटल वजन मशीनें, 239 जिप-लॉक बैग, एल्युमिनियम फॉयल, लिफाफे, पैकेजिंग सामग्री, पासबुक, एटीएम कार्ड और पहचान दस्तावेजों की प्रतियाँ बरामद हुईं।
आगे की जांच में क्या देखा जा रहा है?
क्राइम ब्रांच नशीले पदार्थों के मूल स्रोत, तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य व्यक्तियों और पूरी वितरण श्रृंखला का पता लगाने के लिए जांच जारी रखे हुए है। आरोपी को पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जो उसके आपराधिक इतिहास की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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