श्वेयलोंग बर्फ भंजक जहाज ने आर्कटिक में 12 बर्फ स्टेशनों का सर्वेक्षण पूरा किया, बना नया रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
चीन के श्वेयलोंग (स्नो ड्रैगन) बर्फ भंजक जहाज ने चीन के 16वें आर्कटिक महासागर अभियान के तहत 12 बर्फ स्टेशनों पर सर्वेक्षण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है, जो आर्कटिक अभियान के इतिहास में किसी एकल जहाज द्वारा स्थापित नया कीर्तिमान है। यह अभियान चीनी प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया है।
अभियान की मुख्य उपलब्धियाँ
आर्कटिक की कठिन बर्फीली परिस्थितियों और परिचालन संबंधी चुनौतियों के बावजूद अभियान दल ने सुनियोजित रणनीति के ज़रिए बर्फ की सतह पर वैज्ञानिक उपकरणों का परिवहन और तैनाती सफलतापूर्वक सुनिश्चित की। इस दौरान 30 से अधिक सेट बर्फ-आधारित बोया (Ice-based Buoys) तैनात किए गए, जो आर्कटिक महासागर की निरंतर निगरानी में सहायक होंगे।
बर्फ के नमूने का संग्रह
रिपोर्टों के अनुसार, लगभग छह घंटों के अथक प्रयास के बाद अभियान दल ने एक बर्फ स्टेशन पर 1.3 मीटर मोटाई और 1.2 मीटर लंबाई व चौड़ाई वाला बर्फ का एक विशेष टुकड़ा प्राप्त किया। इस नमूने का उपयोग आगे आर्कटिक वातावरण में समुद्री बर्फ के यांत्रिक गुणों के मापन और विश्लेषण के लिए किया जाएगा।
वैज्ञानिक अवलोकन का दायरा
इस अभियान के दौरान वायुमंडलीय परिसीमा परत, समुद्री बर्फ के भौतिक गुण, बर्फ के नीचे की पारिस्थितिकी और उप-हिमनद महासागरीय धाराओं का व्यापक अवलोकन किया गया। यह डेटा जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में आर्कटिक पारिस्थितिकी तंत्र को समझने में वैज्ञानिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मानव-रहित निगरानी नेटवर्क की स्थापना
अभियान दल ने आर्कटिक महासागर में एक मानव-रहित (Unmanned) निरीक्षण नेटवर्क भी स्थापित किया। इसके साथ ही चीन में निर्मित उन्नत समुद्री निगरानी उपकरणों का परीक्षण और परिचालनात्मक अनुप्रयोग भी इस अभियान का हिस्सा रहा, जो देश की स्वदेशी समुद्री प्रौद्योगिकी क्षमता को दर्शाता है।
आगे की दिशा
यह अभियान आर्कटिक क्षेत्र में चीन की वैज्ञानिक उपस्थिति और अनुसंधान क्षमता को नई ऊँचाई देता है। एकत्र किए गए डेटा और नमूनों का विश्लेषण आने वाले महीनों में किया जाएगा, जिसके परिणाम वैश्विक जलवायु अनुसंधान में योगदान दे सकते हैं।