मनमोहन सिंह की जयंती: PM मोदी, राजनाथ सिंह समेत दिग्गज नेताओं ने किया याद
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने 26 सितंबर 2026 को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने देश की आर्थिक प्रगति में डॉ. सिंह के ऐतिहासिक योगदान को याद किया और उनकी विनम्रता व ईमानदारी को भारतीय सार्वजनिक जीवन का आदर्श बताया।
प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, 'पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कई साल बिताए और पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा की।' रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी एक्स पर लिखा कि सार्वजनिक जीवन और भारत की प्रगति में डॉ. सिंह के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
अन्य केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री के संदेश
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर डॉ. सिंह को 'भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं विख्यात अर्थशास्त्री' बताते हुए नमन किया। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि देश के लिए डॉ. सिंह का योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उन्हें 'महान अर्थशास्त्री' बताते हुए कोटि-कोटि नमन किया।
नवीन जिंदल का व्यक्तिगत संस्मरण
भाजपा नेता और उद्योगपति नवीन जिंदल ने एक्स पर अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान संसद में उनके साथ सेवा करना और उनकी शालीनता व गरिमा से सीखना उनके लिए 'सौभाग्य की बात थी।' जिंदल ने कहा कि डॉ. सिंह ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी और दुनिया में देश को नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह की 'विनम्रता और ईमानदारी भारतीय सार्वजनिक जीवन में एक मिसाल बनी हुई है।'
डॉ. मनमोहन सिंह की विरासत
डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भारतीय इतिहास में उस अर्थशास्त्री के रूप में दर्ज है जिन्होंने देश की आर्थिक प्रगति की नींव रखी। 1991 में वित्त मंत्री के रूप में उनके द्वारा शुरू किए गए आर्थिक उदारीकरण के सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा बदल दी। 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना (मनरेगा), सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) जैसे ऐतिहासिक कानून लागू किए।
राजनीतिक परे एकजुट श्रद्धा
गौरतलब है कि इस बार श्रद्धांजलि देने वालों में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेता शामिल हैं, जो यह दर्शाता है कि डॉ. सिंह की विरासत दलगत सीमाओं से परे है। उनका जीवन और कार्य भारतीय शासन व अर्थनीति की बहस में आज भी प्रासंगिक बना हुआ है।