मनमोहन सिंह की जयंती पर खड़गे और कांग्रेस नेताओं ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि, आर्थिक सुधारों की विरासत को किया याद
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने 26 सितंबर 2026 को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने भारत की आर्थिक प्रगति, राष्ट्र-निर्माण और समावेशी विकास में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया।
खड़गे का श्रद्धांजलि संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, 'हम भारत के राष्ट्र-निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के असाधारण योगदान को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं। एक दूरदर्शी राजनेता के तौर पर, उनके ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों ने भारत की विकास की दिशा बदल दी, नए अवसर पैदा किए और लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की।' उन्होंने आगे कहा कि डॉ. सिंह की विनम्रता, ईमानदारी और समझदारी उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही तथा उनकी सरकार का अधिकार-आधारित ढाँचा उनकी सोच का स्थायी प्रमाण है।
खड़गे ने यह भी कहा कि डॉ. सिंह की 'ईमानदार जन-सेवा, समावेशी विकास और बड़े बदलाव लाने वाले सुधारों की विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।'
मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह ने सार्वजनिक जीवन में बुद्धिमानी, विनम्रता और ईमानदारी का परिचय दिया। उन्होंने विशेष रूप से बेंगलुरु मेट्रो की आधारशिला रखते समय डॉ. सिंह की उस दूरदर्शिता का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कर्नाटक और बेंगलुरु के विकास को अविभाज्य बताया था।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंतंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एक्स पर लिखा कि डॉ. सिंह ने दूरदृष्टि और आर्थिक समझ से भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति दी और गरीब, दलित तथा वंचित तबकों के जीवन में अवसर बढ़ाना उनके आर्थिक दृष्टिकोण का अहम हिस्सा रहा।
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि डॉ. सिंह की विद्वता, सौम्यता और सरलता सभी के लिए प्रेरणादायक है और देश को आर्थिक शक्ति बनाने में उनके अतुलनीय योगदान को सदैव याद किया जाएगा।
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने एक्स पर लिखा कि डॉ. सिंह की 'समावेशी विकास की दृष्टि और अटूट राजनीतिक ईमानदारी ने 21वीं सदी में भारत के एक स्वर्णिम युग की नींव रखी।'
डॉ. मनमोहन सिंह की विरासत
डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भारतीय इतिहास में उस अर्थशास्त्री के रूप में अंकित है, जिन्होंने देश की आर्थिक प्रगति की मजबूत नींव रखी। 1991 में वित्त मंत्री के रूप में उनके द्वारा शुरू किए गए आर्थिक उदारीकरण के सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा को ऐतिहासिक रूप से बदला।
2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), सूचना का अधिकार अधिनियम और शिक्षा का अधिकार अधिनियम जैसे ऐतिहासिक कानून लागू हुए, जिन्होंने नागरिकों के अधिकारों और अवसरों को व्यापक रूप से विस्तार दिया।
आम जनता और राजनीतिक विरासत पर असर
गौरतलब है कि डॉ. सिंह का योगदान केवल एक दल या विचारधारा तक सीमित नहीं रहा — उनके आर्थिक सुधारों को आज भी अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता संदर्भ बिंदु के रूप में उद्धृत करते हैं। उनकी जयंती पर जारी इन श्रद्धांजलियों से स्पष्ट है कि उनकी राजनीतिक और आर्थिक विरासत कांग्रेस की पहचान का एक केंद्रीय स्तंभ बनी हुई है।
आने वाले समय में कांग्रेस पार्टी डॉ. सिंह की नीतिगत विरासत को अपने राजनीतिक विमर्श में और मजबूती से उठाती रहेगी, यह इन श्रद्धांजलियों के स्वर से स्पष्ट संकेत मिलता है।