राजीव गांधी जयंती: कर्नाटक CM डीके शिवकुमार बोले — 'नए भारत की कल्पना करने का साहस था उनमें'
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 20 अगस्त 2026 को पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शिवकुमार ने अपने राजनीतिक जीवन के शुरुआती वर्षों में राजीव गांधी द्वारा उन पर जताए गए विश्वास को याद करते हुए उन्हें युवा नेताओं के प्रेरणास्रोत बताया।
एक्स पर शिवकुमार का संदेश
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि जब भी उन्हें राजीव गांधी और युवा नेताओं के प्रति उनके प्रोत्साहन की याद आती है, तो उनके मन में गहरी कृतज्ञता का भाव उमड़ता है। उन्होंने लिखा, 'उन्होंने केवल भविष्य के बारे में बात नहीं की, उनमें एक नए भारत की कल्पना करने और एक पीढ़ी को यह विश्वास दिलाने का साहस था कि यह संभव है।'
राजीव गांधी की विरासत: मुख्य योगदान
शिवकुमार ने राजीव गांधी के कई ऐतिहासिक योगदानों को रेखांकित किया। उन्होंने मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 वर्ष करने, पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाने और स्थानीय शासन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहलों का विशेष उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने भारत में सूचना प्रौद्योगिकी एवं दूरसंचार क्रांति की नींव रखने, शिक्षा के आधुनिकीकरण और प्रौद्योगिकी के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करने का श्रेय भी राजीव गांधी को दिया। गौरतलब है कि भारत के आईटी क्षेत्र की वैश्विक पहचान की जड़ें उसी दौर की नीतिगत दूरदृष्टि में मानी जाती हैं।
शिवकुमार का व्यक्तिगत जुड़ाव
शिवकुमार ने कहा कि राजीव गांधी ने नेताओं की एक नई पीढ़ी को देश के भविष्य की जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रेरित किया और विज्ञान, प्रौद्योगिकी तथा लोकतांत्रिक मूल्यों से संचालित एक आधुनिक एवं प्रगतिशील भारत के निर्माण का समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक और यहाँ के लोगों के लिए काम करते हुए, मैं उनसे प्राप्त मूल्यों और प्रोत्साहन को अपने साथ रखता हूँ।'
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजीव गांधी की स्मृति उनके लिए केवल राजनीतिक यात्रा का हिस्सा नहीं, बल्कि एक आधुनिक, प्रगतिशील और समावेशी भारत की दिशा में कार्य जारी रखने की जिम्मेदारी भी है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की श्रद्धांजलि
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने भी राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के माध्यम से देश के आधुनिकीकरण में उनके अप्रतिम योगदान को याद किया। उन्होंने कहा, 'भारत की एकता, सुरक्षा और तकनीकी प्रगति के लिए राजीव गांधी की दूरदर्शी पहलें हमेशा याद रहेंगी।'
हरिप्रसाद ने राजीव गांधी के साथ अपने व्यक्तिगत जुड़ाव को भी याद किया और कहा कि उन्होंने सामाजिक परिवर्तन के संघर्ष के दौरान उनमें राजनीतिक प्रतिबद्धता का बीज बोया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री की विरासत को देश के तकनीकी विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में एक अमिट छाप बताया।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस कर्नाटक में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटी है और राजीव गांधी की जयंती को पार्टी अपनी विचारधारा की पुनर्स्थापना के अवसर के रूप में देखती है। शिवकुमार और हरिप्रसाद दोनों के संदेश यह संकेत देते हैं कि पार्टी प्रौद्योगिकी, युवा सशक्तीकरण और समावेशी शासन को अपने केंद्रीय विमर्श के रूप में आगे बढ़ाती रहेगी।