इंदौर MD ड्रग्स मामला: तीसरा आरोपी शादाब गिरफ्तार, ₹25 लाख से अधिक की मेफेड्रोन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
इंदौर की क्राइम ब्रांच ने 22 अक्टूबर 2026 को ₹25 लाख से अधिक मूल्य की एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) जब्ती के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान शादाब, निवासी थाना पिपलियामंडी, जिला मंदसौर के रूप में हुई है, जो मुख्य आरोपी से ड्रग्स खरीदकर उसका सेवन करता था। उस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे सह-आरोपी बनाया गया है।
मूल घटनाक्रम
इंदौर क्राइम ब्रांच की टीम ने पहले मेट्रो लाइन के समीप सर्विस रोड सुपर कॉरिडोर से आरोपी समीर खान और जाकिर हुसैन को 254 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) के साथ गिरफ्तार किया था। इस जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग ₹25.50 लाख आँकी गई थी।
इस घटना के बाद थाना अपराध शाखा इंदौर में एनडीपीएस एक्ट के तहत औपचारिक मामला पंजीबद्ध किया गया था, जिसकी विवेचना जारी है।
नई गिरफ्तारी कैसे हुई
प्रकरण की जाँच के दौरान पहले गिरफ्तार आरोपी समीर खान से की गई सघन पूछताछ में ड्रग्स के फॉरवर्ड लिंकेज का खुलासा हुआ। जाँच में यह सामने आया कि शादाब समीर खान से एमडी ड्रग्स खरीदता था और उसका व्यक्तिगत सेवन करता था। इस सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया।
गौरतलब है कि शादाब की भूमिका वितरण नहीं, बल्कि उपभोक्ता की थी — फिर भी एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत उसे सह-आरोपी बनाया गया है। यह कार्रवाई संकेत देती है कि पुलिस सप्लाई चेन के हर स्तर पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है।
इंदौर क्राइम ब्रांच का 2026 का कुल रिकॉर्ड
अधिकारियों के अनुसार, क्राइम ब्रांच इंदौर ने 1 जनवरी 2026 से अब तक कुल 79 मामलों में 177 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों के दौरान जब्त मादक पदार्थों में शामिल हैं:
3.3547 किलोग्राम एमडी ड्रग्स, 32.402 किलोग्राम गांजा, 500 किलोग्राम भांग, 385.12 ग्राम ब्राउन शुगर और 10 ग्राम कोकीन — जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹4 करोड़ 27 लाख 36,000 बताई गई है। इसके अलावा आरोपियों के वाहन भी जब्त किए गए हैं।
राज्यव्यापी नशामुक्ति अभियान
यह गिरफ्तारी मध्य प्रदेश में चल रहे नशामुक्ति अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत अवैध मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त और तस्करों के विरुद्ध सघन चेकिंग एवं धरपकड़ अभियान लगातार जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में, विशेषकर इंदौर जैसे बड़े शहरों में, सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते प्रचलन को लेकर चिंता बढ़ी है।
आगे की जाँच
क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपियों से मादक पदार्थ नेटवर्क के अन्य लिंकेज की विस्तृत पड़ताल अभी जारी है। अन्य संभावित संदिग्धों की पहचान और आपूर्ति श्रृंखला का पूरा खुलासा करने के लिए जाँच टीम सक्रिय है।