25 अगस्त 2026
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सूरत में ₹30 लाख का एमडी ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त, पूर्व एयर होस्टेस मानसी समेत दो गिरफ्तार

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सूरत में ₹30 लाख का एमडी ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त, पूर्व एयर होस्टेस मानसी समेत दो गिरफ्तार

सारांश

सूरत क्राइम ब्रांच ने एक पूर्व एयर होस्टेस को ₹30 लाख से अधिक की 977 ग्राम एमडी के साथ दबोचा — जो 2021 में इंदौर से जेल जाने के बाद फिर से नेटवर्क चला रही थी। बड़ौदा से सूरत तक किराए की कार में चली यह खेप 'नो ड्रग्स इन सूरत सिटी' अभियान की बड़ी सफलता है।

मुख्य बातें

सूरत क्राइम ब्रांच ने 24 अगस्त 2026 को अंतरराज्यीय एमडी ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 977 ग्राम मेफेड्रोन बरामद की।
बरामद एमडी की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत ₹30 लाख से अधिक आँकी गई है।
मुख्य आरोपी मानसी अब्दुल सैयद पूर्व में मलेशिया एयरलाइंस में एयर होस्टेस रह चुकी है और 2021 में इंदौर क्राइम ब्रांच द्वारा पहले भी गिरफ्तार की जा चुकी है।
दूसरा आरोपी सोहेल सुलेमान शेख (उम्र 20 वर्ष ) मानसी का पड़ोसी है; वह कथित तौर पर पुलिस को गुमराह करने के लिए साथ रखा जाता था।
पुलिस आरोपियों के मोबाइल उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण कर मुंबई स्थित नेटवर्क की कड़ियाँ खंगाल रही है।

सूरत क्राइम ब्रांच ने 24 अगस्त 2026 को 'नो ड्रग्स इन सूरत सिटी' अभियान के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया और 977 ग्राम एमडी के साथ दो आरोपियों को दबोचा। बरामद नशीले पदार्थ की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ₹30 लाख से अधिक आँकी जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मानसी अब्दुल सैयद और उसके साथी सोहेल सुलेमान शेख के रूप में हुई है। दोनों मुंबई के सांताक्रूज इलाके के निवासी हैं। जाँच एजेंसियों के अनुसार, मानसी इस नेटवर्क की मुख्य मास्टरमाइंड है और वह पूर्व में मलेशिया एयरलाइंस में एयर होस्टेस के तौर पर कार्यरत रह चुकी है।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त करणराज सिंह वाघेला ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि एक महिला बड़ौदा रेलवे स्टेशन के आसपास एमडी ड्रग्स की सप्लाई करने वाली है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नज़र रखी।

कैसे हुई गिरफ्तारी

मानसी और सोहेल मुंबई से किराए की कार लेकर बड़ौदा पहुँचे, जहाँ उन्होंने करीब एक किलो एमडी की डिलीवरी ली और एक्सप्रेसवे के रास्ते सूरत होते हुए वापस मुंबई की ओर रवाना हो गए। सूरत रूरल पुलिस के एसपी राजेश गढिया और एसओजी टीम के साथ संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने ऐना टोल नाके के पास संदिग्ध कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी में 977 ग्राम एमडी बरामद हुई और दोनों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मानसी का ड्रग नेटवर्क से पुराना नाता है। उसके पिता एयर इंडिया में टेक्नीशियन रह चुके हैं। पुलिस के अनुसार, मानसी ने करीब 8 से 10 देशों की यात्रा की है। जाँच में यह भी खुलासा हुआ कि वह वर्ष 2021 से पहले मध्य प्रदेश के ड्रग नेटवर्क से कथित तौर पर जुड़ी थी।

वर्ष 2021 में इंदौर क्राइम ब्रांच ने उसे 100 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया था। उस मामले में वह कथित तौर पर बच्चों के डायपर के ज़रिए ड्रग्स की तस्करी करती थी। करीब चार साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर मानसी मुंबई आ गई। पुलिस का दावा है कि पिछले करीब डेढ़ साल से वह मुंबई में ड्रग पैडलर्स को नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रही थी।

सोहेल की संदिग्ध भूमिका

दूसरा आरोपी सोहेल सुलेमान शेख महज 20 वर्ष का है और मानसी का पड़ोसी बताया जा रहा है। मानसी के परिवार ने कथित तौर पर सोहेल के पालन-पोषण और आर्थिक सहायता में भूमिका निभाई थी। जाँच एजेंसियों के अनुसार, मानसी पुलिस चेकिंग से बचने के लिए सोहेल को कभी पति तो कभी भाई के रूप में पेश करती थी, ताकि दोनों के बीच पारिवारिक संबंध का भ्रम पैदा हो। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सोहेल की भूमिका केवल खेप पहुँचाने तक सीमित थी या वह नेटवर्क के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय था।

आगे की जाँच

सूरत पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की प्रक्रिया में जुटी है। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे मुंबई में सक्रिय कथित पैडलर्स और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सके। ज़रूरत पड़ने पर मुंबई क्राइम ब्रांच से भी समन्वय किया जाएगा। यह मामला 'नो ड्रग्स इन सूरत सिटी' अभियान के तहत अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उस खतरनाक पैटर्न की झलक है जिसमें जमानत के बाद पुनर्वास की कोई प्रभावी व्यवस्था न होने से आरोपी और बड़े नेटवर्क में लौट आते हैं — 2021 की सज़ा के बावजूद मानसी डेढ़ साल में पहले से बड़ी खेप के साथ पकड़ी गई। यह सवाल उठाता है कि ड्रग मामलों में जमानत के बाद निगरानी और पुनर्वास तंत्र कितना कारगर है। 'नो ड्रग्स इन सूरत सिटी' जैसे अभियान तत्काल सफलता देते हैं, लेकिन जब तक मुंबई जैसे आपूर्ति केंद्रों पर समानांतर कार्रवाई नहीं होती, माँग-आपूर्ति की यह कड़ी टूटती नहीं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सूरत में एमडी ड्रग्स नेटवर्क भंडाफोड़ में क्या हुआ?
सूरत क्राइम ब्रांच ने 24 अगस्त 2026 को ऐना टोल नाके के पास एक कार रोककर 977 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) बरामद की और दो आरोपियों — मानसी अब्दुल सैयद व सोहेल सुलेमान शेख — को गिरफ्तार किया। बरामद माल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में ₹30 लाख से अधिक बताई जा रही है।
गिरफ्तार पूर्व एयर होस्टेस मानसी का ड्रग्स से क्या संबंध है?
मानसी अब्दुल सैयद पूर्व में मलेशिया एयरलाइंस में एयर होस्टेस रह चुकी है और वर्ष 2021 में इंदौर क्राइम ब्रांच ने उसे 100 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया था। उस मामले में वह कथित तौर पर बच्चों के डायपर में ड्रग्स छुपाकर तस्करी करती थी। करीब चार साल जेल में रहने के बाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर वह मुंबई आ गई और पुलिस के अनुसार डेढ़ साल से फिर से नेटवर्क चला रही थी।
ड्रग्स की खेप कहाँ से कहाँ जा रही थी?
आरोपी मुंबई से किराए की कार लेकर बड़ौदा पहुँचे, जहाँ उन्होंने एमडी की डिलीवरी ली और एक्सप्रेसवे के रास्ते सूरत होते हुए वापस मुंबई की ओर जा रहे थे। पुलिस ने सूरत के ऐना टोल नाके के पास कार रोककर दोनों को गिरफ्तार किया।
दूसरे आरोपी सोहेल की इस नेटवर्क में क्या भूमिका थी?
सोहेल सुलेमान शेख 20 वर्षीय मानसी का पड़ोसी है। जाँच एजेंसियों के अनुसार, मानसी उसे पुलिस चेकिंग के दौरान पति या भाई बताकर संदेह से बचती थी। पुलिस अभी यह तय करने में जुटी है कि उसकी भूमिका केवल खेप पहुँचाने तक सीमित थी या वह नेटवर्क के अन्य हिस्सों में भी शामिल था।
सूरत पुलिस अब आगे क्या कदम उठा रही है?
पुलिस दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और उनके मोबाइल फोन व अन्य उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। मुंबई में सक्रिय कथित पैडलर्स और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए ज़रूरत पड़ने पर मुंबई क्राइम ब्रांच से भी समन्वय किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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