ईडी का इंदौर-मंदसौर में छापा: ₹70 करोड़ के 70 किलो MDMA तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इंदौर उप क्षेत्रीय कार्यालय ने 17 जुलाई को मध्य प्रदेश के इंदौर और मंदसौर में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई कथित तौर पर ₹70 करोड़ मूल्य के 70 किलोग्राम एमडीएमए (मेफेड्रोन) की बहुराज्यीय तस्करी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क की जाँच के तहत की गई। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत यह ईडी की अब तक की सबसे बड़ी समन्वित कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।
जाँच की शुरुआत और आरोपी की तलाश
ईडी ने इंदौर अपराध शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की। जाँच में सामने आया कि मुख्य आरोपियों में से एक अपने ज्ञात पतों से फरार हो चुका था। इसके बाद ईडी ने उन्नत खुफिया और विश्लेषणात्मक तकनीकों का उपयोग करते हुए हैदराबाद, बीकानेर और इंदौर में कई दिनों तक उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी।
आरोपी की गिरफ्तारी और तलाशी
लगातार निगरानी के बाद आरोपी को इंदौर के एक अज्ञात पते पर पकड़ा गया, जिसके बाद तलाशी अभियान को औपचारिक रूप दिया गया। तलाशी के दौरान महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेज़, डिजिटल उपकरण और आरोपियों की संपत्तियों तथा वित्तीय लेन-देन से जुड़े विवरण बरामद किए गए। इन सभी को फोरेंसिक जाँच के लिए जब्त कर लिया गया है।
बैंक लॉकर और वित्तीय नेटवर्क की जाँच
तलाशी के दौरान एक बैंक लॉकर भी आरोपी के एक रिश्तेदार के नाम पर पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस लॉकर पर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई अलग से चलाई जा रही है। ईडी अब अपराध की आय की पहचान करने, धन के प्रवाह का पता लगाने और मनी लॉन्ड्रिंग की सीमा निर्धारित करने के लिए विस्तृत वित्तीय विश्लेषण करेगी।
आगे की जाँच
गौरतलब है कि यह मामला केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है — हैदराबाद और बीकानेर तक फैले तस्करी नेटवर्क के सुराग मिले हैं, जो इसे एक बहुराज्यीय संगठित अपराध नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं। ईडी सभी संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और वित्तीय संबंधों की जाँच कर रही है। जाँच में सामने आए नए सुराग भविष्य में और गिरफ्तारियों का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।