ईडी का चेन्नई और रामनाथपुरम में तलाशी अभियान: ₹258 करोड़ के नशीले पदार्थों की तस्करी में मनी लॉन्ड्रिंग जांच
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय ने 26 मई 2025 को चेन्नई और रामनाथपुरम में पाँच स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत दर्ज मामले में की गई। तलाशी के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित आपत्तिजनक दस्तावेज़ और साक्ष्य जब्त किए गए।
मामले की पृष्ठभूमि
ईडी ने राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) द्वारा एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज दो अलग-अलग अभियोजन शिकायतों के आधार पर इस जांच की शुरुआत की। दोनों मामलों में भारी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किए गए थे, जिनका संयुक्त अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹258 करोड़ से अधिक है।
मुख्य घटनाक्रम: दो बड़ी बरामदगियाँ
पहले मामले में डीआरआई चेन्नई ज़ोन के अधिकारियों और भारतीय तटरक्षक बल के कर्मियों ने एक संयुक्त अभियान में 5 मार्च 2024 की तड़के मन्नार की खाड़ी में एक देसी नाव को रोका। उस नाव से 99 किलोग्राम हशीश जब्त की गई, जिसका अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹108 करोड़ बताया गया है। यह खेप श्रीलंका तस्करी किए जाने की फिराक में थी।
दूसरे मामले में डीआरआई के अधिकारियों ने मदुरै रेलवे स्टेशन पर फिलोमेन प्रकाश नामक व्यक्ति को पकड़ा और उससे 37.645 किलोग्राम मेथम्फेटामाइन बरामद की। इस मादक पदार्थ का अनुमानित बाज़ार मूल्य ₹150 करोड़ है। आरोपी यह खेप चेन्नई से मदुरै अपने सहयोगियों को आगे आपूर्ति करने के लिए ले जा रहा था।
सरगना जॉन ब्रिटो की भूमिका
जांच में सामने आया है कि दोनों मामलों में नशीले पदार्थों की तस्करी का मास्टरमाइंड जॉन ब्रिटो है। वह प्रतिबंधित मादक पदार्थों की खरीद करता था और रेमिस्तान, रामिश, जानसन तथा प्रताप नामक मछुआरों व नाव मालिकों की मदद से समुद्री मार्ग से श्रीलंका तक तस्करी करवाता था। इन वाहकों को परिवहन के बदले कमीशन मिलना था।
जांचकर्ताओं के अनुसार, जॉन ब्रिटो अपने वाहकों, रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों को हवाला चैनलों के ज़रिए भुगतान करता था। इन आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन को ही मनी लॉन्ड्रिंग का मूल स्रोत माना जा रहा है। गौरतलब है कि जॉन ब्रिटो फिलहाल फरार है और कथित तौर पर विदेश से ही अपने गिरोह का संचालन कर रहा था।
आगे की जांच
ईडी के अनुसार, इस मामले में आगे की जांच जारी है। यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब भारत-श्रीलंका समुद्री मार्ग पर नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय एजेंसियाँ सक्रिय हैं। हवाला नेटवर्क की जांच से और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।