17 जुलाई 2026
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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: अहमदाबाद में 80 मीटर लंबे 'मेक इन इंडिया' स्टील पुल का सफल शुभारंभ

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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: अहमदाबाद में 80 मीटर लंबे 'मेक इन इंडिया' स्टील पुल का सफल शुभारंभ

सारांश

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर ने अहमदाबाद के अनुपम फ्लाईओवर पर 1,004 मीट्रिक टन वज़नी, 80 मीटर लंबे स्वदेशी स्टील पुल को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। गुजरात में अब 17 में से 15 स्टील पुल पूर्ण हो चुके हैं, और पूरे कॉरिडोर पर 28 में से यह 'मेक इन इंडिया' का अहम पड़ाव है।

मुख्य बातें

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने 17 जुलाई 2026 को अहमदाबाद के अनुपम फ्लाईओवर पर 80 मीटर लंबे स्टील पुल का सफल शुभारंभ किया।
पुल का वज़न 1,004 मीट्रिक टन , ऊँचाई 14 मीटर और चौड़ाई 14.4 मीटर ; निर्माण वर्धा (नागपुर) स्थित जेटवर्क इकाई में हुआ।
असेंबली में 35,602 TTHS बोल्टों और 18 स्किड व्यवस्थाओं का उपयोग; पुल ज़मीन से 18 मीटर ऊपर जोड़ा गया।
गुजरात में नियोजित 17 स्टील पुलों में से 15 अब तक पूर्ण।
पूरे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर पर कुल 28 स्टील पुलों की योजना है।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने 17 जुलाई 2026 को अहमदाबाद के अनुपम फ्लाईओवर (रेलवे ओवरब्रिज) पर 80 मीटर लंबे 'मेक इन इंडिया' स्टील पुल के सफल शुभारंभ के साथ एक और महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग पड़ाव पार किया है। यह उपलब्धि देश के सबसे महत्वाकांक्षी रेल अवसंरचना प्रकल्पों में से एक के लिए स्वदेशी निर्माण क्षमता का प्रमाण है।

पुल की अवस्थिति और इंजीनियरिंग चुनौती

पश्चिमी रेलवे की अहमदाबाद-मुंबई मुख्य लाइन (साबरमती-वटवा खंड) पर स्थित अनुपम फ्लाईओवर, खोखरा अपैरल पार्क मेट्रो स्टेशन और कांकरिया झील को जोड़ने वाला एक अहम सड़क मार्ग है। बुलेट ट्रेन का वायडक्ट इसी रेलवे लाइन के समानांतर गुज़रता है।

अहमदाबाद जिले में बुलेट ट्रेन पुल का निर्माण मुख्यतः स्पैन-बाय-स्पैन (SBS) विधि से किया जा रहा है, जिसमें सामान्य स्पैन की लंबाई 30 से 50 मीटर के बीच होती है। किंतु अनुपम फ्लाईओवर क्रॉसिंग पर खंभों को मौजूदा फ्लाईओवर के दोनों ओर स्थापित करना अनिवार्य था, जिस कारण असाधारण रूप से लंबे 80 मीटर के स्पैन की आवश्यकता पड़ी।

स्टील पुल की तकनीकी विशेषताएँ

1,004 मीट्रिक टन भार, 14 मीटर ऊँचाई और 14.4 मीटर चौड़ाई वाला यह इस्पात पुल महाराष्ट्र के वर्धा (नागपुर) स्थित जेटवर्क की विनिर्माण इकाई में तैयार किया गया और फिर निर्माण स्थल पर पहुँचाया गया।

पुल की असेंबली और लॉन्चिंग के लिए 10.8 मीटर × 140 मीटर माप का लगभग 1,110 मीट्रिक टन वज़नी एक विशेष अस्थायी लॉन्चिंग ढाँचा तैयार किया गया था। पुल को ज़मीन से लगभग 18 मीटर ऊपर अस्थायी ट्रस पर 18 स्किड व्यवस्थाओं और 35,602 टॉर-शियर टाइप हाई स्ट्रेंथ (TTHS) बोल्टों के ज़रिये असेंबल किया गया, जिससे उच्च संरचनात्मक अखंडता सुनिश्चित की गई।

दीर्घकालिक टिकाऊपन और कंपन नियंत्रण के लिए संरचना में C5 सुरक्षात्मक पेंटिंग प्रणाली और इलास्टोमेरिक बियरिंग लगाई गई हैं।

लॉन्चिंग प्रक्रिया

असेंबली पूर्ण होने के बाद हाइड्रोलिक जैक की सहायता से पूरे पुल को अस्थायी लॉन्चिंग स्ट्रक्चर के ऊपर अनुदैर्ध्य दिशा में खिसकाया गया। यह कार्य स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्वीकृत नियोजित यातायात अवरोध के दौरान सम्पन्न हुआ, ताकि जन सुरक्षा और समस्त निर्माण व सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो सके। अनुदैर्ध्य लॉन्च के बाद बुलेट ट्रेन वायडक्ट के साथ सटीक संरेखण प्राप्त करने के लिए पुल को पार्श्व दिशा में भी सावधानीपूर्वक घुमाया गया।

समग्र परियोजना की प्रगति

इस उपलब्धि के साथ गुजरात में नियोजित 17 स्टील पुलों में से 15 पूर्ण हो चुके हैं। समूचे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए कुल 28 स्टील पुलों की योजना है। यह परियोजना स्वदेशी इंजीनियरिंग और 'मेक इन इंडिया' पहल की व्यावहारिक सफलता का एक ठोस उदाहरण बनती जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

किंतु असली कसौटी पूरे कॉरिडोर की समयसीमा है — जो कई बार खिसक चुकी है। गुजरात में 17 में से 15 पुल पूर्ण होना प्रगति का संकेत है, परंतु महाराष्ट्र खंड में भूमि अधिग्रहण और समुद्री वायडक्ट की चुनौतियाँ अभी भी अनसुलझी हैं। 'मेक इन इंडिया' के तहत वर्धा में पुल निर्माण स्वदेशी क्षमता की सकारात्मक मिसाल है, लेकिन जब तक यात्री सेवा की ठोस तारीख सामने नहीं आती, ये इंजीनियरिंग मील के पत्थर जनता के लिए महज़ प्रतीकात्मक ही रहेंगे।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए अहमदाबाद में कौन-सा स्टील पुल लॉन्च किया गया?
अहमदाबाद के अनुपम फ्लाईओवर (रेलवे ओवरब्रिज) पर 80 मीटर लंबा, 1,004 मीट्रिक टन वज़नी 'मेक इन इंडिया' स्टील पुल 17 जुलाई 2026 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। यह पुल खोखरा अपैरल पार्क मेट्रो स्टेशन और कांकरिया झील को जोड़ने वाले मार्ग के ऊपर से गुज़रता है।
इस स्टील पुल का निर्माण कहाँ हुआ?
यह स्टील पुल महाराष्ट्र के वर्धा (नागपुर) स्थित जेटवर्क की विनिर्माण इकाई में तैयार किया गया और फिर अहमदाबाद के निर्माण स्थल पर पहुँचाया गया। यह 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत स्वदेशी निर्माण का उदाहरण है।
80 मीटर लंबे स्पैन की ज़रूरत क्यों पड़ी?
अनुपम फ्लाईओवर क्रॉसिंग पर बुलेट ट्रेन के खंभों को मौजूदा फ्लाईओवर के दोनों ओर स्थापित करना पड़ा, जिससे सामान्य 30-50 मीटर के बजाय 80 मीटर के असाधारण स्पैन की आवश्यकता हुई। यह पूरे अहमदाबाद खंड की एक विशेष इंजीनियरिंग चुनौती थी।
गुजरात में बुलेट ट्रेन के स्टील पुलों की कुल कितनी प्रगति हुई है?
इस उपलब्धि के साथ गुजरात में नियोजित 17 स्टील पुलों में से 15 पूर्ण हो चुके हैं। पूरे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए कुल 28 स्टील पुलों की योजना है।
पुल की लॉन्चिंग प्रक्रिया कैसे की गई?
पुल को ज़मीन से 18 मीटर ऊपर अस्थायी ट्रस पर 18 स्किड व्यवस्थाओं और 35,602 TTHS बोल्टों से असेंबल किया गया, फिर हाइड्रोलिक जैक से अनुदैर्ध्य दिशा में खिसकाया गया। इसके बाद सटीक संरेखण के लिए पुल को पार्श्व दिशा में भी घुमाया गया। यह कार्य स्थानीय अधिकारियों से अनुमति प्राप्त यातायात अवरोध के दौरान किया गया।
राष्ट्र प्रेस
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