मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: अहमदाबाद में 80 मीटर लंबे 'मेक इन इंडिया' स्टील पुल का सफल शुभारंभ
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना ने 17 जुलाई 2026 को अहमदाबाद के अनुपम फ्लाईओवर (रेलवे ओवरब्रिज) पर 80 मीटर लंबे 'मेक इन इंडिया' स्टील पुल के सफल शुभारंभ के साथ एक और महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग पड़ाव पार किया है। यह उपलब्धि देश के सबसे महत्वाकांक्षी रेल अवसंरचना प्रकल्पों में से एक के लिए स्वदेशी निर्माण क्षमता का प्रमाण है।
पुल की अवस्थिति और इंजीनियरिंग चुनौती
पश्चिमी रेलवे की अहमदाबाद-मुंबई मुख्य लाइन (साबरमती-वटवा खंड) पर स्थित अनुपम फ्लाईओवर, खोखरा अपैरल पार्क मेट्रो स्टेशन और कांकरिया झील को जोड़ने वाला एक अहम सड़क मार्ग है। बुलेट ट्रेन का वायडक्ट इसी रेलवे लाइन के समानांतर गुज़रता है।
अहमदाबाद जिले में बुलेट ट्रेन पुल का निर्माण मुख्यतः स्पैन-बाय-स्पैन (SBS) विधि से किया जा रहा है, जिसमें सामान्य स्पैन की लंबाई 30 से 50 मीटर के बीच होती है। किंतु अनुपम फ्लाईओवर क्रॉसिंग पर खंभों को मौजूदा फ्लाईओवर के दोनों ओर स्थापित करना अनिवार्य था, जिस कारण असाधारण रूप से लंबे 80 मीटर के स्पैन की आवश्यकता पड़ी।
स्टील पुल की तकनीकी विशेषताएँ
1,004 मीट्रिक टन भार, 14 मीटर ऊँचाई और 14.4 मीटर चौड़ाई वाला यह इस्पात पुल महाराष्ट्र के वर्धा (नागपुर) स्थित जेटवर्क की विनिर्माण इकाई में तैयार किया गया और फिर निर्माण स्थल पर पहुँचाया गया।
पुल की असेंबली और लॉन्चिंग के लिए 10.8 मीटर × 140 मीटर माप का लगभग 1,110 मीट्रिक टन वज़नी एक विशेष अस्थायी लॉन्चिंग ढाँचा तैयार किया गया था। पुल को ज़मीन से लगभग 18 मीटर ऊपर अस्थायी ट्रस पर 18 स्किड व्यवस्थाओं और 35,602 टॉर-शियर टाइप हाई स्ट्रेंथ (TTHS) बोल्टों के ज़रिये असेंबल किया गया, जिससे उच्च संरचनात्मक अखंडता सुनिश्चित की गई।
दीर्घकालिक टिकाऊपन और कंपन नियंत्रण के लिए संरचना में C5 सुरक्षात्मक पेंटिंग प्रणाली और इलास्टोमेरिक बियरिंग लगाई गई हैं।
लॉन्चिंग प्रक्रिया
असेंबली पूर्ण होने के बाद हाइड्रोलिक जैक की सहायता से पूरे पुल को अस्थायी लॉन्चिंग स्ट्रक्चर के ऊपर अनुदैर्ध्य दिशा में खिसकाया गया। यह कार्य स्थानीय अधिकारियों द्वारा स्वीकृत नियोजित यातायात अवरोध के दौरान सम्पन्न हुआ, ताकि जन सुरक्षा और समस्त निर्माण व सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो सके। अनुदैर्ध्य लॉन्च के बाद बुलेट ट्रेन वायडक्ट के साथ सटीक संरेखण प्राप्त करने के लिए पुल को पार्श्व दिशा में भी सावधानीपूर्वक घुमाया गया।
समग्र परियोजना की प्रगति
इस उपलब्धि के साथ गुजरात में नियोजित 17 स्टील पुलों में से 15 पूर्ण हो चुके हैं। समूचे मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए कुल 28 स्टील पुलों की योजना है। यह परियोजना स्वदेशी इंजीनियरिंग और 'मेक इन इंडिया' पहल की व्यावहारिक सफलता का एक ठोस उदाहरण बनती जा रही है।