मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन: भरूच में 330 मीटर स्टील ब्रिज का 230 मीटर हिस्सा तैयार, 16 मई को लॉन्च हुआ 130 मीटर स्पैन
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के भरूच जिले में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत त्रालसी गाँव के निकट भारतीय रेलवे ट्रैक पर निर्माणाधीन 330 मीटर लंबे स्टील ब्रिज का 130 मीटर लंबा स्पैन 16 मई 2026 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया। इस उपलब्धि के साथ ब्रिज का कुल 230 मीटर हिस्सा अब तैयार हो चुका है, जो इस महत्वाकांक्षी परियोजना की रफ्तार का प्रमाण है।
ब्रिज की संरचना और तकनीकी विशेषताएँ
यह ब्रिज वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के सूरत-वडोदरा सेक्शन के बीच से गुजरता है। तीन स्पैन वाले इस ब्रिज में 100 मीटर + 130 मीटर का सतत (कंटीन्यूअस) विस्तार और 100 मीटर का सिम्पली सपोर्टेड विस्तार शामिल है। 130 मीटर लंबे स्पैन का वजन लगभग 2,900 मीट्रिक टन है।
इस विशाल स्पैन को जमीन से करीब 14 मीटर की ऊँचाई पर अस्थायी ट्रेस्टलों पर तैयार किया गया और दो सेमी-ऑटोमैटिक जैक्स की सहायता से आगे बढ़ाकर स्थापित किया गया। ब्रिज की चौड़ाई 15.5 मीटर और ऊँचाई लगभग 18 मीटर है।
निर्माण इतिहास और आगे की योजना
इससे पहले मार्च 2026 में 100 मीटर लंबे सिम्पली सपोर्टेड विस्तार — जिसका वजन 1,500 मीट्रिक टन है — को निर्माण स्थल पर ही इन-सीटू पद्धति से स्थापित किया जा चुका था। शेष 100 मीटर का सतत विस्तार (लगभग 1,600 मीट्रिक टन) जल्द ही लगाया जाएगा। तीनों स्पैन पूर्ण होने पर इस ब्रिज का कुल वजन करीब 6,100 मीट्रिक टन हो जाएगा।
निर्माण सामग्री और दीर्घायु
इस स्टील ब्रिज को गुजरात के उमरगाँव स्थित कारखाने में तैयार किया गया है। इसे 100 वर्षों की दीर्घ आयु को ध्यान में रखकर अभिकल्पित किया गया है। निर्माण में 1,21,373 हाई-स्ट्रेंथ बोल्ट्स, विशेष प्रकार की पेंटिंग और मेटैलिक बेयरिंग का उपयोग किया गया है।
यातायात प्रबंधन
फ्रेट ट्रेन की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था अत्यंत सावधानी से संचालित की गई, जिससे मालगाड़ियों की आवाजाही में न्यूनतम बाधा उत्पन्न हुई।
समग्र परियोजना की प्रगति
गौरतलब है कि अब तक गुजरात में बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए निर्धारित 17 स्टील ब्रिजों में से 14 पूरे हो चुके हैं। पूरे मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के लिए कुल 28 स्टील ब्रिज बनाने की योजना है। यह प्रगति परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।