25 अक्टूबर 2026
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फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान वाले बयान पर हुसैन दलवई बोले — 'ऐसी टिप्पणी उचित नहीं'

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फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान वाले बयान पर हुसैन दलवई बोले — 'ऐसी टिप्पणी उचित नहीं'

सारांश

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान-समर्थक बयान को सीधे गलत ठहराया — गठबंधन साझीदार होने के बावजूद यह तीखी असहमति कश्मीर-पाकिस्तान विमर्श में कांग्रेस की अलग लाइन का संकेत है। मुख्य चुनाव आयुक्त और महाराष्ट्र वित्त मंत्रालय पर भी उनके बयान राजनीतिक हलचल पैदा करने वाले हैं।

मुख्य बातें

हुसैन दलवई ने 25 अक्टूबर 2026 को मुंबई में फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान-समर्थक बयान को 'उचित नहीं' बताया।
दलवई ने कहा कि कश्मीर पर अन्याय के विरुद्ध लोकतांत्रिक तरीके से आवाज़ उठाई जानी चाहिए, पाकिस्तान का समर्थन करके नहीं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उन्होंने कहा — 'उन्हें जाना पड़ेगा या जवाब देना होगा।' महाराष्ट्र के वित्त मंत्रालय पर दलवई ने कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस को यह विभाग मिलने की संभावना उन्हें नहीं लगती।
दलवई ने पाकिस्तान को 'फेल देश' बताते हुए कहा कि उसके पक्ष में बयान देना किसी वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता।

कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने 25 अक्टूबर 2026 को मुंबई में नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के हालिया बयान पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान के पक्ष में की गई कोई भी टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। दलवई ने यह भी स्पष्ट किया कि अब्दुल्ला एक वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, इसलिए उनके विचारों पर सम्मानपूर्वक बहस होनी चाहिए, परंतु पाकिस्तान का समर्थन किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर आपत्ति

दलवई ने कहा कि पाकिस्तान लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाता रहा है। ऐसे माहौल में कश्मीर की स्थिति को लेकर पाकिस्तान के पक्ष में कोई भी टिप्पणी करना राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने जोड़ा कि यदि कश्मीर में किसी मुद्दे पर अन्याय हो रहा है, तो उसके विरुद्ध लोकतांत्रिक ढंग से आवाज़ उठाई जानी चाहिए — न कि पाकिस्तान का समर्थन करके।

दलवई ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति का भी हवाला देते हुए कहा कि 'पाकिस्तान फेल देश है' और वहाँ के प्रशासन तथा नीतियों पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उनके अनुसार ऐसे देश के पक्ष में बयान देना किसी भी वरिष्ठ नेता के लिए उचित नहीं है।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर दलवई ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दावा किया कि 'उन्हें जाना पड़ेगा या बताना पड़ेगा कि उन्होंने किसके कहने पर ये सब किया।' उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर अनेक शंकाएँ उभरी हैं और सर्वोच्च न्यायालय ने भी कुछ संबंधित मामलों में टिप्पणियाँ की हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।

महाराष्ट्र में वित्त मंत्रालय पर राजनीतिक खींचतान

महाराष्ट्र की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए दलवई ने कहा कि वित्त मंत्रालय पहले अजित पवार के पास था और उनके जाने के बाद इस विभाग के बंटवारे को लेकर राजनीतिक स्तर पर खींचतान जारी है। उन्होंने सीधे कहा कि 'राष्ट्रवादी कांग्रेस को यह विभाग मिलेगा, ऐसा मुझे नहीं लगता।' वित्त विभाग राज्य सरकार का एक अत्यंत महत्त्वपूर्ण मंत्रालय है, और इसे लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर तनाव बना रह सकता है।

व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि फारूक अब्दुल्ला लंबे समय से कश्मीर में बातचीत और कूटनीति के हिमायती रहे हैं, और उनके बयान अक्सर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ते हैं। दलवई की इस प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि कांग्रेस इस मुद्दे पर नेशनल कॉन्फ्रेंस से खुद को अलग करना चाहती है। आने वाले दिनों में फारूक अब्दुल्ला का जवाब और अन्य विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रिया इस विमर्श की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर तब जब दोनों दल जम्मू-कश्मीर में सरकार में साझीदार हैं। विरोधाभास यह है कि गठबंधन की एकजुटता बनाए रखते हुए फारूक अब्दुल्ला की खुलकर आलोचना करना कांग्रेस के लिए एक नाज़ुक कूटनीतिक संतुलन है। मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमला विपक्ष की उस सुनियोजित रणनीति का हिस्सा लगता है जो चुनावी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाकर जनमत को प्रभावित करना चाहती है — लेकिन इसे ठोस साक्ष्य से पुष्ट करने की ज़िम्मेदारी भी उन्हीं पर है।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुसैन दलवई ने फारूक अब्दुल्ला के बयान पर क्या कहा?
दलवई ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला एक वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन पाकिस्तान के पक्ष में दिया गया उनका बयान उचित नहीं है। उनके अनुसार कश्मीर पर किसी अन्याय के खिलाफ लोकतांत्रिक ढंग से आवाज़ उठाई जानी चाहिए, पाकिस्तान का समर्थन करके नहीं।
दलवई ने पाकिस्तान के बारे में क्या कहा?
दलवई ने पाकिस्तान को 'फेल देश' बताया और कहा कि वहाँ के प्रशासन तथा नीतियों पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे देश के पक्ष में बयान देना किसी भी नेता के लिए उचित नहीं है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर दलवई का क्या रुख है?
दलवई ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को 'जाना पड़ेगा या बताना पड़ेगा कि उन्होंने किसके कहने पर काम किया।' उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर कई शंकाएँ हैं और सर्वोच्च न्यायालय ने भी कुछ मामलों में टिप्पणी की है।
महाराष्ट्र के वित्त मंत्रालय पर दलवई ने क्या संकेत दिया?
दलवई ने कहा कि अजित पवार के जाने के बाद वित्त मंत्रालय के बंटवारे को लेकर राजनीतिक खींचतान जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस को यह महत्त्वपूर्ण विभाग मिलेगा, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं।
क्या कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस पाकिस्तान-कश्मीर मुद्दे पर एकमत नहीं हैं?
दलवई की प्रतिक्रिया से संकेत मिलता है कि दोनों दल जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सरकार में होने के बावजूद पाकिस्तान के प्रति रुख पर अलग-अलग राय रखते हैं। कांग्रेस पाकिस्तान-समर्थक किसी भी बयान से खुद को स्पष्ट रूप से अलग करना चाहती है।
राष्ट्र प्रेस
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