फारूक अब्दुल्ला के पाक-समर्थक बयान पर विहिप का हमला, विनोद बंसल ने मांगी सार्वजनिक माफी
सारांश
मुख्य बातें
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने 24 अक्टूबर 2026 को नेशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला के कथित पाकिस्तान-समर्थक बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और उनसे तत्काल सार्वजनिक माफी की मांग की। बंसल ने इस बयान को देशहित के विरुद्ध और 'घोर निंदनीय' करार दिया।
विनोद बंसल ने क्या कहा
बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा — 'खाना भारत का और गुणगान पाकिस्तान का... अब यह नहीं चलेगा।' उन्होंने अब्दुल्ला के बयान को 'पाक-परस्त' और 'देशद्रोही' बताते हुए कहा कि यह भारत के साथ स्पष्ट गद्दारी है।
बंसल ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने लगातार भारत पर आतंकी हमले किए हैं और जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने की कोशिश की है। ऐसे देश को कश्मीरियों का हितैषी बताना, उनके अनुसार, अत्यंत आपत्तिजनक है।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद के हालात का हवाला
विहिप प्रवक्ता ने तर्क दिया कि अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में आतंकी घुसपैठ में कमी आई और विकास की प्रक्रिया तेज हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की पाकिस्तान के प्रति सख्त नीति के परिणामस्वरूप ही राज्य में शांति और खुशहाली का माहौल बना है।
बंसल ने सवाल उठाया कि ऐसे समय में पाकिस्तान की भूमिका को कश्मीरियों के रक्षक के रूप में प्रस्तुत करना 'देशद्रोह की पराकाष्ठा' है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से भी सफाई की मांग
बंसल ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से भी अपनी स्थिति स्पष्ट करने की माँग की। उन्होंने पूछा कि क्या मुख्यमंत्री अपने पिता फारूक अब्दुल्ला के साथ खड़े हैं या देश के साथ। यह सवाल राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
बंसल ने यह भी आशंका जताई कि अब्दुल्ला के ऐसे बयान कश्मीरी युवाओं को 'दिग्भ्रमित' कर एक 'भारत-विरोधी षड्यंत्र' का हिस्सा हो सकते हैं।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
विहिप नेता ने स्पष्ट किया कि यदि फारूक अब्दुल्ला इस बयान पर माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ देशद्रोह अथवा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता।
यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब भारत-पाकिस्तान संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं और जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हैं। आने वाले दिनों में नेशनल कॉन्फ्रेंस की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी।