26 अक्टूबर 2026
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फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान पर बजरंग दल का जम्मू में विरोध, राजनीति छोड़ने की माँग

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फारूक अब्दुल्ला के विवादित बयान पर बजरंग दल का जम्मू में विरोध, राजनीति छोड़ने की माँग

सारांश

फारूक अब्दुल्ला के 'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है' वाले बयान ने जम्मू में नया सियासी तूफान खड़ा कर दिया। बजरंग दल ने पुतला जलाया और FIR की माँग उठाई। यह विवाद ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में नई सरकार के बाद राजनीतिक माहौल पहले से ही संवेदनशील है।

मुख्य बातें

फारूक अब्दुल्ला ने कथित तौर पर कहा कि 'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं हैं।' बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 26 अक्टूबर 2026 को जम्मू में पुतला दहन कर FIR व गिरफ्तारी की माँग की।
बजरंग दल अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने अब्दुल्ला पर निशाना साधते हुए उन्हें राजनीति से संन्यास लेने की सलाह दी।
बजरंगी ने आरोप लगाया कि अब्दुल्ला ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में अलगाववादियों को समर्थन दिया — हालाँकि यह राजनीतिक आरोप है, सत्यापित तथ्य नहीं।
अब्दुल्ला पक्ष या जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला के एक विवादित बयान ने जम्मू में तीखा राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया है। फारूक अब्दुल्ला ने कथित तौर पर कहा था कि 'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं हैं।' इस बयान को देशविरोधी करार देते हुए सोमवार, 26 अक्टूबर को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जम्मू की सड़कों पर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।

विरोध-प्रदर्शन का स्वरूप

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जम्मू में सड़कों पर उतरकर फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने माँग उठाई कि अब्दुल्ला के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, हालाँकि माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

बजरंग दल की प्रतिक्रिया

बजरंग दल के अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने कहा, 'हम पहले ही कह चुके हैं कि डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला का मानसिक संतुलन खराब हो चुका है। उन्हें राजनीति से संन्यास लेकर अपना इलाज कराना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब अब्दुल्ला ने ऐसा बयान दिया हो — उनके अनुसार, अब्दुल्ला 'लगातार सुर्खियों में बने रहने के लिए' इस प्रकार के बयान देते हैं।

राकेश बजरंगी ने आगे कहा कि अब्दुल्ला के बयान से यह स्पष्ट होता है कि वे देश के हित में नहीं बोलते। उन्होंने केंद्र सरकार से माँग की कि ऐसे लोगों को 'जेल की सलाखों के पीछे' भेजा जाए। बजरंग दल के इस बयान को आलोचना के नज़रिए से देखा जाना चाहिए क्योंकि इसमें व्यक्तिगत आरोप शामिल हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ और आरोप

बजरंगी ने दावा किया कि जब कश्मीर में आतंकवाद चरम पर था, उस दौर में फारूक अब्दुल्ला और उनके परिवार ने अलगाववादियों का सहयोग किया और उनकी सरकार के कार्यकाल में कश्मीर 'महीनों तक बंद' रहा। गौरतलब है कि ये आरोप राजनीतिक रूप से विवादास्पद हैं और अब्दुल्ला पक्ष की ओर से कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर को हाल ही में विधानसभा चुनावों के बाद नई सरकार मिली है और राज्य में राजनीतिक संवेदनशीलता अभी भी उच्च स्तर पर बनी हुई है। फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार में वे समर्थन की भूमिका में हैं।

आगे क्या

बजरंग दल ने स्पष्ट किया है कि यदि फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, तो विरोध-प्रदर्शन का दायरा बढ़ाया जाएगा। फिलहाल जम्मू प्रशासन की ओर से इस मामले में किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान-विवाद आने वाले दिनों में और गहरा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि अब्दुल्ला के बयान का पूरा संदर्भ अभी सामने नहीं आया है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नज़रअंदाज़ करती है कि ऐसे बयान-विवाद जम्मू-कश्मीर में असली ज़मीनी मुद्दों — बेरोज़गारी, विकास, पुनर्वास — से ध्यान हटाने का काम करते हैं। जवाबदेही तब अधूरी रहती है जब न तो बयान का पूरा सत्यापन होता है और न ही विरोध के पीछे की राजनीतिक मंशा की पड़ताल।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फारूक अब्दुल्ला ने पाकिस्तान के बारे में क्या विवादित बयान दिया?
फारूक अब्दुल्ला ने कथित तौर पर कहा कि 'पाकिस्तान कश्मीरियों की रक्षा कर रहा है, वरना भारत के इरादे ठीक नहीं हैं।' इस बयान को बजरंग दल सहित कई संगठनों ने देशविरोधी बताया।
बजरंग दल ने जम्मू में क्या विरोध किया?
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने 26 अक्टूबर 2026 को जम्मू में फारूक अब्दुल्ला का पुतला जलाया और उनके खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की माँग की। विरोध-प्रदर्शन में जोरदार नारेबाजी भी हुई।
बजरंग दल अध्यक्ष राकेश बजरंगी ने फारूक अब्दुल्ला पर क्या कहा?
राकेश बजरंगी ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला का मानसिक संतुलन खराब हो चुका है और उन्हें राजनीति से संन्यास लेकर इलाज कराना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की माँग भी की।
क्या फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ FIR दर्ज हुई?
26 अक्टूबर 2026 तक जम्मू-कश्मीर प्रशासन की ओर से FIR दर्ज होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि कार्रवाई न होने पर विरोध का दायरा बढ़ाया जाएगा।
यह विवाद जम्मू-कश्मीर की मौजूदा राजनीति के लिहाज़ से क्यों अहम है?
जम्मू-कश्मीर में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद राजनीतिक माहौल पहले से ही संवेदनशील है और फारूक अब्दुल्ला की नेशनल कॉन्फ्रेंस सत्ता में समर्थन की भूमिका में है। ऐसे में यह बयान-विवाद सत्तारूढ़ व विपक्षी खेमों में तनाव को और बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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