उर्मिला सनावर गिरफ्तार: दीपिका राठौड़ का आरोप — ₹5 करोड़ रंगदारी और जान से मारने की धमकी
सारांश
मुख्य बातें
हरिद्वार में उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के बाद ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ की बेटी दीपिका राठौड़ ने 26 अक्टूबर 2026 को गंभीर आरोप लगाए हैं। दीपिका के अनुसार, उर्मिला सनावर — जो अंकिता भंडारी हत्याकांड के संदर्भ में पहले भी चर्चा में रही हैं — लंबे समय से उनके परिवार को ब्लैकमेल कर रही थीं और ₹5 करोड़ की नकद रंगदारी माँगने के साथ जान से मारने की धमकी भी दी थी। उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उर्मिला सनावर को गिरफ्तार किया है।
क्या हैं आरोप
दीपिका राठौड़ के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को उर्मिला सनावर ने उन्हें फोन किया और दो माँगें रखीं — परिवार की रविदास पीठ को अपने पिता से उनके नाम करवाने की माँग, और ₹5 करोड़ नकद दिलवाने की माँग। दीपिका ने बताया कि माँग पूरी न होने पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मरवाने की धमकी दी गई।
दीपिका के शब्दों में: 'उर्मिला सनावर ने मुझे परसों फोन किया और कहा कि हमारी जो रविदास पीठ है, उसे अपने पिताजी से कहकर मेरे नाम करवा दो और अपने पिताजी से मुझे पाँच करोड़ रुपए नकद दिलवा दो। उन्होंने इस प्रकार की डिमांड रखी और कहा कि अगर तुम नहीं करवाओगी तो मैं तुम्हें जान से मरवा दूंगी।'
उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई
दीपिका राठौड़ ने उत्तराखंड पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा, 'बहुत अच्छा लगा कि उत्तराखंड पुलिस ने मेरी गुहार को तुरंत सुना और तत्काल कार्रवाई की।' उनके अनुसार, धमकी और जबरन वसूली की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने देरी किए बिना उर्मिला सनावर को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का पूर्व रिकॉर्ड
दीपिका राठौड़ ने यह भी बताया कि जब वह पहली बार उर्मिला सनावर से मिली थीं, तब भी उर्मिला के अपने बच्चों के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे। उनके अनुसार, उर्मिला के विरुद्ध पहले से ही कई अन्य मामले भी दर्ज हैं और उन्होंने कई लोगों पर केस किए हुए हैं। गौरतलब है कि उर्मिला सनावर अंकिता भंडारी हत्याकांड के सिलसिले में भी पहले चर्चा में आई थीं।
दीपिका राठौड़ का व्यापक संदेश
दीपिका राठौड़ ने इस मामले को केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने कहा, 'चाहे मैं हूँ या कोई अन्य महिला या पुरुष, अगर किसी के साथ इस तरह की घटना होती है तो आरोपी को बख्शा नहीं जाना चाहिए, उस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि उर्मिला को दूसरों को परेशान करने में आनंद आता है।
यह मामला उत्तराखंड में धमकी और जबरन वसूली के बढ़ते मामलों की पृष्ठभूमि में आया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस उर्मिला सनावर के विरुद्ध किन धाराओं में आरोप-पत्र दाखिल करती है और क्या अदालत उन्हें ज़मानत देती है।