क्या उर्मिला सनावर अपनी जान जोखिम में डालकर जांच में सहयोग कर रही हैं, अफवाहें न फैलाएं?
सारांश
Key Takeaways
- उर्मिला सनावर ने राजनीति से खुद को अलग रखा है।
- वे जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं।
- उन्होंने अंकिता के माता-पिता को समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
- सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों के खिलाफ वे अपील कर रही हैं।
- मुख्यमंत्री ने परिवार को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।
देहरादून, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अंकिता भंडारी मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में रैलियां और प्रदर्शनों के माध्यम से अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। इस बीच, अंकिता भंडारी हत्या केस में चर्चा में रहीं उर्मिला सनावर ने एक वीडियो जारी कर कहा कि वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंधित नहीं हैं।
उर्मिला सनावर ने कहा कि मैं एसआईटी जांच में सहयोग करने के लिए देहरादून में थी और उत्तराखंड पुलिस का व्यवहार मेरे प्रति सकारात्मक है। मुझे गुरुवार को जांच में सहयोग करने के लिए हरिद्वार भी जाना है। अंकिता भंडारी से जुड़े जितने भी सबूत और रिकॉर्डिंग मेरे पास थे, मैंने सब अधिकारियों को सौंप दिए और पूछे गए सवालों के जवाब दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आज सुबह से ही मैं सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं थी। जब मैंने देखा कि लोग मुझे और मेरे नाम को राजनीति से जोड़ रहे हैं, तो यह जानकर मुझे बहुत दुःख हुआ है। अंकिता भंडारी के मामले में भी कुछ लोग मुझे कांग्रेसी और कुछ लोग भाजपा का हिस्सा बताते हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि मुझे राजनीति से न जोड़ें। उन्होंने कहा कि मैं एक बेटी को न्याय दिलाने के लिए अपनी शूटिंग छोड़कर आई हूं। मैं अपनी जान को खतरे में डालकर यहां आई हूं। मेरी सभी से अपील है कि इस तरह की अफवाहें न फैलाएं।
उर्मिला ने कहा कि अंकिता भंडारी केवल उत्तराखंड की नहीं, बल्कि पूरे देश की और हर मां की बेटी थीं। मैं जांच में पूरा सहयोग कर रही हूं और सिर्फ अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग कर रही हूं।
उर्मिला ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन चाहे तो मेरा नार्को टेस्ट करवा सकता है। सुरेश राठौर का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए, क्योंकि उसने मुझसे इस मामले से संबंधित बातें साझा की हैं।
इस बीच, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी के माता-पिता से अपने सरकारी आवास पर मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।