क्या अंकिता भंडारी मामले में हरीश रावत ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई?

Click to start listening
क्या अंकिता भंडारी मामले में हरीश रावत ने सीबीआई जांच की मांग दोहराई?

सारांश

कांग्रेस नेता हरीश रावत ने अंकिता भंडारी हत्या मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह मामला उत्तराखंड की गरिमा से जुड़ा है और मुख्यमंत्री को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। क्या यह मामला न्याय की ओर अग्रसर होगा? जानिए इसके पीछे की सच्चाई।

Key Takeaways

  • अंकिता भंडारी की हत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग।
  • हरीश रावत का आरोप कि कुछ लोग मामले को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • उत्तराखंड में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की समस्याएं।
  • राज्य के अन्य मुद्दों पर सरकार की जिम्मेदारी।
  • गंगा घाटों पर आधार कार्ड चेकिंग का विवाद।

हरिद्वार, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता भंडारी हत्या मामले में सीबीआई जांच की मांग को फिर से उठाया है।

उन्होंने बताया कि अंकिता के माता-पिता पहले ही इस मामले में हाईकोर्ट का रुख कर चुके हैं। अंकिता पूरे उत्तराखंड की बेटी है और राज्य की जनता चाहती है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो।

हरीश रावत ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस मामले में और अधिक देरी नहीं करनी चाहिए। जितनी देरी होगी, रहस्य उतने ही गहरे होते जाएंगे। कुछ लोग सत्ता का खेल खेलने और इस प्रकरण को उलझाने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि हत्या से पहले अंकिता ने अपनी सहेली से कहा था कि रिसॉर्ट में कुछ वीवीआईपी आने वाले हैं और उस पर ‘विशेष सेवा’ देने का दबाव बनाया जा रहा था। अंकिता ने इनकार किया और खतरा महसूस करने की बात कही थी। जैसे-जैसे न्यायिक विवेचना आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे केस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

उन्होंने कहा, “अंकिता भंडारी का मामला उत्तराखंड की गरिमा और स्वाभिमान से जुड़ा है। हम इस लड़ाई को पूरी ताकत से लड़ रहे हैं।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के अन्य मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बेरोजगारी गंभीर समस्या बन चुकी है, बड़े पैमाने पर पलायन हो रहा है और भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। जंगली जानवरों के कारण गांवों में दहशत है, लोगों का जीवन असुरक्षित है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह विफल हो चुकी है।

हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश में फैले ये सभी मुद्दे परिवर्तन की ओर इशारा कर रहे हैं। हमें जमीन तलाशने की जरूरत नहीं है। सरकार के गलत कार्यों के कारण जनता कांग्रेस पर भरोसा जता रही है।

उन्होंने गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के आधार कार्ड चेक करने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह भाजपा के 'टोटके' हैं। उन्होंने कहा, “हरकी पौड़ी में दूसरे धर्म के लोग नहीं जाते, यह व्यवस्था पहले से ही बनी हुई है। म्यूनिसिपल रूल्स के तहत पहले से तय है कि कौन कहां रह सकता है। कुंभ क्षेत्र विस्तारित इलाका है, वहां इस तरह की व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है।

Point of View

NationPress
09/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या अंकिता भंडारी का मामला राजनीतिक है?
यह मामला राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें एक पूर्व मुख्यमंत्री सक्रिय रूप से न्याय की मांग कर रहे हैं।
क्या सीबीआई जांच आवश्यक है?
सीबीआई जांच से मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित होगी और सभी तथ्यों की गहनता से जांच की जाएगी।
Nation Press