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क्या गांधी-वाड्रा परिवार देश में भ्रष्टाचार और लूट का प्रतीक बन चुका है?

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क्या गांधी-वाड्रा परिवार देश में भ्रष्टाचार और लूट का प्रतीक बन चुका है?

सारांश

भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गांधी वाड्रा परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवार भ्रष्टाचार और लूट का प्रतीक बन गया है, विशेष रूप से एजेएल कंपनी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में। क्या यह सच है? जानिए इस विवाद की गहराई।

मुख्य बातें

गांधी वाड्रा परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप।
एजेएल कंपनी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर हैं राहुल और सोनिया गांधी .
कर्नाटक सरकार करदाताओं के पैसे का उपयोग कर रही है।
नेशनल हेराल्ड के विज्ञापनों पर विवाद।
हिमाचल प्रदेश में भी इस मुद्दे की जड़ें हैं।

नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गांधी वाड्रा परिवार आज के समय में देश में भ्रष्टाचार और लूट का प्रतीक बन चुका है। जब भी कोई भ्रष्टाचार और लूट की चर्चा करता है, तो लोगों के मन में सबसे पहले गांधी वाड्रा परिवार का ही नाम आता है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी एजेएल कंपनी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर हैं। एजेएल कंपनी नेशनल हेराल्ड की मूल कंपनी है।

उन्होंने कहा कि 2008 से नेशनल हेराल्ड का प्रसार बंद हो चुका है। वर्तमान में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार, करदाताओं के पैसे का उपयोग करके गांधी वाड्रा परिवार के व्यक्तिगत अखबार नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन देने में धन बर्बाद कर रही है। 2023-24 में यह बंद अखबार 1.90 करोड़ रुपए का विज्ञापन प्राप्त करता है। 2025-26 में 1.42 करोड़ रुपए के विज्ञापन बजट में से 60 प्रतिशत हिस्सा नेशनल हेराल्ड को दिया जाता है। एक तरफ बेंगलुरु में गड्डे भरने के लिए सरकार के पास पैसे नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ गांधी वाड्रा परिवार के अखबार को धन दिया जा रहा है।

भंडारी ने कहा कि यह कर्नाटक के करदाताओं का पैसा है। मैं राहुल और सोनिया से पूछना चाहता हूं कि क्या आपके खटाखट मॉडल का आधार यही है कि आप जनता के पैसे की लूट करेंगे और अपने व्यक्तिगत अखबार में उसका उपयोग करेंगे? यह कर्नाटक सरकार की कौन सी नीति है, जिसके तहत जीरो सर्कुलेशन वाले इस बंद अखबार को इतना बड़ा विज्ञापन दिया जा रहा है?

यह सब तब हो रहा है जब अखबार की मूल कंपनी एजेएल पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला चल रहा है और कांग्रेस के दो प्रमुख नेता राहुल और सोनिया गांधी जमानत पर हैं।

उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल कर्नाटक तक सीमित नहीं है। हिमाचल प्रदेश ने 350 करोड़ रुपए97 लाख रुपए तक नेशनल हेराल्ड को दे रहा है। यह तब हो रहा है जब हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार सरकारी कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे की कमी का सामना कर रही है।

उन्होंने कहा कि 1962 में जब पंडित जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री थे, तब दिल्ली के पॉश इलाके बहादुर शाह जफर मार्ग पर एक प्रिंटिंग प्रेस के नाम पर नेशनल हेराल्ड को जमीन दी गई थी, जिसे बाद में व्यवसायिक गतिविधियों के लिए उपयोग किया गया। जवाहर लाल से लेकर सोनिया गांधी तक, गांधी परिवार ने हमेशा जनता के पैसे की लूट की है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह आवश्यक है कि हम तथ्यों की सही तरीके से जांच करें। यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि समग्र राजनीतिक परिदृश्य का है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गांधी वाड्रा परिवार पर आरोप क्यों लगाए गए?
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि यह परिवार भ्रष्टाचार और लूट का प्रतीक बन चुका है।
क्या एजेएल कंपनी से जुड़े मामले में गांधी वाड्रा परिवार जमानत पर है?
हाँ, राहुल गांधी और सोनिया गांधी एजेएल कंपनी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत पर हैं।
कर्नाटक सरकार ने नेशनल हेराल्ड को विज्ञापन क्यों दिया?
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने करदाता के पैसे का उपयोग करके गांधी वाड्रा परिवार के निजी अखबार को विज्ञापन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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