खड़गे परिवार पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट से जमीन हड़पने का आरोप, BJP प्रवक्ता भंडारी ने गिनाए कई मामले
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 24 जून को नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके पुत्र व कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे पर सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट के माध्यम से कर्नाटक में जमीन हड़पने और भ्रष्टाचार के कथित गंभीर आरोप लगाए। भंडारी ने दावा किया कि यह कोई एकल घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पैटर्न है जिसमें खड़गे परिवार ने कथित तौर पर अपनी राजनीतिक ताकत और रसूख का उपयोग करके गरीबों की जमीन हड़पी।
सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट और KIADB जमीन का मामला
भंडारी के अनुसार, सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट में मल्लिकार्जुन खड़गे, उनके पुत्र प्रियांक खड़गे, उनके दामाद और उनकी पत्नी सदस्य हैं। भंडारी ने आरोप लगाया कि 2024 में कर्नाटक इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट बोर्ड (KIADB) ने कांग्रेस शासनकाल में इस ट्रस्ट को 5 एकड़ भूमि आवंटित की, जिसकी वर्तमान बाज़ार कीमत कथित तौर पर ₹100 करोड़ बताई जाती है।
भंडारी ने कहा कि यह भूमि एयरोस्पेस और डिफेंस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास के उद्देश्य से किसी औद्योगिक संस्था को दी जानी चाहिए थी। उनके अनुसार, इसके बजाय इसे कांग्रेस अध्यक्ष के परिवार से जुड़े एक निजी ट्रस्ट को आवंटित कर दिया गया और उस ट्रस्ट ने अब तक कोई अनुसंधान कार्य नहीं किया।
गुलबर्गा में 19 एकड़ जमीन का आरोप
भंडारी ने एक और मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने गुलबर्गा में 19 एकड़ सरकारी जमीन खड़गे परिवार के इसी निजी ट्रस्ट को दे दी। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस जमीन को हासिल करने के लिए अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग किया।
भंडारी ने कांग्रेस पार्टी से सार्वजनिक रूप से जवाब देने की माँग की और कहा कि खड़गे को स्पष्ट करना चाहिए कि उनके ट्रस्ट को एयरोस्पेस और डिफेंस रिसर्च की जमीन किस आधार पर आवंटित की गई।
फर्जी विक्रेता का आरोप
तीसरे आरोप में भंडारी ने दावा किया कि सिद्धार्थ विहार ट्रस्ट ने जमीन के हस्तांतरण के लिए एक कथित फर्जी विक्रेता का सहारा लिया। उनके अनुसार, इस विक्रेता की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है और यह भूमि स्थायी रूप से गुलबर्गा में खड़गे के निजी ट्रस्ट के पास चली गई।
भंडारी ने इन सभी कथित कृत्यों को 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट' की धारा 131ए और 131बी के तहत अपराध बताया।
गांधी-वाड्रा से तुलना
भंडारी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी और गांधी-वाड्रा परिवार — जिनमें रॉबर्ट वाड्रा भी शामिल हैं — पर विभिन्न क्षेत्रों में जमीन हड़पने के समान आरोप पहले से चल रहे हैं। उनके अनुसार, मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी वही तरीका अपनाया जो गांधी-वाड्रा परिवार पर लगाए गए आरोपों में सामने आया था।
गौरतलब है कि ये सभी आरोप भाजपा प्रवक्ता द्वारा लगाए गए हैं और अभी तक किसी न्यायालय या जाँच एजेंसी द्वारा इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। राष्ट्र प्रेस ने कांग्रेस और खड़गे परिवार की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया।
आगे क्या होगा
यह देखना होगा कि क्या भाजपा इन आरोपों के आधार पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराती है या कोई संसदीय कार्यवाही शुरू करती है। कांग्रेस की प्रतिक्रिया और कर्नाटक सरकार का रुख इस विवाद की अगली दिशा तय करेगा।