भाजपा का आरोप: कांग्रेस खड़गे को रबर स्टांप की तरह इस्तेमाल करती है, दलितों से प्यार महज दिखावा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार, 25 मई को कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपने अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को महज एक रबर स्टांप के रूप में इस्तेमाल कर रही है और दलित सशक्तीकरण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता पूरी तरह दिखावटी है। BJP के अनुसार, असली सत्ता आज भी गांधी परिवार के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
मालवीय का कांग्रेस पर सीधा हमला
BJP के राष्ट्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रभारी अमित मालवीय ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि खड़गे का बयान न केवल राजनीतिक रूप से शर्मनाक था, बल्कि कांग्रेस की सामंती संस्कृति का बेपर्दा प्रमाण भी था। मालवीय ने लिखा, 'कांग्रेस सामाजिक न्याय की बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन अपनी पार्टी के भीतर दलित नेताओं को सिर्फ दिखावे के लिए, ढाल बनाकर या चुनावी चेहरा बनाकर इस्तेमाल करती है। उन्हें कभी असली सत्ता नहीं दी जाती।'
मालवीय ने आगे कहा कि जब नतीजा पहले से तय होता है, तो दलित नेताओं को आगे कर दिया जाता है — लेकिन जब असली फैसले लेने और सत्ता संभालने की बात आती है, तो गांधी परिवार ही सब कुछ अपने हाथ में ले लेता है।
खड़गे के बयान को बनाया निशाना
BJP के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने स्वयं स्वीकार किया कि कर्नाटक कांग्रेस के आंतरिक विवाद का फैसला राहुल गांधी करेंगे। मालवीय ने इसे लेकर कहा कि इस बयान में कितनी बड़ी बेइज्जती छिपी है — कांग्रेस अध्यक्ष, जो खुद एक दलित नेता हैं, उन्होंने खुलेआम मान लिया कि असली सत्ता गांधी परिवार के हाथों में है।
ऐतिहासिक उदाहरणों का हवाला
मालवीय ने अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए कई उदाहरण गिनाए। उनके अनुसार, सुशील कुमार शिंदे को ऐसी चुनावी परिस्थितियों में मैदान में उतारा गया जहाँ जीत की संभावना नगण्य थी, और सत्ता का समीकरण तय होते ही उन्हें किनारे कर दिया गया। 2017 में मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया गया, जबकि कांग्रेस को पहले से पता था कि वह यह चुनाव हार जाएंगी। कर्नाटक में भी, खड़गे के दशकों के अनुभव और वरिष्ठता के बावजूद, कांग्रेस आलाकमान ने असली सत्ता के लिए गांधी परिवार के वफादारों को ही प्राथमिकता दी।
यूपीए काल पर BJP का आरोप
मालवीय ने यह भी कहा कि यूपीए शासनकाल में दलित चेहरों को सिर्फ नाम के लिए आगे बढ़ाया गया, जबकि सारी अहम राजनीतिक और सांगठनिक सत्ता गांधी परिवार के करीबियों के हाथों में ही केंद्रित रही। BJP का आरोप है कि जब पार्टी को किसी ऐसी लड़ाई के लिए बलि का बकरा चाहिए होता है जिसमें हार तय हो, तभी कांग्रेस को अचानक 'सामाजिक न्याय' की याद आती है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इन आरोपों पर कांग्रेस की तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। गौरतलब है कि यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर आंतरिक तनाव की खबरें चर्चा में हैं। आने वाले दिनों में कांग्रेस का पक्ष और कर्नाटक विवाद का घटनाक्रम इस राजनीतिक बहस की दिशा तय करेगा।