कांग्रेस प्रमुख खड़गे के 'अनपढ़ गुजराती' बयान पर भाजपा का तीखा जवाब
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस का गुजरात के प्रति नकारात्मक दृष्टिकोण
- भाजपा का पलटवार और राजनीतिक तनाव
- खड़गे का बयान और उसके राजनीतिक प्रभाव
- गुजरात के विकास में कांग्रेस की भूमिका पर सवाल
- भूपेंद्र पटेल की तीखी प्रतिक्रिया
गांधीनगर/नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय खेल मंत्री और पोरबंदर के सांसद मनसुख मंडाविया ने कांग्रेस पार्टी पर गुजरात के प्रति "नकारात्मक सोच" का आरोप लगाया। यह विवाद उस समय बढ़ा जब केरल में एक रैली के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणियों को लेकर राजनीतिक तनाव उभरा।
खड़गे ने केरल के इडुक्की में एक जनसभा के दौरान कहा था कि केरल के लोग समझदार और शिक्षित हैं, इसलिए उन्हें भ्रमित नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जैसे कि मोदी और विजयन जैसे नेता कम पढ़े-लिखे लोगों को गुमराह कर सकते हैं, लेकिन केरल के लोग ऐसा नहीं होने देंगे।
इस पर मंडाविया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस की गुजरात और गुजरातियों के प्रति नकारात्मकता कोई नई बात नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि कांग्रेस ने हमेशा गुजरात के हितों के खिलाफ काम किया है, जैसे कि सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को नकारना या नर्मदा बांध परियोजना को रोकने का प्रयास करना।
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खड़गे की टिप्पणियों को "बेहद आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण" बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी बातें केवल गुजरातियों का अपमान नहीं करतीं, बल्कि महात्मा गांधी और सरदार पटेल की पवित्र धरती की गरिमा को भी ठेस पहुँचाती हैं।
केंद्रीय खेल मंत्री ने कहा कि गुजरात ने हमेशा राष्ट्र निर्माण, विकास और एकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और आगे भी निभाएगा। खड़गे का बयान कांग्रेस की संकीर्ण सोच को उजागर करता है।
सीएम ने कहा कि यह टिप्पणी दिखाती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही विकास की राजनीति और उसे मिल रहे समर्थन के कारण कांग्रेस कितनी असुरक्षित महसूस कर रही है।
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने खड़गे की आलोचना करते हुए पूछा कि कांग्रेस को गुजरात से इतनी नफरत क्यों है, यह केवल अपमान नहीं है बल्कि यह संदेश देता है कि कांग्रेस गुजरात की जनता द्वारा सत्ता से बाहर किए जाने का बदला ले रही है।
खड़गे की टिप्पणियां केरल में उनके चुनाव प्रचार के दौरान आईं, जहां उन्होंने भाजपा और सत्ताधारी लेफ्ट डेमोक्रेटिक अलायंस को निशाना बनाया, जिससे राज्य में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया।