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भाजपा ने खड़गे के विवादित बयान पर उठाई गिरफ्तारी की मांग, असम में दिए गए बयान पर आपत्ति

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भाजपा ने खड़गे के विवादित बयान पर उठाई गिरफ्तारी की मांग, असम में दिए गए बयान पर आपत्ति

सारांश

भाजपा ने मल्लिकार्जुन खड़गे के असम में दिए गए विवादास्पद बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने खड़गे की गिरफ्तारी की मांग करते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। जानिए इस राजनीतिक विवाद में क्या है खास।

मुख्य बातें

खड़गे के विवादास्पद बयान पर भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया।
गिरफ्तारी की मांग को लेकर औपचारिक शिकायत दर्ज की गई।
कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई गई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लेख किया गया।
कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

बेंगलुरु, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा असम में दिए गए विवादास्पद बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने गंभीर आपत्ति जताई है। कर्नाटक भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल राज्य के डीजीपी और आईजीपी एम.ए. सलीम से मिला और खड़गे के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

भाजपा नेताओं ने खड़गे की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उनका आरोप है कि असम में चुनाव प्रचार के दौरान खड़गे ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना “जहरीले सांप” से की, जो एक भड़काऊ और हिंसा को उकसाने वाला बयान है।

शिकायत में कहा गया है कि इस प्रकार की टिप्पणियां देशभर में भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि एक राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष होने के नाते खड़गे को ज़िम्मेदारी से बयान देना चाहिए, क्योंकि ऐसे बयानों के दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं- 196, 197, 299 और 353 का हवाला देते हुए कहा कि ये प्रावधान समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने, राष्ट्रीय एकता के खिलाफ कार्य करने, धार्मिक भावनाएं आहत करने और हिंसा या भय फैलाने से जुड़े हैं। उन्होंने इन धाराओं के तहत तुरंत कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट के शाहीन अब्दुल्ला बनाम भारत संघ (2022) मामले का भी उल्लेख किया, जिसमें कानून-व्यवस्था एजेंसियों को नफरत भरे भाषण के मामलों में स्वतः संज्ञान लेने के निर्देश दिए गए थे।

साथ ही, भाजपा नेताओं ने कर्नाटक की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे बयान असामाजिक तत्वों को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने राज्य मंत्री प्रियंक खड़गे के पूर्व बयानों का हवाला देते हुए आरएसएस के प्रति खड़गे के कथित विरोध की एक श्रृंखला का भी आरोप लगाया।

इस बीच, इस मामले पर कांग्रेस या मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खड़गे को अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए। यह स्थिति राजनीतिक तनाव को और बढ़ा सकती है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खड़गे ने असम में क्या कहा था?
खड़गे ने भाजपा और आरएसएस की तुलना 'जहरीले सांप' से की थी, जिसे भाजपा ने भड़काऊ बयान माना है।
भाजपा ने खड़गे के खिलाफ क्या कार्रवाई की है?
भाजपा ने खड़गे के खिलाफ कर्नाटक के डीजीपी से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और उनकी गिरफ्तारी की मांग की है।
क्या खड़गे का बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है?
भाजपा नेताओं का मानना है कि खड़गे का बयान भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।
कानूनी कार्रवाई की मांग किस आधार पर की गई है?
भाजपा ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं का हवाला देते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस विवाद पर कांग्रेस का क्या कहना है?
इस पूरे मामले पर कांग्रेस या खड़गे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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