शिवराज सिंह चौहान ने बंगाल में किसानों से किया संवाद, टीएमसी सरकार पर साधा निशाना

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शिवराज सिंह चौहान ने बंगाल में किसानों से किया संवाद, टीएमसी सरकार पर साधा निशाना

सारांश

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पश्चिम बंगाल दौरे पर किसानों की समस्याओं का जायजा लिया। उन्होंने सिंगूर के विवादास्पद भूमि का निरीक्षण करते हुए टीएमसी सरकार की विफलता पर तीखा हमला किया। क्या ममता बनर्जी की सरकार किसानों के प्रति सच में संवेदनशील है?

Key Takeaways

  • शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से संवाद किया।
  • सिंगूर की स्थिति पर टीएमसी सरकार की नाकामी का आरोप।
  • केंद्र सरकार की योजनाओं की जानकारी दी।
  • किसानों के साथ अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई।
  • भविष्य में किसानों के कल्याण के लिए योजनाएँ प्रस्तावित की।

कोलकाता/नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल का दौरा करते हुए किसानों से सीधे संवाद किया, उनकी समस्याओं और जमीनी हालात का अवलोकन किया।

इस दौरे के दौरान, उन्होंने सिंगूर में उस विवादास्पद भूमि का निरीक्षण किया, जहां टाटा मोटर्स का नैनो प्लांट प्रस्तावित था। उन्होंने आलू के खेतों का निरीक्षण कर किसानों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को समझा। इसके अलावा, चौहान ने कोलकाता में स्वर्णकार समाज की सोशल कॉन्फ्रेंस में भी भाग लिया। सिंगूर में उन्होंने ममता बनर्जी की टीएमसी सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि वहाँ न खेती हो रही है और न ही कोई उद्योग स्थापित हुआ है। यह भूमि अब सीधे-सीधे राज्य सरकार की विफलता का प्रतीक बन चुकी है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सिंगूर का नाम सुनते ही टाटा फैक्ट्री आंदोलन की याद आती है, जिसके माध्यम से ममता बनर्जी सत्ता में आईं, लेकिन आज सिंगूर की हालत देखकर मैं हैरान रह गया। न वहाँ कोई फैक्ट्री बनी, न ही ज़मीन खेती के लायक छोड़ी गई। ज़मीन के नीचे सीमेंट और कंक्रीट भरा पड़ा है, जिसे हटाने का कोई प्रयास नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि दस साल बीत गए, लेकिन किसान आज भी वहीं खड़ा है। न वह खेती कर पा रहा है, न कोई उद्योग लगा। किसानों की आँखों में आँसू हैं, वे कह रहे हैं, हम तो कहीं के नहीं रहे। यह स्थिति ममता सरकार की नाकामी का जीता-जागता प्रमाण है। सिंगूर आज ममता बनर्जी की विफलता का स्मारक बन चुका है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फैक्ट्री लगने नहीं दी गई और खेती भी नहीं होने दी गई। किसान को बीच मंझधार में छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ विश्वासघात है। केवल सत्ता पाने के लिए किसानों की भावनाओं से खिलवाड़ किया गया और बाद में उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ममता दीदी को जनता या किसानों से कोई प्रेम नहीं है, उन्हें केवल कुर्सी से प्यार है। अगर जरा भी संवेदना होती तो सिंगूर को एक मॉडल बनाकर दिखातीं, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब आलू के दाम गिरते हैं तो केंद्र सरकार के पास पीएसएस, मार्केट इंटरवेंशन स्कीम और भावांतर भुगतान जैसी योजनाएँ हैं, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने आज तक इन योजनाओं के तहत कोई प्रस्ताव ही नहीं भेजा।

उन्होंने कहा कि मैंने खुद अधिकारियों से फोन करवाया, लेकिन जवाब मिला कि चुनाव में व्यस्त हैं। क्या किसानों से ज्यादा जरूरी चुनाव है? अगर राज्य सरकार मांग करती तो केंद्र सरकार तुरंत अनुमति देती और किसानों को राहत मिलती। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इतना ही नहीं, बंगाल सरकार ने किसानों को दूसरे राज्यों में आलू बेचने से भी रोक दिया। अगर ओडिशा में ज्यादा दाम मिल रहा है तो किसान को वहाँ बेचने क्यों नहीं दिया जाता? ये कैसा किसान विरोधी फैसला है? शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह घटिया राजनीति है और इसका खामियाजा किसान भुगत रहा है। उन्होंने ममता सरकार से सवाल करते हुए कहा कि किसानों ने आपका क्या बिगाड़ा है, जो उनके साथ ऐसा अन्याय किया जा रहा है?

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बंगाल की धरती मेहनतकश किसानों की धरती है, यहाँ का किसान दिन-रात खून-पसीना बहाकर फसल उगाता है। पानी से नहीं, अपने खून से खेतों को सींचता है, तब जाकर अन्न पैदा होता है, लेकिन आज वही किसान अपनी मेहनत का उचित मूल्य नहीं पा रहा, ये बेहद दुखद और शर्मनाक है।

उन्होंने कहा कि इस साल आलू की फसल बहुत अच्छी हुई, किसान ने कोई कसर नहीं छोड़ी, लेकिन टीएमसी सरकार के निकम्मेपन और ममता दीदी की उदासीनता के कारण आज किसान का आलू माटी के मोल बिक रहा है। उन्होंने कहा कि 100 रुपए में 50 किलो आलू बिक रहा है, ये किसान के साथ क्रूर मजाक नहीं तो क्या है? किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहा।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही सिंगूर को एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब बनाया जाएगा। यहाँ कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएंगे, नई तकनीक लाई जाएगी, और किसानों की उपज का वैल्यू एडिशन किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड, एमआईडीएच, और एनएचबी योजनाओं के तहत कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए केंद्र सरकार पूरी मदद करेगी। इससे किसानों को भी फायदा होगा और युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों की सेवा को भगवान की पूजा मानती है। राज्य सरकार प्रस्ताव भेजे तो एक-एक आलू की खरीदी की अनुमति दी जाएगी। वहीं, शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टीएमसी की यह अंधेरी रात ज्यादा दिन नहीं चलेगी। अन्याय की इस रात के बाद विकास की सुबह जरूर आएगी। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अब परिवर्तन तय है और कमल खिलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि मैं केवल मंत्री नहीं, आपका मामा हूँ। जब भी जरूरत हो, आप मुझसे मिल सकते हैं। हम मिलकर किसानों की हर समस्या का समाधान करेंगे।

Point of View

क्योंकि यह किसानों के कल्याण और राज्य की विकास योजनाओं पर सीधा असर डालता है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

केंद्रीय कृषि मंत्री ने बंगाल में क्या कहा?
शिवराज सिंह चौहान ने टीएमसी सरकार की विफलताओं पर सवाल उठाए और किसानों के साथ हो रहे अन्याय को उजागर किया।
सिंगूर में किसानों की स्थिति क्या है?
किसान न खेती कर पा रहे हैं और न ही वहाँ कोई उद्योग स्थापित हुआ है, जिससे उनकी स्थिति खराब है।
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कौन-कौन सी योजनाएँ बनाई हैं?
केंद्र सरकार के पास पीएसएस, मार्केट इंटरवेंशन स्कीम और भावांतर भुगतान जैसी योजनाएँ हैं।
टीएमसी सरकार पर शिवराज सिंह चौहान का क्या आरोप है?
उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार ने किसानों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया है।
किसानों को राहत देने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
अगर बीजेपी की सरकार बनती है, तो सिंगूर को एग्रीकल्चर मार्केटिंग हब बना दिया जाएगा।
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