5 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भारत की भूमिका: राशिद अल्वी का पाकिस्तान की मध्यस्थता पर बयान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भारत की भूमिका: राशिद अल्वी का पाकिस्तान की मध्यस्थता पर बयान

सारांश

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने पाकिस्तान द्वारा की जा रही मध्यस्थता के बारे में चिंता जताई है। उनका कहना है कि यह कार्य भारत को करना चाहिए था। जानें बातचीत के संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।

मुख्य बातें

पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है, जो कार्य भारत को करना चाहिए था।
ईरान में बच्चों की मौत पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को लेकर चिंता।
भारत की विदेश नीति अब कमजोर हो गई है।
बातचीत की सफलता का असर पूरी दुनिया और भारत पर पड़ेगा।
सीएए और एनआरसी को लेकर उठाए गए सवाल।

नई दिल्ली, ११ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता राशिद अल्वी ने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच हुए सीजफायर पर राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि इस वार्ता का परिणाम क्या होगा, यह तो भविष्य ही बताएगा। इस समय पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है। जो कार्य भारत को करना चाहिए था, वही कार्य पाकिस्तान कर रहा है।

राशिद अल्वी ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने जब इजरायल में कहा कि इजरायल की ज़मीन फादर लैंड है और भारत मदर लैंड है, तो उसी दिन उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी थी। आज हम यह दिखा चुके हैं कि हम अमेरिका और इजरायल के साथ खड़े हैं। किसी भी पत्रकार को ईरान का वीजा नहीं मिला है। चाहे हम कुछ भी कहें, लेकिन ईरान को इस बात का पता है कि खामेनेई की मौत पर हमारे प्रधानमंत्री चुप रहे।

उन्होंने कहा कि जब ईरान में बच्चे मारे गए, तब भी प्रधानमंत्री मौन रहे। ऐसा नहीं है कि पूरी दुनिया ने आँखें बंद कर रखी हैं। भारत की विदेश नीति अब कमजोर हो गई है और हमें बताया जा रहा है कि हम अमेरिका और इजरायल के दबाव में निर्णय ले रहे हैं। मेरा मानना है कि भारत को बातचीत को सफल बनाने की कोशिश करनी चाहिए। यदि यह वार्ता सफल नहीं होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया और भारत पर भी पड़ेगा।

राशिद अल्वी ने कहा कि यदि पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ती हैं, सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लगती हैं, और अगर बातचीत सफल नहीं होती है, तो देश में स्थिति और भी बिगड़ जाएगी। आर्थिक स्थिति खराब होगी, इसलिए भारत को इस बातचीत की सफलता के लिए प्रयास करना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी के बयान पर उन्होंने कहा कि सीएए तब लागू होगा जब पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से कोई हिंदू या ईसाई आएगा। यदि वहां से कोई नहीं आ रहा है, तो सीएए का क्या मतलब रह गया? एनआरसी तो सरकार ने कर लिया। उन्होंने कहा कि बंगाल में 90 लाख मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं और यूपी में दो करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। सरकार ने पूरे देश में एनआरसी लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की बात आती है। उनकी चिंताएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि भारत को वैश्विक मंच पर अपनी स्थिति को स्पष्ट करने की जरूरत है।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राशिद अल्वी ने पाकिस्तान की मध्यस्थता पर क्या कहा?
राशिद अल्वी ने कहा कि पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है, जो कार्य भारत को करना चाहिए था।
क्या राशिद अल्वी ने भारत की विदेश नीति पर चिंता जताई है?
हाँ, उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति कमजोर हो गई है और हमें अमेरिका और इजरायल के दबाव में निर्णय लेने के लिए समझा जा रहा है।
पेट्रोल-डीजल के दामों का बातचीत पर क्या प्रभाव हो सकता है?
राशिद अल्वी का मानना है कि यदि बातचीत सफल नहीं होती है, तो पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं और देश की आर्थिक स्थिति और खराब हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले