2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

भाजपा ने टीवीके के घोषणापत्र पर किया तीखा प्रहार, वादों की व्यवहारिकता पर उठाए सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
भाजपा ने टीवीके के घोषणापत्र पर किया तीखा प्रहार, वादों की व्यवहारिकता पर उठाए सवाल

सारांश

भाजपा नेता ए.एन.एस. प्रसाद ने विजय की पार्टी टीवीके के चुनावी घोषणापत्र को 'अवास्तविक' करार दिया। उन्होंने वादों की लागत और राज्य की वित्तीय स्थिति पर चिंता जताई।

मुख्य बातें

भाजपा ने टीवीके के घोषणापत्र को 'अवास्तविक' कहा।
टीवीके के वादों के लिए 6 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
तमिलनाडु का कर्ज 10.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने की संभावना है।
भाजपा ने एनडीए को बेहतर विकल्प बताया।
टीवीके के घोषणापत्र में स्पष्ट रणनीतियों की कमी है।

चेन्नई, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता ए.एन.एस. प्रसाद ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्रि कषगम (टीवीके) के चुनावी घोषणापत्र पर गुरुवार को तीखी टिप्पणी की और इसे “अवास्तविक और वित्तीय रूप से गैर-जिम्मेदार” कहा।

प्रसाद ने अपने बयान में कहा कि घोषणापत्र में जो कल्याणकारी वादे किए गए हैं, उन्हें लागू करने के लिए कम से कम 6 लाख करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी, जबकि तमिलनाडु का कर्ज 2026-27 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में इन वादों की व्यवहारिकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने चेतावनी दी कि बिना स्पष्ट वित्तीय संसाधनों के इतने बड़े वादे राज्य की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाल सकते हैं और भविष्य के विकास कार्यों को प्रभावित कर सकते हैं।

भाजपा नेता ने घोषणापत्र में शामिल योजनाओं जैसे महिलाओं और युवाओं को मासिक सहायता, दुल्हनों को सोना, कर्ज माफी, बेरोजगारी भत्ता और सब्सिडी वाली सेवाओं को “लोकलुभावन घोषणाएं” बताया।

उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाएं शासन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें वित्तीय अनुशासन और टिकाऊ राजस्व मॉडल के साथ जोड़ना आवश्यक है, ताकि दीर्घकालिक आर्थिक संकट से बचा जा सके।

प्रसाद ने 2021 के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन और सत्तारूढ़ डीएमके पर भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उस समय किए गए कई वादे वित्तीय सीमाओं के कारण पूरे नहीं हो पाए और बिना ठोस योजना के बड़े वादे करने से वही स्थिति दोबारा उत्पन्न हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि टीवीके के घोषणापत्र में कृषि, ग्रामीण विकास, औद्योगिक वृद्धि और रोजगार सृजन जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है। इसके बजाय, यह महिलाओं और युवाओं जैसे विशेष वर्गों को आकर्षित करने के लिए कल्याणकारी वादों पर अधिक निर्भर करता है।

भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को एक बेहतर विकल्प बताते हुए कहा कि एआईएडीएमके नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में “डबल इंजन सरकार”, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से, वित्तीय अनुशासन, बुनियादी ढांचे के विकास और समावेशी प्रगति को प्राथमिकता देगी।

यह बयान 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले तेज होते चुनावी प्रचार के बीच सामने आया है, जहां राजनीतिक दल अपने घोषणापत्रों के माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करने में जुटे हैं।

फिलहाल टीवीके की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भाजपा के आरोपों में कुछ सत्यता है, लेकिन यह भी ध्यान रखना चाहिए कि चुनावी घोषणापत्रों में अक्सर बड़े वादे किए जाते हैं। सच्चाई यह है कि वित्तीय स्थिरता और विकास दोनों को संतुलित करना आवश्यक है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा ने टीवीके के घोषणापत्र पर क्या कहा?
भाजपा नेता ए.एन.एस. प्रसाद ने टीवीके के घोषणापत्र को 'अवास्तविक' और 'गैर-जिम्मेदार' करार दिया है।
टीवीके के घोषणापत्र में कौन से वादे शामिल हैं?
टीवीके के घोषणापत्र में महिलाओं और युवाओं को मासिक सहायता, दुल्हनों को सोना, कर्ज माफी, और बेरोजगारी भत्ता जैसे वादे शामिल हैं।
तमिलनाडु का कर्ज कितना है?
तमिलनाडु का कर्ज 2026-27 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
भाजपा का क्या कहना है?
भाजपा ने एनडीए को एक बेहतर विकल्प बताते हुए कहा कि वे वित्तीय अनुशासन और समावेशी प्रगति को प्राथमिकता देंगे।
क्या टीवीके ने भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है?
फिलहाल टीवीके की ओर से भाजपा के इन आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 5 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले