भाजपा का घोषणापत्र तैयार, तमिलिसै सौंदरराजन ने दी जानकारी
सारांश
Key Takeaways
- घोषणापत्र का मसौदा तैयार किया गया है।
- महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है।
- समता और धर्मनिरपेक्षता को लेकर भाजपा की योजनाएं।
- कांग्रेस की स्थिति पर आलोचना।
- प्रधानमंत्री मोदी का सांस्कृतिक कार्यक्रमों में योगदान।
चेन्नई, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के नेता तमिलिसै सौंदरराजन ने गुरुवार को जानकारी दी कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र का एक मसौदा तैयार किया गया है।
उन्होंने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि आज इस विषय पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें पार्टी के कई प्रमुख नेता शामिल होंगे। इस बैठक में यह निर्धारित किया जाएगा कि हमारा घोषणापत्र किस प्रकार का होगा और इसमें किन बिंदुओं को शामिल किया जाएगा। इन सभी बिंदुओं पर चर्चा की जाएगी। हमारी कोशिश होगी कि यह बैठक सार्थक साबित हो और किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाए।
उन्होंने कहा कि हम इस मसौदे को आज शाम तक तैयार कर लेंगे। इसके बाद, हम शीर्ष नेतृत्व को इस विषय में सूचित करेंगे, और फिर हमारा शीर्ष नेतृत्व इसे सार्वजनिक करेगा।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने समता और धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार इस दिशा में काम कर रही है। हमने यह सुनिश्चित किया है कि समाज में धरातल पर समता को लागू किया जा सके।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोगों को शुभकामनाएं देते हैं। यह दुखद है कि मुख्यमंत्री स्टालिन लोगों को उनके त्योहारों पर बधाई नहीं देते। राज्य सरकार केवल अल्पसंख्यकों की चिंता करती है और बहुसंख्यकों के हितों पर कुठाराघात करती है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता है। धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है सभी धर्मों से जुड़े लोगों के साथ समान व्यवहार करना।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एचडी देवगौड़ा के संदर्भ में बयान दिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, तमिलिसै सौंदरराजन ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में यह स्वीकार किया कि उन्हें कांग्रेस से प्रेम था लेकिन उन्होंने एनडीए से गठबंधन कर लिया। वर्तमान में, कांग्रेस एक विफल पार्टी बन चुकी है। जो लोग इस पार्टी से जुड़े रहे हैं, वे अब अन्य पार्टियों में अवसर तलाश रहे हैं।
साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे एक विफल नेता हैं, जो अपनी पार्टी को नई आशा देने में असफल रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष के रूप में उन्होंने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।